{"_id":"6a5d377e509abaa8430efb3c","slug":"permits-are-not-being-renewed-in-madhya-pradesh-operations-are-being-carried-out-with-the-help-of-temporary-permits-lalitpur-news-c-131-1-ltp1029-159863-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: मध्य प्रदेश में नहीं हो रहा परमिट का नवीनीकरण, अस्थायी के सहारे संचालन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: मध्य प्रदेश में नहीं हो रहा परमिट का नवीनीकरण, अस्थायी के सहारे संचालन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मध्यप्रदेश में बसों के परमिट का नवीनीकरण न होने से यातायात का संकट बना हुआ है। यहां पर दस वर्ष पूर्ण करने वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी है। ऐसे में यात्रियाें को खासी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। वहीं, परमिटों का नवीनीकरण न होने से बसों का संचालन सीमित हो गया है। बस संचालक अस्थायी परमिट के सहारे बसों का संचालन कर रहे हैं।
जनपद मुख्यालय व झांसी से ललितपुर होकर मध्य प्रदेश के जिला सागर की ओर लगभग 17 बसों का संचालन होता था। इनमें ललितपुर से दस और झांसी से सात बसें चल रहीं थीं। यह बसें नियमित चलने से यात्रियों को आवागमन की सुविधा थी। सुबह सात बजे से देर रात्रि आठ बजे तक बसें चल रहीं थीं। इन बसों से मध्यप्रदेश के सागर के साथ ही जिले के ब्लॉक बिरधा, नाराहट और गौना समेत अन्य क्षेत्र के लोगों को भी सुविधा बनी हुई थी।
लेकिन, बसों के परमिट का नवीनीकरण न होने व दस वर्ष से अधिक पुरानी बसों का संचालन पर रोक गई है। इससे अब बसों का संचालन सीमित हो गया है। हालत यह है कि झांसी से सागर के लिए सात बसों के सापेक्ष महज चार ही चल रहीं है। वहीं ललितपुर से भी बसों की कटौती हो गई हैं, जिन बसों का संचालन हो रहा है वह भी अस्थायी परमिट के सहारे चल रहीं है। इससे बस स्वामियों को अधिक पैसा वहन करना पड़ रहा है। साथ ही बसों की कमी से यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। कम बसें होने से समय पर बसें नहीं मिल रहीं हैं। लगभग दो माह से अधिक समय हो गया है। अब तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
विज्ञापन
-- -
मध्यप्रदेश में दस वर्ष से पुरानी बसें चलने पर रोक लगा दी गई है। वहीं परमिट का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सीमित बसें ही चल रहीं हैं, जो अस्थायी परमिट पर संचालित हो रहीं हैं।
- विपिन चौधरी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, ललितपुर
विज्ञापन
ललितपुर। मध्यप्रदेश में बसों के परमिट का नवीनीकरण न होने से यातायात का संकट बना हुआ है। यहां पर दस वर्ष पूर्ण करने वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी है। ऐसे में यात्रियाें को खासी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। वहीं, परमिटों का नवीनीकरण न होने से बसों का संचालन सीमित हो गया है। बस संचालक अस्थायी परमिट के सहारे बसों का संचालन कर रहे हैं।
जनपद मुख्यालय व झांसी से ललितपुर होकर मध्य प्रदेश के जिला सागर की ओर लगभग 17 बसों का संचालन होता था। इनमें ललितपुर से दस और झांसी से सात बसें चल रहीं थीं। यह बसें नियमित चलने से यात्रियों को आवागमन की सुविधा थी। सुबह सात बजे से देर रात्रि आठ बजे तक बसें चल रहीं थीं। इन बसों से मध्यप्रदेश के सागर के साथ ही जिले के ब्लॉक बिरधा, नाराहट और गौना समेत अन्य क्षेत्र के लोगों को भी सुविधा बनी हुई थी।
विज्ञापन
लेकिन, बसों के परमिट का नवीनीकरण न होने व दस वर्ष से अधिक पुरानी बसों का संचालन पर रोक गई है। इससे अब बसों का संचालन सीमित हो गया है। हालत यह है कि झांसी से सागर के लिए सात बसों के सापेक्ष महज चार ही चल रहीं है। वहीं ललितपुर से भी बसों की कटौती हो गई हैं, जिन बसों का संचालन हो रहा है वह भी अस्थायी परमिट के सहारे चल रहीं है। इससे बस स्वामियों को अधिक पैसा वहन करना पड़ रहा है। साथ ही बसों की कमी से यात्रियों को खासी परेशानी हो रही है। कम बसें होने से समय पर बसें नहीं मिल रहीं हैं। लगभग दो माह से अधिक समय हो गया है। अब तक समस्या का निस्तारण नहीं हो सका है।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में दस वर्ष से पुरानी बसें चलने पर रोक लगा दी गई है। वहीं परमिट का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सीमित बसें ही चल रहीं हैं, जो अस्थायी परमिट पर संचालित हो रहीं हैं।
- विपिन चौधरी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, ललितपुर