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Kanpur News: शहर के किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट से जुड़े इत्रनगरी के तार
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कन्नौज। कानपुर के किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट से जुड़े कन्नौज के दो झोलाछाप को को एसटीएफ ने शनिवार को उठाया है। तिर्वा से झोलाछाप रोहन और सौरिख से संदीप को हिरासत में लेकर शहर लाया गया। यह कार्रवाई देर शाम की गई जिसके बाद अवैध कारोबार की कई और पर्तें खुलने की उम्मीद है।
तिर्वा कस्बे के अशोकनगर निवासी रोहन ने बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करना सीखा था और 15 वर्ष से सक्रिय था। उसने पहले तिरुपति नर्सिंगहोम खोला था जो छह माह बाद जच्चा-बच्चा की मौत के बाद बंद हो गया। इसके बाद उन्नाव के बांगरमऊ और कानपुर के कल्याणपुर में भी नर्सिंगहोम में मरीजों की मौत के कारण बंद करना पड़ा। दो वर्ष से रोहन तिर्वा के गांधी चौराहे पर मेडिलाइफ नाम से क्लीनिक चला रहा था। वह गंभीर मरीजों को कानपुर के चुनिंदा अस्पतालों में भेजता था और प्रति मरीज के बिल पर 15 से 20 फीसदी कमीशन लेता था।
एसटीएफ ने बरधइया रोड पर रोहन को उसकी कार खड़ी करते ही हिरासत में ले लिया। उसे तुरंत कानपुर ले जाया गया जिससे उसके किडनी ट्रांसप्लांट कारोबार में शामिल होने की आशंका है। सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
रोहन के बाद एसटीएफ सौरिख कस्बे में पहुंची। संदीप नाम के युवक को उठा लिया। बताया गया कि संदीप भी झोलाछाप है। उसके रोहन समेत कानपुर के कई डॉक्टरों से उसका संपर्क है। वह किडनी ट्रांसप्लांट के कारोबार में कब शामिल हुआ इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। एसटीएफ के जवानों ने भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। वहीं, जिले के आला अधिकारी भी दिन भर अनभिज्ञता जताते रहे।
वर्जन
कानपुर एसटीएफ ने किडनी कांड में दो लोगों को उठाया है लेकिन इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं दी है। इस बारे में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ही खुलासा करेगी।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक
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तिर्वा कस्बे के अशोकनगर निवासी रोहन ने बिना डिग्री के मरीजों का इलाज करना सीखा था और 15 वर्ष से सक्रिय था। उसने पहले तिरुपति नर्सिंगहोम खोला था जो छह माह बाद जच्चा-बच्चा की मौत के बाद बंद हो गया। इसके बाद उन्नाव के बांगरमऊ और कानपुर के कल्याणपुर में भी नर्सिंगहोम में मरीजों की मौत के कारण बंद करना पड़ा। दो वर्ष से रोहन तिर्वा के गांधी चौराहे पर मेडिलाइफ नाम से क्लीनिक चला रहा था। वह गंभीर मरीजों को कानपुर के चुनिंदा अस्पतालों में भेजता था और प्रति मरीज के बिल पर 15 से 20 फीसदी कमीशन लेता था।
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एसटीएफ ने बरधइया रोड पर रोहन को उसकी कार खड़ी करते ही हिरासत में ले लिया। उसे तुरंत कानपुर ले जाया गया जिससे उसके किडनी ट्रांसप्लांट कारोबार में शामिल होने की आशंका है। सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
रोहन के बाद एसटीएफ सौरिख कस्बे में पहुंची। संदीप नाम के युवक को उठा लिया। बताया गया कि संदीप भी झोलाछाप है। उसके रोहन समेत कानपुर के कई डॉक्टरों से उसका संपर्क है। वह किडनी ट्रांसप्लांट के कारोबार में कब शामिल हुआ इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। एसटीएफ के जवानों ने भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। वहीं, जिले के आला अधिकारी भी दिन भर अनभिज्ञता जताते रहे।
वर्जन
कानपुर एसटीएफ ने किडनी कांड में दो लोगों को उठाया है लेकिन इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं दी है। इस बारे में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ही खुलासा करेगी।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक