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गंगा में प्रदूषण रोकने को उठाया गया बड़ा कदम, की गयी ये व्यवस्था
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:34 PM IST
सार
- केंद्रीय जल आयोग की छह नई साइटों पर काम शुरू
- पांडु, ईसांग, काली नदी की ‘वॉटर बजटिंग’ भी होगी
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गंगा प्रदूषण
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कानपुर की गंगा नदी में किस जिले से कितना प्रदूषण आ रहा है? अब इसका पूरा ब्यौरा तैयार होगा। प्रदूषण के आकलन के साथ यह भी आंकड़ा तैयार होगा कि गंगा में सहयोगी नदियों के जरिये जिलों से कितना पानी आ रहा है। इसके लिए केंद्रीय जल आयोग गंगा किनारे छह नई साइट खोल रहा है।
गंगा प्रदूषण
केंद्रीय जल आयोग गंगा बेसिन की पांडु नदी, ईसन, काली नदी और कृष्णा नदी पर छह नई साइट खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार से साइट पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी कर दिए गए हैं। गंगा नदी पर जल आयोग की छह साइट पहले से चल रही हैं। नई मिलाकर अब कुल 12 साइट हो जाएंगी। पांडु, ईसन और कृष्णा नदी पर पहली बार साइट शुरू की जा रही है। काली नदी पर एक साइट पहले से चल रही है। दो नई साइट खुलने से अब यहां तीन साइट हो जाएंगी।
गंगा प्रदूषण
केंद्रीय जल आयोग के सब डिवीजनल इंजीनियर केके पांडेय ने बताया कि छह नई साइट के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी हो गए हैं। साइटों पर मुख्य रूप से गंगा की स्वच्छता को लेकर काम होगा।
इससे पता चलेगा कि गंगा में मिलने वाली सहयोगी नदियों में किस जिले से कितना प्रदूषण, गंदगी और पानी आ रहा है। सहयोगी नदियों से गंगा को मिलने वाले कुल पानी का ब्योरा भी तैयार होगा। प्रदूषित, गंदा पानी प्रवाहित करने वाले जिलों में फिल्टर लगाए जाएंगे। शोधित जल को ही गंगा में छोड़ने दिया जाएगा।
इससे पता चलेगा कि गंगा में मिलने वाली सहयोगी नदियों में किस जिले से कितना प्रदूषण, गंदगी और पानी आ रहा है। सहयोगी नदियों से गंगा को मिलने वाले कुल पानी का ब्योरा भी तैयार होगा। प्रदूषित, गंदा पानी प्रवाहित करने वाले जिलों में फिल्टर लगाए जाएंगे। शोधित जल को ही गंगा में छोड़ने दिया जाएगा।
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बढ़ा प्रदूषण
केंद्रीय जल आयोग की नई साइट
- पांडु नदी पर पुरवामीर में
- ईसन नदी पर उसमारा और बिल्हौर में
- काली नदी पर कासगंज और अतरौली में
- कृष्णा नदी पर बांगरमऊ, उन्नाव में
जल आयोग की पहले चल रहीं साइट
गुमटिया (कन्नौज), अंकिंग घाट (अरौल), शुक्लागंज, बिटौरा (फतेहपुर), डलमऊ (रायबरेली), बेवर (मैनपुरी)
- पांडु नदी पर पुरवामीर में
- ईसन नदी पर उसमारा और बिल्हौर में
- काली नदी पर कासगंज और अतरौली में
- कृष्णा नदी पर बांगरमऊ, उन्नाव में
जल आयोग की पहले चल रहीं साइट
गुमटिया (कन्नौज), अंकिंग घाट (अरौल), शुक्लागंज, बिटौरा (फतेहपुर), डलमऊ (रायबरेली), बेवर (मैनपुरी)