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Kanpur: म्यूल खातों से साइबर ठगी की रकम नकद निकालने वाले छह गिरफ्तार, ये सामान बरामद

Sun, 19 Jul 2026 11:46 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Sun, 19 Jul 2026 11:46 PM IST
सार

Kanpur News: साइबर ठगी के छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। नवाबगंज पुलिस ने आरोपियों के पास से 25 डेबिट कार्ड, चेक बुक आदि बरामद किए हैं।

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Kanpur: Six arrested for withdrawing cash from 'mule' accounts linked to cyber fraud
पकड़े गए साइबर ठगी के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते जुटाने और उनसे नकद रकम निकाल कर क्रिप्टो करेंसी में खपाने वाले छह शातिरों को नवाबगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 25 डेबिट कार्ड, चेकबुक आदि बरामद किए। पुलिस ने इन्हें गंगा बैराज बिठूर रोड पर डेबिट कार्ड और चेकबुक को नष्ट करने के लिए पहुंचने के दौरान धर दबोचा। पुलिस को शास्त्रीनगर निवासी इनके हैंडलर की तलाश है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

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एसीपी कर्नलगंज आकांक्षा पांडेय ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों में शिवाजीनगर निवासी आदित्य बाजपेई, रावतपुर निवासी यश प्रताप सिंह, दादानगर लेबर काॅलोनी निवासी अतुल सिन्हा, शास्त्रीनगर का विराज सिंह, कृष्णा व काकादेव का शिवांश गुप्ता शामिल हैं। आरोपी 15 से 20 हजार रुपये देकर लोगों से उनके बैंक खाते की चेकबुक और डेबिट कार्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद दिल्ली में बैठा इनका साथी वर्मा इन खातों में देश भर से ठगी गई रकम भेजता था।

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इसे आरोपी बैंक खातों से नकद निकाल लेते थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विष्णुपुरी निवासी स्नातक छात्र हर्ष गौड़ ने रिपोर्ट दर्ज करा कराई थी। हर्ष के अनुसार उसकी मुलाकात आदित्य बाजपेई से चाय की दुकान पर हुई थी। आदित्य ने घर बैठे रुपये कमाने का झांसा देकर बैंक खाता मांगा। उन्होंने दोस्त सचिन का बैंक खाता, चेकबुक, एटीएम कार्ड उसे दे दिया। बदले में उसे 15 हजार रुपये तक मिले। हालांकि कुछ दिन बाद खाता फ्रीज होने पर बैंक से खाते में साइबर ठगी के 14 लाख आने का पता चला।

 

वहीं, कुछ दिनों बाद केरल पुलिस सचिन के घर पहुंची और ठगी की रकम खाते में आने का नोटिस तामील कराया। इसके बाद उन्होंने नवाबगंज पुलिस को जानकारी दी। जांच शुरू हुई तो नजीराबाद स्थित बैंक खाते से नकद निकासी की जानकारी हुई। इसके बाद आरोपियों की निगरानी शुरू हुई और सभी को दबोच लिया गया। आरोपियों ने ठगी की रकम से कई बार बैंकॉक और थाइलैंड की यात्रा की है। उनके पास से मिले करीब 35 खातों में 1.50 करोड़ रुपये आए थे। इन खातों पर 50 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।


 
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कॉमन था सभी डेबिट कार्ड का पासवर्ड
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह चेकबुक, पासबुक, डेबिट कार्ड लेकर क्षितिज को देते थे। कार्ड का पासवर्ड याद रखने में आसानी हो इसलिए सभी का पासवर्ड कॉमन रखा था। खाते में रकम आने पर साथियों को कार्ड देकर पैसा निकलवा लिया जाता। अगर चेकबुक से पैसा निकालना हो तो खाताधारक को क्षितिज बुलाता था और रकम निकालने के बाद छोड़ देता था।

 

कोल्ड वॉलेट का करते थे इस्तेमाल
एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि साइबर ठगी से आने वाली रकम क्षितिज सभी खातों से कलेक्ट कर एक सुरक्षित खाते में जमा करता था। उसके बाद बाईनेंस, बाइबिट, बिटगेट, मेटा मास्क व कोल्ड वाॅलेट ट्रस्ट वाॅलेट नामक क्रिप्टो प्लेटफार्म से डॉलर खरीदा जाता। क्षितिज दिल्ली में बैठे वर्मा जी नाम के युवक के माध्यम से डॉलर को क्रिप्टो करेंसी में बदल देता। पुलिस की जांच में सामने आया कि वर्मा का संपर्क चाइना से है। आरोपियों के पास से मिले सभी खातों से औसतन 15–15 लाख की रकम निकाली जा चुकी है।
 
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