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Kaushambi News: फाइलों की गर्माहट बढ़ा रहे अलाव और कंबल, ठिठुर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:51 AM IST
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महेवाघाट। सर्दी का असर दिखने लगा है। दो दिनों से मौसम में आए परिवर्तन से गलन भी होने लगी है। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में दिखने लगा है। लेकिन, जिले में सर्दी से राहत के इंतजाम जगह-जगह लगने वाले अलाव और कंबल अब भी फाइलों की गर्माहट ही बढ़ा रहे हैं। वहीं, सर्दी से लोग ठिठुरते दिख रहे हैं।
जिला प्रशासन की सुस्ती जस की तस बनी हुई है। सर्दी के करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो गांवों में अलाव जलते दिख रहे हैं और न ही जरूरतमंदों तक कंबल पहुंच पाए हैं। जिले की तीनों तहसीलों के साथ ही आठ नगर पंचायत व दो नगर पालिका परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सर्दी से राहत के लिए प्रशासन कंबल व अलाव की सुविधा देता है।
इसके लिए करीब 10 लाख का बजट भी हर साल आवंटित होता है। इसके बाद भी अब तक इंतजाम नहीं हो सका। जिले में अब तक कंबल खरीद की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि किसी भी तहसील में वितरण के लिए एक भी कंबल उपलब्ध नहीं है। सर्दी से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग, मजदूर और बेघर लोग हैं। जो रातें ठिठुरते हुए काटने को मजबूर हैं। हर साल सर्दी तय समय पर आती है फिर भी प्रशासन समय रहते तैयारी क्यों नहीं करता, यह समझ से परे है।
नहीं जलते अलाव
-- - गांवों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोग ठंड से बचने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। मजदूरी कर परिवार पालने वाले बीरबल कहते हैं कि प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा सीधे गरीबों को भुगतना पड़ रहा है।
कंबल जेम पोर्टल के माध्यम से जिला प्रशासन खरीदता है। जैसे ही कंबल तहसील में पहुंचेंगे, राजस्व कर्मियों के माध्यम से पात्र जरूरतमंदों को वितरण कराया जाएगा। अलाव की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। -एसपी वर्मा, एसडीएम मंझनपुर
कंबल खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 24 घंटे के भीतर सभी तहसीलों में कंबल पहुंच जाएंगे। गांवों में अलाव की व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।- शालिनी प्रभाकर, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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जिला प्रशासन की सुस्ती जस की तस बनी हुई है। सर्दी के करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो गांवों में अलाव जलते दिख रहे हैं और न ही जरूरतमंदों तक कंबल पहुंच पाए हैं। जिले की तीनों तहसीलों के साथ ही आठ नगर पंचायत व दो नगर पालिका परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सर्दी से राहत के लिए प्रशासन कंबल व अलाव की सुविधा देता है।
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इसके लिए करीब 10 लाख का बजट भी हर साल आवंटित होता है। इसके बाद भी अब तक इंतजाम नहीं हो सका। जिले में अब तक कंबल खरीद की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि किसी भी तहसील में वितरण के लिए एक भी कंबल उपलब्ध नहीं है। सर्दी से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग, मजदूर और बेघर लोग हैं। जो रातें ठिठुरते हुए काटने को मजबूर हैं। हर साल सर्दी तय समय पर आती है फिर भी प्रशासन समय रहते तैयारी क्यों नहीं करता, यह समझ से परे है।
नहीं जलते अलाव
कंबल जेम पोर्टल के माध्यम से जिला प्रशासन खरीदता है। जैसे ही कंबल तहसील में पहुंचेंगे, राजस्व कर्मियों के माध्यम से पात्र जरूरतमंदों को वितरण कराया जाएगा। अलाव की व्यवस्था के लिए ग्राम पंचायतों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। -एसपी वर्मा, एसडीएम मंझनपुर
कंबल खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 24 घंटे के भीतर सभी तहसीलों में कंबल पहुंच जाएंगे। गांवों में अलाव की व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।- शालिनी प्रभाकर, एडीएम वित्त एवं राजस्व
