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‘मौत का मलबा': पुरवामीर में हेक्सावेलेंट क्रोमियम की पुष्टि, दीवारों में दिखने लगा क्रोमियम युक्त कचरे का असर

Tue, 11 Aug 2026 09:44 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Tue, 11 Aug 2026 09:44 AM IST
सार

Kanpur News: महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर में 22 दिन पहले फेंके गए क्रोमियमयुक्त जहरीले कचरे में हेक्सावेलेंट क्रोमियम की पुष्टि हुई है, जो कैंसरकारक है। एनजीटी और शासन के संज्ञान के बाद गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट दो सप्ताह बाद भी सार्वजनिक नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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Kanpur Hexavalent chromium confirmed in Purvamir risk of lung cancer Impact waste begins to show on walls
पुरवामीर में दीवारों में दिखने लगा क्रोमियम युक्त कचरे का असर - फोटो : amar ujala

कानपुर में महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर समेत आसपास के गांवों में 22 दिन पहले रात में फेंका गया क्रोमियमयुक्त जहरीला कचरा अब ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता बन गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन के अनुसार जांच में ट्राईवेलेंट क्रोमियम के साथ हेक्सावेलेंट क्रोमियम की भी पुष्टि हुई है, जो लेदर टैनिंग, पिगमेंट निर्माण, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और स्टेनलेस स्टील वेल्डिंग जैसी औद्योगिक प्रक्रियाओं से पैदा हो सकता है।


हवा या पानी के जरिये शरीर में पहुंचने पर इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। नाक, गले और फेफड़ों में जलन व अल्सर तथा त्वचा पर रैश और एलर्जी भी हो सकती है। पुरवामीर, महोली, महुआ, तिवारीपुर और रूमा समेत आसपास के कई गांवों में कचरा खुले में पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक पुरवामीर स्थित तरंग रेस्टोरेंट की एक बोरिंग खराब हो चुकी है।

Kanpur Hexavalent chromium confirmed in Purvamir risk of lung cancer Impact waste begins to show on walls
पुरवामीर में दीवारों में दिखने लगा क्रोमियम युक्त कचरे का असर - फोटो : amar ujala

दीवारों पर उभर आए हैं हरे और पीले निशान
पास के सिद्धि फिलिंग स्टेशन की दीवारों पर हरे और पीले निशान उभर आए हैं और दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हाईवे किनारे पेड़-पौधों के सूखने की भी शिकायत है। ग्रामीणों का आरोप है कि हवा के साथ कचरा आसपास फैल रहा है। बारिश में कचरा बहकर दूसरी जगहों तक पहुंच रहा है जिससे भूगर्भ जल और पर्यावरण प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पशुओं को कचरे से बचाने के लिए ग्रामीण दिन-रात निगरानी कर रहे हैं।

Kanpur Hexavalent chromium confirmed in Purvamir risk of lung cancer Impact waste begins to show on walls
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala

पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी
मामला प्रदूषण नियंत्रण विभाग से लेकर एनजीटी, विधानसभा अध्यक्ष और लखनऊ के आला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शासन स्तर पर पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। हालांकि अब तक रिपोर्ट न आने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने यूपी पीसीबी पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट सार्वजनिक करने और कचरा सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है।

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Kanpur Hexavalent chromium confirmed in Purvamir risk of lung cancer Impact waste begins to show on walls
महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala

हेक्सावेलेंट क्रोमियम से गंभीर स्वास्थ्य खतरा
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. एसके गौतम ने बताया कि हेक्सावेलेंट क्रोमियम लेदर टैनिंग, पिगमेंट निर्माण, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और स्टेनलेस स्टील वेल्डिंग जैसी औद्योगिक प्रक्रियाओं से पैदा होता है। सांस या पानी के जरिये शरीर में पहुंचने पर यह कैंसर (विशेषकर फेफड़ों व लिवर के कैंसर) का खतरा बढ़ा सकता है और गंभीर अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

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Kanpur Hexavalent chromium confirmed in Purvamir risk of lung cancer Impact waste begins to show on walls
बारिश के पानी में तेजी से फैल रहा क्रोमियम युक्त हरा कचरा - फोटो : amar ujala

अमर उजाला की खबर के बाद गठित हुई कमेटी
अमर उजाला ने 19 जुलाई को मौत का मलबा: महाराजपुर में फिर लौटा क्रोमियम का आतंक, खेतों में फेंका जा रहा फैक्टरियों का कचरा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर यूपी पीसीबी के मुख्य पर्यावरण अधिकारी (प्रशासन) रामगोपाल ने 25 जुलाई को पांच सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय के मुख्य पर्यावरण अधिकारी (प्रभारी) वृत्त-दो विमल कुमार, यूपी पीसीबी उन्नाव के क्षेत्रीय अधिकारी उपेंद्र प्रसाद, पर्यावरण अभियंता रितेश मौर्य, एडवाइजर एचबी सिंह और डॉ. नेहा जायसवाल की कमेटी गठित की गई। कमेटी ने पुरवामीर और आसपास पड़े हरे कचरे का निरीक्षण कर नमूने लिए।

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