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39 पन्नों के फर्जी एग्रीमेंट पर करवाए थे हस्ताक्षर: सहजनवां के जनप्रतिनिधि भी हुए ठगी के शिकार, गंवा चुके हैं

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: Rohit Singh Updated Wed, 08 Apr 2026 11:56 AM IST
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सार

लिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे गए वैभव मणि ने फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर सहजनवां के जनप्रतिनिधि के भी 80 लाख रुपये लगवा दिए थे। आरोपियों ने उन्हें मुंबई बुलाकर 39 पन्ने के फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए। जब जनप्रतिनिधि को धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

Even public representatives from Sahjanwa were duped in the name of a fake Fashion TV franchise.
मुंबई में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपियों ने सहजनवां के एक जनप्रतिनिधि को भी अपने जाल में फंसाया और उनके 80 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में पुलिस ने पहले ही जनप्रतिनिधि के एक परिचित वैभव मणि त्रिपाठी को जेल भेजा था, जिसने जालसाजों से डील की मध्यस्थता की थी।

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पुलिस इस मामले में ठगी के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को अब तक जेल भिजवा चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। ठगी की शिकार रामगढ़ताल थानाक्षेत्र की शिवपुर कॉलोनी की रहने वाली जूही सिंह ने वैभव, करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनौडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

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बीते फरवरी माह में पुलिस ने आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड मुंबई के सांताक्रूज निवासी काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक, कृष्णा कुमारी और नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा के नाम बताए थे।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे गए वैभव मणि ने फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर सहजनवां के जनप्रतिनिधि के भी 80 लाख रुपये लगवा दिए थे। आरोपियों ने उन्हें मुंबई बुलाकर 39 पन्ने के फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए। जब जनप्रतिनिधि को धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

हस्ताक्षर और बैंक अकाउंट की जांच शुरू
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस ने जालसाजों की ओर से इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है। साथ ही निवेशकों की ओर से भेजी गई रकम के बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है ताकि पता चले कि आरोपियों के खातों में कितनी रकम आई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।

पूछताछ में पता चला कि ठगी के मास्टरमाइंड काशिफ खान का फैशन टीवी से करार था लेकिन उसे फ्रेंचाइजी देने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद उसने पूरे देश में लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस अब अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
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