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Maharajganj News: अब स्थलीय निरीक्षण के बाद खुलेंगे ड्राइविंग स्कूलट
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महराजगंज। जिले में ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलना आसान नहीं है। अब बिना स्थलीय निरीक्षण के मोटर ट्रेनिंग स्कूल न तो पंजीकृत होंगे और न ही नया पंजीकरण ही प्राप्त कर पाएंगे। एक अप्रैल से एआरटीओ ऑफिस की तरफ से नियम बदल दिए गए हैं।
जिले में 10 से अधिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं। अधिकतर स्कूल मानक विहीन हैं जो वार्षिक लाइसेंस लेकर बाइक, कार व बस ,ट्रक चलाने की ट्रेनिंग देते हैं। अधिकतर के पास खुद की दुकान तक नहीं सिखाने के लिए बड़े मैदान की बात दूर। ऐसे में हाइवे सहित मुख्य मार्गों पर ही इन स्कूलों के ट्रेनर चालक बनने का प्रशिक्षण देते हैं।
पिछले माह परतावल में हाइवे पर कार चलाने की ट्रेनिंग देने के दौरान दुर्घटना घटी जिसके बाद एआरटीओ ने ट्रेनिंग स्कूलों के खिलाफ सख्ती शुरू की है। अप्रैल में पंजीकरण रिन्यूअल होते हैं लेकिन इस बार पंजीकरण नवीनीकरण आसान नहीं होगी। एक वर्ष की लाइसेंस फीस 10 हजार तो इतनी ही सिक्योरिटी राशि के रूप में जमा करना होगा। ट्रेनिंग स्कूल अपने भवन में संचालित होना जरूरी है। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए आसपास बड़े मैदान का होना भी जरूरी होगा। ा
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जिले में 10 से अधिक मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं। अधिकतर स्कूल मानक विहीन हैं जो वार्षिक लाइसेंस लेकर बाइक, कार व बस ,ट्रक चलाने की ट्रेनिंग देते हैं। अधिकतर के पास खुद की दुकान तक नहीं सिखाने के लिए बड़े मैदान की बात दूर। ऐसे में हाइवे सहित मुख्य मार्गों पर ही इन स्कूलों के ट्रेनर चालक बनने का प्रशिक्षण देते हैं।
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पिछले माह परतावल में हाइवे पर कार चलाने की ट्रेनिंग देने के दौरान दुर्घटना घटी जिसके बाद एआरटीओ ने ट्रेनिंग स्कूलों के खिलाफ सख्ती शुरू की है। अप्रैल में पंजीकरण रिन्यूअल होते हैं लेकिन इस बार पंजीकरण नवीनीकरण आसान नहीं होगी। एक वर्ष की लाइसेंस फीस 10 हजार तो इतनी ही सिक्योरिटी राशि के रूप में जमा करना होगा। ट्रेनिंग स्कूल अपने भवन में संचालित होना जरूरी है। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए आसपास बड़े मैदान का होना भी जरूरी होगा। ा