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Lakhimpur Kheri: बेमौसम बारिश से 500 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 09 Apr 2026 06:24 PM IST
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सार

लखीमपुर खीरी जिले में बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बांकेगंज क्षेत्र में गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक बारिश से क्षेत्र में करीब 500 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। 

Unseasonal Rains Destroy 500 Acres of Wheat Crop in Bankeganj Area in Lakhimpur kheri
किसान ने दो एकड़ गेहूं की फसल जोत दी। - फोटो : संवाद
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विस्तार

लखीमपुर खीरी जिले में बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूट गई है। बांकेगंज क्षेत्र में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से इलाके में करीब 500 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। इससे परेशान बूधरपुर गांव के एक किसान ने जलमग्न खेत में खड़ी दो एकड़ गेंहू फसल की जोताई कर डाली।

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बेमौसम हुई बारिश से ब्लॉक क्षेत्र के बूधरपुर, खंजनपुर, महोलिया, ग्रंट नंबर तीन, नरगढ़ी, जटपुरा, कुकरा आदि गांवों के सैकड़ों किसानों के खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं, लाही, केला और गन्ने की फसलों में पानी भर गया, जिससे फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों का आरोप है कि तहसील प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके पर सर्वे करने नहीं पहुंचा। इससे परेशान बूधरपुर गांव के किसान बिहारी लाल ने दो एकड़ फसल गेहूं फसल की जोताई कर डाली।
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किसान गेंदन लाल, प्रमोद कुमार, चेतराम, श्रीराम, लालाराम, रामस्वरूप, अमर सिंह, राजाराम, गुरविंदर सिंह, नेतराम आदि का कहना है कि अप्रैल माह में चौथी बार हुई बारिश से उनकी फसलें बर्बाद हो गईं। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम चल रहा है। मूसलाधार बारिश से उनकी फसलें नष्ट हो गईं। खेतों में खड़ी फसलों के गिरने से बृहस्पतिवार खिली धूप से नरई काली होने लगी है। इससे दाने काले पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के साथ तेज हवा चलने पर फसल जमीन पर गिर गई है। खेतों में भरा पानी और नमी की वजह से कटाई और मड़ाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है।

कैसे होंगे बिटिया के हाथ पीले
बूधरपुर गांव निवासी किसान प्रमोद कुमार का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश से उनके खेतों में खड़ी दो एकड़ गेंहू फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। फसल कटाई के बाद बिक्री के पैसों से बिटिया के हाथ पीले करने थे। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। इसी गांव के किसान गेंदन लाल का कहना है कि बेमौसम बारिश से किसानों की खेती-बाड़ी चौपट होने के साथ उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। खेत में कटी पड़ी फसल की मड़ाई कैसे होगी इसकी चिंता सता रही है।

किसान अमर सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से किसानों की कमर टूट गई है। पानी में डूबी गेहूं फसल धूप निकलने से काली पड़ने लगी है। फसल बर्बाद होने से बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाने में दिक्कत होगी। किसान मुनीश कुमार का कहना है कि बेमौसम बारिश से क्षेत्र में करीब 500 एकड़ गेंहू फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को भारी क्षति हुई है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन का कोई कर्मचारी और अधिकारी फसल नुकसान सर्वे करने नहीं पहुंचा।

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