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Lalitpur News: वीबी–जी राम जी से जिले में हरियाली को दी जाएगी पहचान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मनरेगा के बदले स्वरूप विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी–जी राम जी) के जरिए अब जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के काम कराए जाएंगे। इसके तहत जनपद के 51 गांवों में मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण करके वन विकसित किए जाएंगे। शुरू होने वाले कामों में पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदाई वीबी–जी राम जी के पंजीकृत जॉब कार्डधारक श्रमिक करेंगे।
जनपद में 415 ग्राम पंचायतें है। वीबी–जी राम जी के तहत 1.96 लाख जॉब कार्ड हैं। जिसमें करीब 1.19 लाख सक्रिय जॉब कार्ड हैं। अब जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को 125 दिन तक रोजगार दिया जाएगा। तय समय में भुगतान और देरी पर मुआवजा मिलेगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं। इसके तहत मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण करके यहां पर घना जंगल बनाया जाएगा। विभाग ने इसके लिए जनपद में 51 गांवों को चिह्नित किया है। जल्द ही इन ग्रामीण क्षेत्रों में चिह्नित की गई जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा।
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मियावाकी पद्धत्ति से इस प्रकार होता है पौधारोपण
मियावाकी पद्धत्ति में पौधा लगाने के लिए एक फुट गहरा गड्ढा बनाकर उसमें निर्धारित मात्रा में भूसा और कंपोस्ट का मिश्रण डाला जाता है। इसके बाद प्रतिवर्ग मीटर पर 3 से 5 पौधे रोपित किए जाते हैं। इसके बाद जमीन की सतह को सूखी घास या पतों की मोटी परत से ढक दिया जाता है। यह परत मिट्टी में नमी बनाए रखने और खरपतवार को रोकने में मदद करता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मियावकी पद्धत्ति से पौधारोपण करने पर रोपित किए गए पौधों की जीविता बनी रहती है और वृद्धि जल्दी होती है।
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मियावाकी पद्धत्ति से 133 जगह तैयार किए गए वन
ग्रामीण क्षेत्रों में सघन पौधारोपण के द्वारा वन क्षेत्र को बढाने और शत प्रतिशत पौधों को बचाए रखने के लिए मियावाकी पद्धत्ति को अपनाया गया है। इसके तहत जनपद में 133 स्थानों पर कुल 76.45 एकड़ भूमि पर 8.41 लाख पौधे रोपित कर जंगल तैयार किया जा रहा है।
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वीबी जी राम जी के तहत 51 गांवों में मियावाकी पद्धत्ति से पौधरोपण किया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण होने से पौधों की शत प्रतिशत जीविता बनी रहती है।
- रमेश कुमार यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार
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ललितपुर। मनरेगा के बदले स्वरूप विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी–जी राम जी) के जरिए अब जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के काम कराए जाएंगे। इसके तहत जनपद के 51 गांवों में मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण करके वन विकसित किए जाएंगे। शुरू होने वाले कामों में पौधारोपण के लिए गड्ढे खुदाई वीबी–जी राम जी के पंजीकृत जॉब कार्डधारक श्रमिक करेंगे।
जनपद में 415 ग्राम पंचायतें है। वीबी–जी राम जी के तहत 1.96 लाख जॉब कार्ड हैं। जिसमें करीब 1.19 लाख सक्रिय जॉब कार्ड हैं। अब जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को 125 दिन तक रोजगार दिया जाएगा। तय समय में भुगतान और देरी पर मुआवजा मिलेगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं। इसके तहत मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण करके यहां पर घना जंगल बनाया जाएगा। विभाग ने इसके लिए जनपद में 51 गांवों को चिह्नित किया है। जल्द ही इन ग्रामीण क्षेत्रों में चिह्नित की गई जमीन पर पौधारोपण किया जाएगा।
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मियावाकी पद्धत्ति से इस प्रकार होता है पौधारोपण
मियावाकी पद्धत्ति में पौधा लगाने के लिए एक फुट गहरा गड्ढा बनाकर उसमें निर्धारित मात्रा में भूसा और कंपोस्ट का मिश्रण डाला जाता है। इसके बाद प्रतिवर्ग मीटर पर 3 से 5 पौधे रोपित किए जाते हैं। इसके बाद जमीन की सतह को सूखी घास या पतों की मोटी परत से ढक दिया जाता है। यह परत मिट्टी में नमी बनाए रखने और खरपतवार को रोकने में मदद करता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मियावकी पद्धत्ति से पौधारोपण करने पर रोपित किए गए पौधों की जीविता बनी रहती है और वृद्धि जल्दी होती है।
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मियावाकी पद्धत्ति से 133 जगह तैयार किए गए वन
ग्रामीण क्षेत्रों में सघन पौधारोपण के द्वारा वन क्षेत्र को बढाने और शत प्रतिशत पौधों को बचाए रखने के लिए मियावाकी पद्धत्ति को अपनाया गया है। इसके तहत जनपद में 133 स्थानों पर कुल 76.45 एकड़ भूमि पर 8.41 लाख पौधे रोपित कर जंगल तैयार किया जा रहा है।
वीबी जी राम जी के तहत 51 गांवों में मियावाकी पद्धत्ति से पौधरोपण किया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मियावाकी पद्धत्ति से पौधारोपण होने से पौधों की शत प्रतिशत जीविता बनी रहती है।
- रमेश कुमार यादव, उपायुक्त श्रम रोजगार