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Lakhimpur Kheri News: मगरमच्छ के हमले की आशंका, दूसरे किशोर का भी मिला अधखाया शव

संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 17 Mar 2026 12:07 AM IST
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Fear of crocodile attack, half-eaten body of another teenager also found
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संवाद न्यूज एजेंसी
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महेवागंज/फूलबेहड़। शारदा नदी की सुतिया से सोमवार सुबह दूसरे लापता किशोर शिवम (16) का भी अधखाया शव मिल गया। इससे पहले रविवार देर शाम उसके मौसेरे भाई रवि (14) का शव तलाशा गया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों शवों के कमर के ऊपर का हिस्सा लापता था, जिससे मगरमच्छ के हमले में मौत की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान से शव मिले, वहां मगरमच्छों की संख्या अधिक है। पोस्टमॉर्टम में चोटों से मौत होने की बात कही गई है। दानपुर मुड़िया निवासी शिवम पुत्र सरोज और रवही काॅलोनी निवासी रवि पुत्र अशोक मौसेरे भाई थे। फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव लखहा में अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे।
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शुक्रवार को स्कूल में छुट्टी होने के कारण दोनों साइकिल से घूमने निकले थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों की तलाश के दौरान गांव करसौर के पास शारदा नदी किनारे दोनों की साइकिल, कपड़े और चप्पल मिलीं। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन उस दिन उनका पता नहीं चल सका।
शनिवार को एसडीआरएफ टीम पहुंची। हालांकि मोटर बोट में तकनीकी खराबी के कारण नदी में सर्च अभियान शुरू नहीं हो पाया। इस बीच पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार को परिजन और ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने नदी व आसपास के जंगल में सर्च अभियान तेज किया।
जांच के दौरान पता चला कि दोनों किशोरों के साथ गांव का एक अन्य लड़का भी गया था। उससे पूछताछ के बाद बताई गई जगह पर रविवार शाम नदी में सर्च किया गया, जहां से रवि का शव बरामद मिला। सोमवार सुबह उसी स्थान के पास शिवम का अधखाया शव भी मिल गया।
फूलबेहड़ प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि दोनों लापता किशोरों के शव नदी में मिले हैं। प्रारंभिक तौर पर मगरमच्छ के हमले की आशंका है।
-----बेर तोड़ने के दौरान हुआ हादसा----------
मृतक किशोरों के मामा राजकुमार ने बताया कि दोनों भांजे साइकिल से घूमने निकले थे। बाद में पता चला कि उनके साथ गांव का एक और हमउम्र लड़का भी गया था। तीनों पहले नदी में नहाए और फिर दूसरी सुतिया की ओर चले गए, जहां बेर के पेड़ थे। बताया जाता है कि बेर तोड़ने से पहले उन्होंने वहां खड़ी नाव चलाने की कोशिश की। इसी दौरान मगरमच्छ के हमले की आशंका जताई जा रही है। मामा का आरोप है कि अगर तीसरे लड़के ने उसी दिन पूरी जानकारी दे दी होती तो शायद शव पूरी हालत में मिल जाते।
------ननिहाल में रहकर कर रहे थे पढ़ाई----
शिवम के नाना परसुराम गुप्ता ने बताया कि शिवम दो वर्ष की उम्र से ही ननिहाल में रह रहा था। उन्होंने उसे अपने बेटे से बढ़कर प्यार से पाला और अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे थे। रवि भी करीब तीन वर्ष पहले पढ़ाई के लिए ननिहाल आया था। छुट्टी के दिनों में वह अक्सर दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने जाता था। शुक्रवार को भी दोनों घर से निकले थे, लेकिन नदी की ओर चले गए और हादसे का शिकार हो गए। नाना ने बिलखते हुए कहा कि मौत इतनी भयावह रही कि बच्चों का चेहरा तक आखिरी बार नहीं देख सके।
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