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Kushinagar News: नगर निकाय के रिकॉर्ड से होर्डिंग नदारद, सड़कों पर भरमार

Sun, 25 Oct 2026 01:10 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:10 AM IST
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Hoardings missing from municipal records, yet abundant on the streets
पडरौना शहर के सुभाष चौक पर बिजली पोलों पर लगी बैनर पोस्टर। 
कसया में करीब 10 स्थानों पर लगे अवैध या संदिग्ध विज्ञापन बोर्ड
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एक होर्डिंग से एजेंसी या ठेकेदार को हर महीने आठ से 10 हजार रुपये की कमाई

कसया। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन होर्डिंग की भरमार है लेकिन इनमें से कई के नगर निकाय के रिकॉर्ड में नहीं है। कसया शहर में करीब 10 स्थानों पर लगे होर्डिंग अवैध या संदिग्ध बताए जा रहे हैं। इन होर्डिंग के लिए अनुमति नहीं ली गई है। इससे निकाय को राजस्व का नुकसान हो रहा है।

होर्डिंग का रिकॉर्ड नगर निकाय में दर्ज नहीं होने के कारण मनमाने तरीके से कहीं विज्ञापन लगा दिया जा रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय स्तर पर एक होर्डिंग से एजेंसी या ठेकेदार को हर महीने करीब आठ से 10 हजार रुपये तक की कमाई होने का अनुमान है। पडरौना में 10 सहित कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र में कुल 26 स्थानों पर यूनिपोल लगाए हैं। शहर में लगाए गए यूनिपोल से पालिका प्रशासन को 24000 रुपये सालाना की कमाई होती है।
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इसके अलावा शहर के कुछ स्थानों पर लोहे के एंगल पर स्थानीय लोग भी नगर पालिका प्रशासन से अनुमति लेकर निर्धारित शुल्क जमा कर होर्डिंग लगाते हैं। लेकिन शहर के कसाडा चौक, गांधी चौक, देवरिया रोड, सपहा रोड और कुशीनगर मार्ग पर करीब 10 से अधिक स्थानों पर अवैध तौर पर होर्डिंग लगाए गए हैं।शहर में करीब 10 स्थानों पर लगे होर्डिंग से होने वाली कमाई का अनुमान लगाया जाए तो हर महीने 80 हजार से एक लाख रुपये तक नगर पालिका को घाटा उठाना पड़ रहा है। इस हिसाब से सालाना कमाई 9.60 लाख से 12 लाख रुपये तक पहुंचती है।
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बिना अनुमति विज्ञापन लगाने पर कार्रवाई का प्रावधान

नगर निकाय क्षेत्र में विज्ञापन होर्डिंग लगाने के लिए संबंधित स्थानीय निकाय के नियमों के अनुसार अनुमति लेना और निर्धारित शुल्क जमा करना आवश्यक होता है। निजी भवनों की छत या दीवार पर विज्ञापन लगाने के मामले में भी संपत्ति मालिक की सहमति के साथ लागू नियमों का पालन करना पड़ सकता है। इसके अलावा, होर्डिंग की संरचना सुरक्षित होना जरूरी है ताकि तेज हवा या आंधी के दौरान किसी तरह का हादसा न हो। सड़क किनारे, चौराहों और यातायात की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर लगे विज्ञापन बोर्ड भी जांच के दायरे में आने चाहिए। सूत्रों के अनुसार जिन होर्डिंग की अनुमति नहीं है उनके खिलाफ नगर निकाय नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी में है।

वर्जन

26 स्थानों पर नगर पालिका की अनुमति से यूनिपोल लगाए हैं। इन यूनिपोल से नगर पालिका को सालाना 24000 रुपये सालाना आय होती है। इसके अलावा शहर के कुछ स्थानों पर स्थानीय लोग नगर पालिका की तरफ से निर्धारित शुल्क जमा करके लोहे के एंगल पर अपना विज्ञापन लगाए हैं। शेष स्थानों पर लगे होर्डिंग अवैध हैं। शहर में लगे अवैध होर्डिंग को चिह्नित कर संबंधित को नोटिस दी जाएगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- अंकिता शुक्ला, ईओ, नगर पालिका परिषद कुशीनगर।
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