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Kushinagar News: वन विभाग ने खड़े किए हाथ...चंदा जुटाकर ग्रामीणों ने पकड़वाए बंदर

संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 13 Apr 2026 12:04 AM IST
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Forest Department Throws Up Its Hands... Villagers Chip In to Capture Monkeys
उत्पदाती बंदरों को पकड़ते लोग। सोशल मीडिया
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जोकवा बाजार। फाजिलनगर ब्लॉक के दस गांवों में करीब छह माह से बंदरों का आतंक था। लोगों पर बंदर हमला कर रहे थे।
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सर्वाधिक बच्चों पर हमला कर रहे थे। इससे अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रह रहे थे,वन विभाग से गांव वालों ने दस से अधिक बार शिकायत की, लेकिन वन विभाग ग्रामसभा की जिम्मेदारी बताकर बंदरों को पकड़ने से मना कर दे रहा था।
बंदरों के आतंक से परेशान गांव वालों ने आपस में चंदा जुटाकर शिकारियों को बुलाया। शिकारियों ने तीन दिन के प्रयास के बाद 25 बंदरों को जाल में कैद कर गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में रविवार को छोड़ दिया।
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ब्लॉक के जोकवा बाजार, अमवां, सोहंग, महुआवा खुर्द, धुंवलिया, मधुरिया और धौरहरा समेत दस गांवों में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया था कि लोग दहशत में जीने को मजबूर थे। कई बंदर ग्रामीणों पर हमला कर चुके थे, जिसमें 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने डर के चलते घरों से निकलना तक कम कर दिया था। बंदरों के भय से सब्जी की खेती और अन्य फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हो रही थीं। हालात ऐसे थे कि बच्चों को कड़ी निगरानी में स्कूल पहुंचाना पड़ता था।
लगातार बढ़ रही परेशानी से तंग आकर ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर दुदही क्षेत्र से चार-पांच शिकारियों को बुलाया।
शुक्रवार से शुरू हुए अभियान में टीम ने गांव में डेरा डालकर तीन दिनों तक लगातार प्रयास किया और अंततः सभी बंदरों को जाल में पकड़ने के बाद बांस की डोलियों में रखकर गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में छोड़ा गया। बंदरों के पकड़े जाने के बाद इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, वन विभाग का कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए कोई बजट नहीं है। गांव वालों ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए शिकारियों को 30 हजार से अधिक रुपये देने पड़े हैं।
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