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Lakhimpur Kheri News: हार्ट अटैक का लक्षण दिखे तो जिला अस्पताल में है संजीवनी इंजेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:28 PM IST
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लखीमपुर खीरी। भीषण सर्दी में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। जिले में कार्डियोलॉजिस्ट तो नहीं है लेकिन ऐसे मरीजों के लिए संजीवनी का काम करने वाला टेनेक्टेप्लाज और स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन जिला अस्पताल के साथ ही पांच सीएचसी पर मौजूद हैं। गंभीर मरीजों को यह नि:शुल्क लगाए जा रहे हैं।
बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत करीब 40 हजार रुपये है। इस इंजेक्शन के लगने से खून पतला हो जाता है और मरीजों को फौरी तौर पर राहत मिल जाती है। इस अंतराल में मरीज को हायर सेंटर में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाता है।
एसीएमओ डॉ. पीके रावत ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के लिए चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी गई है। सीएचसी पलिया में स्टेमी केयर नेटवर्क की वजह से हार्ट अटैक के तीन मरीजों को हाल ही में नई जिंदगी मिल चुकी है। इनमें महेंद्र कौर (75), दयाल सिंह (65) और मंगत कौर (65) शामिल हैं। सभी को समय रहते खून पतला करने वाला इंजेक्शन देकर सुरक्षित किया गया।
स्टेमी नेटवर्क ईसीजी आधारित पैटर्न से मरीज की पहचान करता है और तत्काल दवा उपलब्ध कराकर मौत के खतरे को टालता है। जिले भर में अब तक इन इंजेक्शन से करीब 80 हार्ट रोगियों की जान बचाई जा चुकी है।
जिला अस्पताल के साथ सीएचसी धौरहरा, पलिया, मोहम्म्दी, मितौली और गोलागोकर्णनाथ में यह इंजेक्शन मौजूद है। बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा होने के बाद यहां कॉर्डियोलॉजिस्ट की भी तैनाती हो जाएगी।
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बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत करीब 40 हजार रुपये है। इस इंजेक्शन के लगने से खून पतला हो जाता है और मरीजों को फौरी तौर पर राहत मिल जाती है। इस अंतराल में मरीज को हायर सेंटर में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाता है।
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एसीएमओ डॉ. पीके रावत ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के लिए चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी गई है। सीएचसी पलिया में स्टेमी केयर नेटवर्क की वजह से हार्ट अटैक के तीन मरीजों को हाल ही में नई जिंदगी मिल चुकी है। इनमें महेंद्र कौर (75), दयाल सिंह (65) और मंगत कौर (65) शामिल हैं। सभी को समय रहते खून पतला करने वाला इंजेक्शन देकर सुरक्षित किया गया।
स्टेमी नेटवर्क ईसीजी आधारित पैटर्न से मरीज की पहचान करता है और तत्काल दवा उपलब्ध कराकर मौत के खतरे को टालता है। जिले भर में अब तक इन इंजेक्शन से करीब 80 हार्ट रोगियों की जान बचाई जा चुकी है।
जिला अस्पताल के साथ सीएचसी धौरहरा, पलिया, मोहम्म्दी, मितौली और गोलागोकर्णनाथ में यह इंजेक्शन मौजूद है। बताया कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा होने के बाद यहां कॉर्डियोलॉजिस्ट की भी तैनाती हो जाएगी।