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Lalitpur: बुंदेलखंड राज्य की मांग पर पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत बाेले- बेटे का टिकट काट दो, लेकिन राज्य दे दो
Sun, 19 Jul 2026 02:44 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:44 AM IST
सार
पूर्व सांसद ने अपने विधायक बेटे और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री के बीच हुए विवाद के संदर्भ में कहा कि सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन गांवों की वास्तविक स्थिति कुछ और है।
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बुंदेलखंड राज्य निर्माण के जनजागरण कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए शनिवार को यहां एक गेस्ट हाउस में आयोजित जनजागरण कार्यक्रम में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने भावुक और राजनीतिक रूप से तीखा बयान देते हुए कहा, मुझे धमकी दी जा रही है कि बेटे का टिकट काट देंगे। मैंने भी कह दिया है कि जब बुंदेलखंड के लोग देश के लिए सिर कटा सकते हैं तो मैं बेटे का टिकट भी गंवा दूंगा। टिकट काट दो, लेकिन बुंदेलखंड राज्य दे दो।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का दर्द एसी कमरों में बैठने वाले लोग नहीं समझ सकते। यहां की नदियों और पहाड़ों का दोहन हो रहा है, जबकि रोजगार के अभाव में लोग पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन पर छोटे-छोटे बच्चों को पीठ पर बांधकर दिल्ली, मुंबई और गुजरात मजदूरी के लिए जाते परिवार दिखाई देते हैं। अमीरों के पालतू कुत्ते भी चॉकलेट और आइसक्रीम खाकर सोते हैं, लेकिन गरीब का बच्चा जब चॉकलेट मांगता है तो मां उसे थप्पड़ मारकर सुला देती है।
पूर्व सांसद ने कहा कि वह सभी राजनीतिक दलों में रहकर भी लगातार बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाते रहे हैं। उनका कहना था कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र में विकास होगा, गरीबी और पलायन कम होगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी।
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जल शक्ति मंत्री से बेटे के विवाद पर भी बोले
गंगाचरण राजपूत ने अपने विधायक बेटे बृजभूषण राजपूत और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच हुए विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन गांवों की वास्तविक स्थिति कुछ और है। करीब 28 हजार करोड़ रुपये का बजट आया, लेकिन पानी गांव-गांव नहीं पहुंचा। मेरे बेटे ने यही मुद्दा उठाया था। वह हकीकत बता रहा था। उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं को किसी भी गांव में ले जाया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
विधायक बेटे की मंत्री से नोकझोंक के बाद पूर्व सांसद के बदले सियासी सुर
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जनवरी में महोबा में जल जीवन मिशन के कार्यों और पेयजल संकट को लेकर विधायक बृजभूषण राजपूत की जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से सार्वजनिक नोकझोंक हुई थी। इसके बाद भाजपा संगठन ने विधायक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत का बेटे का टिकट काट दो वाला बयान उसी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
अब सड़क-नाली नहीं, बुंदेलखंड राज्य मांगो
पूर्व सांसद ने लोगों से आह्वान किया कि चुनाव नजदीक हैं। अब नेताओं से सड़क-नाली की मांग करने के बजाय बुंदेलखंड राज्य की मांग करें। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता सबसे ज्यादा मजबूत होती है और यही सही समय है जब अलग राज्य के लिए दबाव बनाया जा सकता है।
'राम को लूटने वालों के साथ नहीं रहना'
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी बुंदेलखंड उपेक्षित रहा है। उन्होंने कहा, अब हमें अलग कर दो मोदी। बुंदेलखंड की जनता ने तीन सीटें हराकर अपना संदेश दे दिया है। उन्होंने अवध क्षेत्र के नेताओं पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के साथ लगातार अन्याय हुआ है। कार्यक्रम में अभय चौबे, हरीश कपूर 'टीटू', हरिबाबू शर्मा, गंधर्व सिंह लोधी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का दर्द एसी कमरों में बैठने वाले लोग नहीं समझ सकते। यहां की नदियों और पहाड़ों का दोहन हो रहा है, जबकि रोजगार के अभाव में लोग पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन पर छोटे-छोटे बच्चों को पीठ पर बांधकर दिल्ली, मुंबई और गुजरात मजदूरी के लिए जाते परिवार दिखाई देते हैं। अमीरों के पालतू कुत्ते भी चॉकलेट और आइसक्रीम खाकर सोते हैं, लेकिन गरीब का बच्चा जब चॉकलेट मांगता है तो मां उसे थप्पड़ मारकर सुला देती है।
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पूर्व सांसद ने कहा कि वह सभी राजनीतिक दलों में रहकर भी लगातार बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाते रहे हैं। उनका कहना था कि अलग राज्य बनने से क्षेत्र में विकास होगा, गरीबी और पलायन कम होगा तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी।
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जल शक्ति मंत्री से बेटे के विवाद पर भी बोले
गंगाचरण राजपूत ने अपने विधायक बेटे बृजभूषण राजपूत और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच हुए विवाद के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन गांवों की वास्तविक स्थिति कुछ और है। करीब 28 हजार करोड़ रुपये का बजट आया, लेकिन पानी गांव-गांव नहीं पहुंचा। मेरे बेटे ने यही मुद्दा उठाया था। वह हकीकत बता रहा था। उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदार अधिकारियों और नेताओं को किसी भी गांव में ले जाया जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
विधायक बेटे की मंत्री से नोकझोंक के बाद पूर्व सांसद के बदले सियासी सुर
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जनवरी में महोबा में जल जीवन मिशन के कार्यों और पेयजल संकट को लेकर विधायक बृजभूषण राजपूत की जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से सार्वजनिक नोकझोंक हुई थी। इसके बाद भाजपा संगठन ने विधायक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत का बेटे का टिकट काट दो वाला बयान उसी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
अब सड़क-नाली नहीं, बुंदेलखंड राज्य मांगो
पूर्व सांसद ने लोगों से आह्वान किया कि चुनाव नजदीक हैं। अब नेताओं से सड़क-नाली की मांग करने के बजाय बुंदेलखंड राज्य की मांग करें। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता सबसे ज्यादा मजबूत होती है और यही सही समय है जब अलग राज्य के लिए दबाव बनाया जा सकता है।
'राम को लूटने वालों के साथ नहीं रहना'
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी बुंदेलखंड उपेक्षित रहा है। उन्होंने कहा, अब हमें अलग कर दो मोदी। बुंदेलखंड की जनता ने तीन सीटें हराकर अपना संदेश दे दिया है। उन्होंने अवध क्षेत्र के नेताओं पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के साथ लगातार अन्याय हुआ है। कार्यक्रम में अभय चौबे, हरीश कपूर 'टीटू', हरिबाबू शर्मा, गंधर्व सिंह लोधी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।