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Kushinagar News: बिजली-पानी के लिए शिकायत पर छात्रों को फेल करने की धमकी

Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 27 Jul 2026 01:54 AM IST
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Students threatened with failure for complaining about electricity and water supply.
पडरौना। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कुशीनगर में आधारभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था का मामला शासन तक पहुंच गया है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की ओर से शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि पानी, बिजली, लिफ्ट, साफ-सफाई, प्रयोगशाला संचालन और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं से छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। इसकी शिकायत करने पर छात्रों को ईयर बैक की धमकी देने के की बात प्रकाश में आई है।
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तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता पद संभालने में असमर्थता जताई। डीएम की रिपोर्ट के बाद ही शासन ने डॉ. केपी गोड़ को मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य बनाया है।
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मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने डीएम महेंद्र सिंह तंवर से मिलकर पेयजल संकट, शौचालय की बदलहाली, पढ़ाई नहीं होने और लाइब्रेरी का संचालन नहीं होने की शिकायत की थी। डीएम ने एसडीएम ऋषभ पुंडीर को जांच के निर्देश दिए थे। जांच में सामने आया कि कॉलेज प्रशासन अपनी कमियों को उजागर करने वाले छात्र-छात्राओं को परीक्षा से रोकने और ईयर बैक लगाने की धमकी दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता खुद प्रशासनिक कार्यों का अनुभव न होने की बात स्वीकार की और पद से मुक्त होने की इच्छा जताई। प्रशासनिक अक्षमता और पलायनवादी रवैये का सीधा असर चिकित्सा छात्रों पर पड़ रहा है।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज में गंभीर जल संकट, दूसरे वर्ष की प्रयोगशालाओं का संचालन न होना, लंबे समय तक लिफ्ट बंद रहना, शौचालयों की बदहाली, शिक्षकों की कमी, केंद्रीय वातानुकूलन प्रणाली बंद रहने तथा जनरेटर का समुचित उपयोग नहीं होने से बिजली व्यवस्था प्रभावित होने जैसी समस्याएं मिलीं। इससे छात्रों की पढ़ाई और विश्वविद्यालय परीक्षा की तैयारी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने शासन से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया। इसके बाद शासन ने डॉ. सुभाष गुप्ता को प्राचार्य पद से हटा कर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. केपी गोड़ को मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य बना दिया।
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