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मेडिकल कॉलेज : भीड़ बढ़ी तो चरमराई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:30 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे कक्ष के बाहर बैठ कर अपनी बारी की इंतजार करते मरीज।संवाद
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पडरौना। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने के मकसद से करोड़ों रुपये खर्च कर बने मेडिकल कॉलेज में संसाधनों और स्टाफ का अभाव है। मरीजों की भीड़ बढ़ने पर चिकित्सा सेवा चरमरा रही है। मरीजों की संख्या की तुलना में एक्स-रे मशीन व रेडियोलॉजिस्ट की कमी से मरीजों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन अवकाश के बाद सोमवार को मेडिकल कॉलेज खुला तो मरीजों की संख्या 1334 के पार पहुंच गई। सामान्य दिनों में 800 से 1000 तक मरीज आते हैं।
मेडिकल कॉलेज में एक अल्ट्रासाउंड मशीन और एक ही रेडियोलाॅजिस्ट भी हैं। मरीजों की जांच में समय लगने के साथ ही उनकी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे फिल्म की रिपोर्ट तैयार कर मरीज को मुहैया करवाया जाना मुश्किल साबित हो रहा है। सुबह से ही अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे करवाने के लिए मरीज पहुंच जाते हैं। जानकारों का कहना है कि मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए अल्ट्रासाउंड व रेडियोलाॅजिस्ट की जरूरत है। नई जांच मशीनें लगाकर ही मरीजों को राहत पहुंचाई जा सकती है।
सोमवार को हालात यह रहे कि मरीजों की संख्या का आंकड़ा दोपहर 12:30 बजे तक 1334 के पार पहुंच गया। ओपीडी और वार्डों में बेशुमार भीड़ के कारण मरीजों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसका सर्वाधिक असर अल्ट्रासाउंड विभाग में दिखाई दिया। यहां दोपहर 12:30 बजे तक पहुंचे 100 मरीजों में से 40 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड परीक्षण करवाया गया, जबकि 30 लोगों की पर्ची जमा थी।
जबकि 10 से अधिक लोगों को अगले दिन आने के लिए समय दिया गया। वहीं, एक्सरे-कक्ष में भी एक्सरे कराने पहुंचे लोगों को घंटों प्रतिक्षा करनी पड़ी।
पर्ची काउंटर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दोपहर 12:30 बजे तक 1334 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचे। स्थिति यह रही कि कॉलेज में ओपीडी खुलते ही भारी संख्या में मरीज व उनके तीमारदार पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर कतार में खड़े हो गए थे। कुछ ऐसा ही ओपीडी वार्डों के बाहर व चिकित्सकों के चेंबर तक मरीज और उनके तीमारदार दिखाई दिए। इस बीच मरीज घंटों अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। भीड़ के चलते बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो कुछ मरीज फर्श पर ही बैठकर इंतजार करने के लिए मजबूर हो गए।
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड परीक्षण करवाने के लिए मरीज सुबह ही पहुंच गए थे। दोपहर बाद तक 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ था, जबकि करीब 30 मरीजों की पर्ची जमा थी। वहीं दस लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अगले दिन बुलाया गया। यही हाल एक्सरे कक्षा का था। वहां एक्सरे कराने गए पकड़ियार के शिवेंद्र कुशवाहा, सेवरही के सत्येंद्र यादव ने बताया कि एक्सरे कराने के लिए सुबह करीब 10 बजे ही पर्ची जाम कर दी थी, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है।
वहीं, मल्लूडीह के महेश कुमार ने बताया कि वे दो दिन पहले एक्सरे जांच कराई थी, लेकिन अभी तक उसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट लेने आए हैं, एक घंटे से रिपोर्ट मिलने की प्रतिक्षा कर रहा हूं।
मरीजों की भीड़ के चलते मेडिसिन विभाग, सर्जरी विभाग, स्त्री एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, नाक, कान व गला विभाग, त्वचा रोग विभाग, मानसिक रोग विभाग, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, इमरजेंसी सेवा, दवा वितरण काउंटर, पर्चा काउंटर तक अफरा-तफरी जैसे हालात रहे। यहां तक कि अल्ट्रासाउंड विभाग के बाहर तक भीड़ लगी रही। विभाग के बाहर सुबह आठ बजे से ही मरीज जल्द नंबर के लिए कतार में खड़े हो गए थे।
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मेडिकल कॉलेज में एक अल्ट्रासाउंड मशीन और एक ही रेडियोलाॅजिस्ट भी हैं। मरीजों की जांच में समय लगने के साथ ही उनकी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे फिल्म की रिपोर्ट तैयार कर मरीज को मुहैया करवाया जाना मुश्किल साबित हो रहा है। सुबह से ही अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे करवाने के लिए मरीज पहुंच जाते हैं। जानकारों का कहना है कि मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए अल्ट्रासाउंड व रेडियोलाॅजिस्ट की जरूरत है। नई जांच मशीनें लगाकर ही मरीजों को राहत पहुंचाई जा सकती है।
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सोमवार को हालात यह रहे कि मरीजों की संख्या का आंकड़ा दोपहर 12:30 बजे तक 1334 के पार पहुंच गया। ओपीडी और वार्डों में बेशुमार भीड़ के कारण मरीजों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इसका सर्वाधिक असर अल्ट्रासाउंड विभाग में दिखाई दिया। यहां दोपहर 12:30 बजे तक पहुंचे 100 मरीजों में से 40 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड परीक्षण करवाया गया, जबकि 30 लोगों की पर्ची जमा थी।
जबकि 10 से अधिक लोगों को अगले दिन आने के लिए समय दिया गया। वहीं, एक्सरे-कक्ष में भी एक्सरे कराने पहुंचे लोगों को घंटों प्रतिक्षा करनी पड़ी।
पर्ची काउंटर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को दोपहर 12:30 बजे तक 1334 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचे। स्थिति यह रही कि कॉलेज में ओपीडी खुलते ही भारी संख्या में मरीज व उनके तीमारदार पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर कतार में खड़े हो गए थे। कुछ ऐसा ही ओपीडी वार्डों के बाहर व चिकित्सकों के चेंबर तक मरीज और उनके तीमारदार दिखाई दिए। इस बीच मरीज घंटों अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। भीड़ के चलते बैठने के लिए जगह नहीं मिली तो कुछ मरीज फर्श पर ही बैठकर इंतजार करने के लिए मजबूर हो गए।
मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड परीक्षण करवाने के लिए मरीज सुबह ही पहुंच गए थे। दोपहर बाद तक 40 मरीजों का अल्ट्रासाउंड हुआ था, जबकि करीब 30 मरीजों की पर्ची जमा थी। वहीं दस लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए अगले दिन बुलाया गया। यही हाल एक्सरे कक्षा का था। वहां एक्सरे कराने गए पकड़ियार के शिवेंद्र कुशवाहा, सेवरही के सत्येंद्र यादव ने बताया कि एक्सरे कराने के लिए सुबह करीब 10 बजे ही पर्ची जाम कर दी थी, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है।
वहीं, मल्लूडीह के महेश कुमार ने बताया कि वे दो दिन पहले एक्सरे जांच कराई थी, लेकिन अभी तक उसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट लेने आए हैं, एक घंटे से रिपोर्ट मिलने की प्रतिक्षा कर रहा हूं।
मरीजों की भीड़ के चलते मेडिसिन विभाग, सर्जरी विभाग, स्त्री एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग, हड्डी रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, नाक, कान व गला विभाग, त्वचा रोग विभाग, मानसिक रोग विभाग, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, इमरजेंसी सेवा, दवा वितरण काउंटर, पर्चा काउंटर तक अफरा-तफरी जैसे हालात रहे। यहां तक कि अल्ट्रासाउंड विभाग के बाहर तक भीड़ लगी रही। विभाग के बाहर सुबह आठ बजे से ही मरीज जल्द नंबर के लिए कतार में खड़े हो गए थे।

मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे कक्ष के बाहर बैठ कर अपनी बारी की इंतजार करते मरीज।संवाद

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