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Kushinagar News: तापमान 43 के पार, हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 23 Apr 2026 02:57 AM IST
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मेडिकल कॉलेज कुशीनगर के इमरजेंसी में उपचार के लिए पहुंचे मरीज।संवाद
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पडरौना। तापमान बुधवार को 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया, पूरे दिन लू चली। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। तल्ख मौसम का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। सरकारी अस्पतालों में डायरिया के लक्षण, पेट संबंधी रोगियों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी के अलावा बाकी बेड भी फुल है। हीट वेव व लू के मरीजों के इलाज के लिए को भर्ती करने के लिए इमरजेंसी के पास आठ बेड का वार्ड बनाया गया है।
तापमान 43 पार होते ही अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी कक्ष के प्रथम तल पर आठ बेड का डेडिकेटेड हीट वेव वार्ड बनाया है। पूर्णतः वातानुकूलित इस वार्ड में हीट वेव के मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं का प्रबंध किया गया है। इसमें आइसपैक, आरएल, एनएस, डीएनएस, ओआरएस, पैरासीटामोल सहित अन्य दवाएं रखी गई हैं।
सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने डेडिकेटेड हीट वेव वार्ड का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अब तक लू या हीट वेव के एक भी मरीज का इलाज डेडिकेटेड वार्ड में नहीं हुआ है। उन्होंने हाई फीवर, पसीना नहीं आना, उल्टी, तेज सिरदर्द, बेहोशी, बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत इलाज कराने की सलाह दी। पिछले 24 घंटे में इमरजेंसी में 116 मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। चिकित्सकों ने भर्ती कर इलाज किया। राहत मिलने पर डिस्चार्ज कर दिया।
बुधवार को दिन में पछुआ व रात में पुरवा हवा के बाद भी दिन में पारा करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात में 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है। सहालग का सीजन होने से शादियों कार्यक्रमों में रात तक मसालेदार भोजन से पेट दर्द, डायरिया की चपेट में आने वाले मरीज इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। बुधवार को इलाज के लिए आठ सौ से अधिक मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिजिशियन डॉ. उपेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय डायरिया का खतरा बढ़ गया है। लोगाें को हर घंटे एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन मौसम में की बेरुखी को देखते हुए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। आठ वार्ड के बनाए गए लू वार्ड में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था भी कर ली गई है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी पर दो बेड का लू वार्ड बनाया गया है। दवाओं की व्यवस्था के साथ जरूरी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लू का एक भी मरीज नहीं आया है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार, सर्दी के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
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डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय
-फल एवं गन्ने का जूस और नारियल पानी पीएं
-कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं
-धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें
-बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें
-दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।
-शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें
-गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें।
-छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें।
-उल्टी, तेज सिरदर्द, बेहोशी होने पर तुरंत जांच कराएं
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मेडिकल कॉलेज में लू की चपेट में आने वाले मरीजों के इलाज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आठ बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। डॉक्टरों को आने वाले मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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सीएचसी में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है। हर सीएचसी में दो बेड का वार्ड बनाया गया है। लू की चपेट में आने वाले मरीजों को इसमें भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई हैं। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर
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तापमान 43 पार होते ही अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी कक्ष के प्रथम तल पर आठ बेड का डेडिकेटेड हीट वेव वार्ड बनाया है। पूर्णतः वातानुकूलित इस वार्ड में हीट वेव के मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं का प्रबंध किया गया है। इसमें आइसपैक, आरएल, एनएस, डीएनएस, ओआरएस, पैरासीटामोल सहित अन्य दवाएं रखी गई हैं।
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सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने डेडिकेटेड हीट वेव वार्ड का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अब तक लू या हीट वेव के एक भी मरीज का इलाज डेडिकेटेड वार्ड में नहीं हुआ है। उन्होंने हाई फीवर, पसीना नहीं आना, उल्टी, तेज सिरदर्द, बेहोशी, बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत इलाज कराने की सलाह दी। पिछले 24 घंटे में इमरजेंसी में 116 मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। चिकित्सकों ने भर्ती कर इलाज किया। राहत मिलने पर डिस्चार्ज कर दिया।
बुधवार को दिन में पछुआ व रात में पुरवा हवा के बाद भी दिन में पारा करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात में 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है। सहालग का सीजन होने से शादियों कार्यक्रमों में रात तक मसालेदार भोजन से पेट दर्द, डायरिया की चपेट में आने वाले मरीज इमरजेंसी में पहुंच रहे हैं। बुधवार को इलाज के लिए आठ सौ से अधिक मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे। फिजिशियन डॉ. उपेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय डायरिया का खतरा बढ़ गया है। लोगाें को हर घंटे एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहना चाहिए।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन मौसम में की बेरुखी को देखते हुए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। आठ वार्ड के बनाए गए लू वार्ड में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था भी कर ली गई है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि जिले की सभी सीएचसी पर दो बेड का लू वार्ड बनाया गया है। दवाओं की व्यवस्था के साथ जरूरी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लू का एक भी मरीज नहीं आया है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार, सर्दी के सर्वाधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
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डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय
-फल एवं गन्ने का जूस और नारियल पानी पीएं
-कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं
-धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें
-बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें
-दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।
-शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें
-गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें।
-छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें।
-उल्टी, तेज सिरदर्द, बेहोशी होने पर तुरंत जांच कराएं
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मेडिकल कॉलेज में लू की चपेट में आने वाले मरीजों के इलाज की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आठ बेड का वार्ड आरक्षित कर दिया गया है। डॉक्टरों को आने वाले मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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सीएचसी में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है। हर सीएचसी में दो बेड का वार्ड बनाया गया है। लू की चपेट में आने वाले मरीजों को इसमें भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई हैं। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर

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