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Maharajganj News: धान की रोपाई पर डीजल की किल्लत से संकट, सूखी नहरों ने बढ़ाई परेशानी
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चौक स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के लिए गैलन लेकर खड़े किसान।
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मिठौरा। धान की खेती के महत्वपूर्ण समय में क्षेत्र के किसान इन दिनों डीजल संकट से जूझ रहे हैं। खेतों की जुताई, नर्सरी और सिंचाई का कार्य शुरू हो चुका है लेकिन पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हालात यह है कि किसान आधी रात से ही पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई पंपों पर ट्रैक्टरों और गैलनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
किसानों का कहना है कि इस समय धान की खेती के लिए खेतों में पानी भरना बेहद जरूरी है। अधिकांश किसान डीजल पंपिंग सेट के सहारे सिंचाई करते हैं, लेकिन डीजल नहीं मिलने से मशीनें बंद पड़ी हैं। दूसरी ओर नहरों में भी पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे खेती का संकट और गहरा गया है।
ग्रामीण इलाकों के किसानों ने बताया कि सुबह से शाम तक पंपों का चक्कर लगाने के बावजूद पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है।
कई किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो धान की बुवाई और रोपाई प्रभावित होगी, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा।
चौक क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर लाइन लगाने को लेकर किसानों के बीच विवाद भी हो गया। देखते ही देखते कहासुनी झड़प में बदल गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को शांत कराया। भीड़ बढ़ने और अव्यवस्था को देखते हुए कुछ समय के लिए पंप बंद भी करना पड़ा।
किसान विपिन कुमार ने बताया कि वह रात तीन बजे से लाइन में लगे थे, तब जाकर सुबह नौ बजे किसी तरह डीजल मिल सका। वहीं पिपरिया निवासी रामदास ने कहा कि वह रात दो बजे से लाइन में खड़े थे लेकिन जब उनकी बारी आई तो आपसी विवाद के कारण पंप बंद हो गया और उन्हें बिना डीजल वापस लौटना पड़ा।आ
हालात यह है कि किसान आधी रात से ही पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई पंपों पर ट्रैक्टरों और गैलनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
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किसानों का कहना है कि इस समय धान की खेती के लिए खेतों में पानी भरना बेहद जरूरी है। अधिकांश किसान डीजल पंपिंग सेट के सहारे सिंचाई करते हैं, लेकिन डीजल नहीं मिलने से मशीनें बंद पड़ी हैं। दूसरी ओर नहरों में भी पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे खेती का संकट और गहरा गया है।
ग्रामीण इलाकों के किसानों ने बताया कि सुबह से शाम तक पंपों का चक्कर लगाने के बावजूद पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है।
कई किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो धान की बुवाई और रोपाई प्रभावित होगी, जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा।
चौक क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर लाइन लगाने को लेकर किसानों के बीच विवाद भी हो गया। देखते ही देखते कहासुनी झड़प में बदल गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को शांत कराया। भीड़ बढ़ने और अव्यवस्था को देखते हुए कुछ समय के लिए पंप बंद भी करना पड़ा।
किसान विपिन कुमार ने बताया कि वह रात तीन बजे से लाइन में लगे थे, तब जाकर सुबह नौ बजे किसी तरह डीजल मिल सका। वहीं पिपरिया निवासी रामदास ने कहा कि वह रात दो बजे से लाइन में खड़े थे लेकिन जब उनकी बारी आई तो आपसी विवाद के कारण पंप बंद हो गया और उन्हें बिना डीजल वापस लौटना पड़ा।आ