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Kushinagar News: पचास हजार रुपये फिरौती के लिए किया था बच्चे का अपहरण, आरोपी गिरफ्तार
Thu, 20 Aug 2026 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:54 AM IST
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पडरौना। सोहनरिया गांव में दुलारने के बहाने तीन वर्षीय बच्चे का अपहरण कर पचास हजार रुपये फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने आरोपी राममिलन यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। पश्चिमी चंपारण के धनहा थाना क्षेत्र के बगहवा का रहने वाला आरोपी राममिलन यादव बच्चे परिवार से परिचित था और गांव के कई घरों में उसका आना-जाना था। वह बच्चों के साथ खेलता और दुलारता था। इसी वजह से घर के लोग उस पर भरोसा करते रहे।
सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि 17 अगस्त की शाम करीब तीन बजे संदीप शर्मा का तीन वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था। राममिलन यादव उसे अपने साथ ले गया। कुछ देर बाद बच्चे के पिता को फोन कर पचास हजार रुपये फिरौती की मांग की। बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। एसपी के निर्देश पर बच्चे की तलाश में कई टीमें लगाई गईं।
पुलिस ने बिहार के धनहा पुलिस की मदद से चार घंटे में वारदात के दिन ही बच्चे को ढूंढ़ निकाला लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था। पुलिस ने बुधवार को आरोपी राममिलन यादव निवासी बगहवा, थाना धनहा, पश्चिमी चंपारण, बिहार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कई साल से सोहनरिया गांव में रह रहा था और एक व्यक्ति का ट्रैक्टर चलाता था। गांव के लोगों में उसकी अच्छी पहचान थी। बच्चों के साथ घुलने-मिलने और परिवारों में आने-जाने के कारण वह उनके लिए अपरिचित नहीं था। पुलिस का मानना है कि इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने बच्चे को आसानी से अगवा कर लिया था।
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सीओ सिटी की सलाह
-बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक रहें सतर्क
-छोटे बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने के लिए न छोड़ें।
-बच्चे को किसी परिचित व्यक्ति के साथ भी भेजने से पहले अभिभावक को इसकी जानकारी जरूर हो।
-बच्चों को समझाएं कि कोई व्यक्ति टॉफी, खिलौना या घुमाने का लालच देकर बुलाए तो उसके साथ न जाएं।
-बच्चे को परिवार के सदस्यों के फोन नंबर और घर का पता याद कराएं।
-बच्चों को यह भी बताएं कि मुसीबत में आसपास के लोगों, पुलिस या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद मांगें।
-घर के आसपास संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई देने पर उसकी जानकारी पुलिस को दें।
-बच्चे की तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
-स्कूल या खेल के स्थान से बच्चे के आने-जाने का समय और रास्ता अभिभावक को पता होना चाहिए।
-किसी परिचित के अचानक बच्चे को अपने साथ ले जाने पर भी अभिभावक को इसकी पुष्टि किए बिना भरोसा नहीं करना चाहिए।
-बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो उससे सहज तरीके से बात कर पता करें कि कहीं किसी ने उसे डराया या लालच तो नहीं दिया।
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सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि 17 अगस्त की शाम करीब तीन बजे संदीप शर्मा का तीन वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था। राममिलन यादव उसे अपने साथ ले गया। कुछ देर बाद बच्चे के पिता को फोन कर पचास हजार रुपये फिरौती की मांग की। बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। एसपी के निर्देश पर बच्चे की तलाश में कई टीमें लगाई गईं।
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पुलिस ने बिहार के धनहा पुलिस की मदद से चार घंटे में वारदात के दिन ही बच्चे को ढूंढ़ निकाला लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था। पुलिस ने बुधवार को आरोपी राममिलन यादव निवासी बगहवा, थाना धनहा, पश्चिमी चंपारण, बिहार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कई साल से सोहनरिया गांव में रह रहा था और एक व्यक्ति का ट्रैक्टर चलाता था। गांव के लोगों में उसकी अच्छी पहचान थी। बच्चों के साथ घुलने-मिलने और परिवारों में आने-जाने के कारण वह उनके लिए अपरिचित नहीं था। पुलिस का मानना है कि इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने बच्चे को आसानी से अगवा कर लिया था।
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सीओ सिटी की सलाह
-बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक रहें सतर्क
-छोटे बच्चों को घर के बाहर अकेले खेलने के लिए न छोड़ें।
-बच्चे को किसी परिचित व्यक्ति के साथ भी भेजने से पहले अभिभावक को इसकी जानकारी जरूर हो।
-बच्चों को समझाएं कि कोई व्यक्ति टॉफी, खिलौना या घुमाने का लालच देकर बुलाए तो उसके साथ न जाएं।
-बच्चे को परिवार के सदस्यों के फोन नंबर और घर का पता याद कराएं।
-बच्चों को यह भी बताएं कि मुसीबत में आसपास के लोगों, पुलिस या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद मांगें।
-घर के आसपास संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई देने पर उसकी जानकारी पुलिस को दें।
-बच्चे की तस्वीर और पहचान संबंधी जानकारी अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
-स्कूल या खेल के स्थान से बच्चे के आने-जाने का समय और रास्ता अभिभावक को पता होना चाहिए।
-किसी परिचित के अचानक बच्चे को अपने साथ ले जाने पर भी अभिभावक को इसकी पुष्टि किए बिना भरोसा नहीं करना चाहिए।
-बच्चे के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो उससे सहज तरीके से बात कर पता करें कि कहीं किसी ने उसे डराया या लालच तो नहीं दिया।