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Maharajganj News: भाइयों की कलाई सजाकर बहनों ने लिया सुरक्षा का वचन
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भाइयों की कलाई पर बहनों ने सजाई राखी की डोर
260 कैदी भाइयों को 357 बहनों ने लगाया समृद्धि का टीका
महराजगंज। जनपद में रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक स्वरूप व उत्साह के साथ शुक्रवार को मनाया गया। बहनों ने रंग-बिरंगी राखियो की डोर भाइयों की कलाई पर बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया वहीं भाइयों ने भी उपहार देकर बहनों के स्नेह को सम्मान दिया। जिला कारागार में 260 कैदियों को 357 बहनों ने राखी बांधी।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि सावन की पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार ही लग चुकी थी लेकिन उदया तिथि के कारण इसे शुक्रवार मनाया गया। रक्षाबंधन मनाने की शुरुआत सुबह में ही लोगों ने कर दी। इसके बाद दोपहर बाद तक बहनें भाइयों को राखी बांधती रहीं। दूरदराज से भाईयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों ने देर शाम तक राखी बांधकर भाइयों का मुंह मीठा कराया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन का उत्साह देखा गया। पुरोहित भी यजमानों के घर पहुंचे और उन्हें रक्षासूत्र बांधने की परंपरा का निर्वहन किया।
जिला कारागार में भी रक्षाबंधन की धूम रही। जेल प्रशासन की तरफ से कारागार में निरुद्ध कैदियों को राखी बांधने के लिए सामूहिक हॉल में प्रबंध किया गया था। बहनें कारागार में खाली हाथ पहुंची और कारागार प्रशासन की तरफ से उपलब्ध रक्षाबंधन भाइयों की कलाई पर बांधा। सुबह पहुंची बहनें भाइयों के बीच दोपहर दो बजे तक रहीं और भाइयों की खैरियत के विषय में बातचीत कर भाइयों को कैद की प्रताड़ना से उबारने का प्रयास करती रहीं। जिला कारागार के अधीक्षक वीके गौतम ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कैदियों को राखी बांधने पहुंची बहनों का कारागार प्रशासन ने स्वागत किया।
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बहनों ने भाइयों को राखी बांध लिया सुरक्षा का वचन
नौतनवा। भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार बहनों ने अपने-अपने भाइयों को चंदन लगा आरती उतारी और राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराते हुए उनसे सुरक्षा का वचन लिया। भाइयों ने राखी बंधवा बहनों को आशीर्वाद स्वरूप नकदी एवं उपहार भेंट किए। कई बहनों ने अपने भाइयों की दीर्घायु व उन्नति की कामना के लिए व्रत भी रखा। संवाद
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260 कैदी भाइयों को 357 बहनों ने लगाया समृद्धि का टीका
महराजगंज। जनपद में रक्षाबंधन का त्योहार पारंपरिक स्वरूप व उत्साह के साथ शुक्रवार को मनाया गया। बहनों ने रंग-बिरंगी राखियो की डोर भाइयों की कलाई पर बांधकर उनसे रक्षा का वचन लिया वहीं भाइयों ने भी उपहार देकर बहनों के स्नेह को सम्मान दिया। जिला कारागार में 260 कैदियों को 357 बहनों ने राखी बांधी।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि सावन की पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार ही लग चुकी थी लेकिन उदया तिथि के कारण इसे शुक्रवार मनाया गया। रक्षाबंधन मनाने की शुरुआत सुबह में ही लोगों ने कर दी। इसके बाद दोपहर बाद तक बहनें भाइयों को राखी बांधती रहीं। दूरदराज से भाईयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंची बहनों ने देर शाम तक राखी बांधकर भाइयों का मुंह मीठा कराया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन का उत्साह देखा गया। पुरोहित भी यजमानों के घर पहुंचे और उन्हें रक्षासूत्र बांधने की परंपरा का निर्वहन किया।
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जिला कारागार में भी रक्षाबंधन की धूम रही। जेल प्रशासन की तरफ से कारागार में निरुद्ध कैदियों को राखी बांधने के लिए सामूहिक हॉल में प्रबंध किया गया था। बहनें कारागार में खाली हाथ पहुंची और कारागार प्रशासन की तरफ से उपलब्ध रक्षाबंधन भाइयों की कलाई पर बांधा। सुबह पहुंची बहनें भाइयों के बीच दोपहर दो बजे तक रहीं और भाइयों की खैरियत के विषय में बातचीत कर भाइयों को कैद की प्रताड़ना से उबारने का प्रयास करती रहीं। जिला कारागार के अधीक्षक वीके गौतम ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कैदियों को राखी बांधने पहुंची बहनों का कारागार प्रशासन ने स्वागत किया।
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बहनों ने भाइयों को राखी बांध लिया सुरक्षा का वचन
नौतनवा। भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। परंपरा के अनुसार बहनों ने अपने-अपने भाइयों को चंदन लगा आरती उतारी और राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराते हुए उनसे सुरक्षा का वचन लिया। भाइयों ने राखी बंधवा बहनों को आशीर्वाद स्वरूप नकदी एवं उपहार भेंट किए। कई बहनों ने अपने भाइयों की दीर्घायु व उन्नति की कामना के लिए व्रत भी रखा। संवाद