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Maharajganj News: ओवरहेड टैंक कागज में पूरा, मौके पर अधूरा
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जल जीवन मिशन के तहत हर घर टोटी का कनेक्शन देने की व्यवस्था धराशाई
जिम्मेदारों की उदासीनता से लोगों को नहीं मिल योजना का लाभ
महराजगंज। जल जीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की योजना धराशाई हो चुकी है। फाइल में काम पूरा दिखा जा रहा है जबकि मौके पर काम अधूरा है। गांव के लोगों को शुद्ध जल के लिए आज भी हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। शनिवार को पड़ताल के दौरान हैरान करने वाली तस्वीरें दिखीं। कहीं फाउंडेशन बनाकर पिलर खड़ा किया गया है तो कहीं पंप लगाकर छोड़ दिया गया है। कुछ जगहों पर तो पाइप डालकर मिट्टी की भराई तक नहीं की गई है।
सदर तहसील क्षेत्र के मिठौरा ब्लॉक के मोरवन, भगवानपुर उर्फ भूलना, बसवार और सोनबरसा गांव में शुद्ध जल लोगों को फाइलों में ही मिल रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि कनेक्शन किसी को नहीं मिला है। इन गांवों के लोग जिम्मेदारों की उदासीनता से आक्रोशित हैं।
नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तरैनी टोला सवनहवा में जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। नवंबर 2024 से काम अधर में लटका है। ग्रामीण अजय, मोहन, पप्पू, अनमोल सहित लोगों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत चहारदीवारी का कार्य हुआ है। टंकी के लिए आधा पिलर लगा हुआ है। पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन कनेशक्न नहीं हुआ है। पिछले कई महीनों से कार्य बंद है। ग्राम पंचायत लुठहवा में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी के लिए चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराया गया है। अंदर बोरिंग कराया गया है लेकिन टंकी के लिए पिलर नहीं लगाया गया है। ग्रामीण बैजनाथ यादव, दीपक, विनोद ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का चहारदीवारी बना दिया गया है लेकिन ओवरहेड टैंक अधूरा है। टैंक का निर्माण कार्य एक साल पहले पूरा होना था लेकिन समय सीमा पूरा होने के बाद भी काम पूरा नहीं कराया गया।
एक साल से काम ठप, पूरा बताते हैं जिम्मेदार
भगवानपुर उर्फ भूलना में पेयजल योजना के तहत 2023 में ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है। जिम्मेदार इसे पूरा बताते हैं। टैंक का निर्माण 184.87 लाख रुपये की लागत से शुरू कराया गया था। 27 जुलाई 2024 को कार्य पूर्ण होने की तिथि तय थी लेकिन आज भी काम अधूरा है। योजना के तहत 2,252 लोगों को कनेक्शन देना है। भगवानपुर उर्फ भूलना और सोनबरसा दो ग्राम सभाओं के लोगों को पानी की आपूर्ति की जानी है। गांव के नरेंद्र ने बताया कि एक वर्ष से कार्य ठप है। इसके बारे में कोई सटीक जानकारी भी नहीं मिल पाती है। महेंद्र का कहना है कि अब तो हर घर को शुद्ध जल मिलना सपना बनकर रह गया है।
टंकी के लिए चार फिट पिलर खड़ा कर छोड़ दिया गया
बसवार गांव में पेयजल योजना के तहत 2023 में ओवरहेड टैंक का निर्माण 182.15 लाख रुपये की लागत से शुरू कराया गया था। 25 अगस्त 2024 को कार्य पूर्ण होने की तिथि तय थी लेकिन जिम्मेदारों ने फाइलों में काम को पूरा कर दायित्व की इतिश्री कर दी। हकीकत में लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। पूछने पर सटीक जानकारी भी नहीं दी जाती है। योजना से 1,000 लोगों को लाभ दिया जाना है। कार्यदायी संस्था रिथविक कोया है। आधा अधूरा बाउंड्री वॉल खड़ा किया गया है। गांव के दिनेश ने बताया कि कई स्थानों पर गड्ढा खोदकर छोड़ा गया है। मौके पर टंकी के लिए चार फिट पिलर खड़ा कर छोड़ दिया गया है।
तय समय के दो साल बाद भी काम अधूरा
मोरवन गांव में योजना के तहत 2022 में ओवरहेड टैंक बनना शुरू हुआ था लेकिन यह पूरा नहीं हो सका है। इसकी लागत 184.17 लाख रुपये है। 29 अगस्त 2024 को काम पूरा करना था। ग्रामीण सर्वेश ने बताया कि तय समय के बाद भी कार्य अधूरा है। पेय जल योजना से कुल 500 आबादी को लाभ मिलना है। पता नहीं कब हर घर में शुद्ध जल मिलेगा। कार्यदायी संस्था रिथविक कोया है। तय समय के दो साल बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। कई बार शिकायत की गई लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पोर्टल पर दर्ज प्रगति एक नजर में
जल जीवन मिशन के पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक तीन कार्यदायी संस्थाएं काम कर रहीं हैं। इनके काम की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज है। यूपी जल निगम 110 गांवों को कवर कर रहा है। 61,714 घरों को कनेक्शन दिया गया है। जेएमसी लक्ष्मी 451 गांव को कवर करते हुए 1,84,375 घर को कनेक्शन दिया है। जबकि रिथविक कोया कार्यदायी संस्था ने 641 गांवों को कवर करते हुए 1,84,726 घर को कनेक्शन दिया है। इन तीनों कार्यदायी संस्थाओं में जल निगम की प्रति 100 प्रतिशत दर्ज है। जेएमसी की 95 और कोया की 92 प्रतिशत कार्य पूरा है।
कोट
एक वर्ष से अधिक समय हो गया है। कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से काम अब तक पूरा नहीं कराया गया। चारों तरफ बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है। ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पानी की टंकी नहीं बनने के कारण ग्राम सभा के लोग शुद्ध पेय जल नहीं मिल रहा है।
-इंद्रजीत यादव, मोरवन
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ग्राम सभा में कार्यदायी संस्था के द्वारा न तो बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया है और न ही पानी की टंकी बनाई गई है। आधा अधूरा पिलर खड़ा कर ठेकेदार दो वर्ष से लापता है। शुद्ध जल गांव के लोगों को फाइलों में ही दिया जा रहा है। जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है।
-राम किशुन मौर्य, बसवार
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ग्राम सभा में पानी की टंकी का पिलर अधूरा बना है। छह में जंग लग रहा है। चहारदीवारी का निर्माण कराया गया है। बिजली की आपूर्ति भी नहीं की गई है। पाइप लाइन भी पूरे गांव में नहीं बिछाई गई है।
- केवल प्रसाद, भगवानपुर उर्फ भूलना
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शुद्ध जल के लिए ओवरहेड टैंक दो साल पहले बनना शुरू हुआ था लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। जिम्मेदार भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। कनेक्शन मिलना तो दूर की बात, टैंक के लिए पिलर भी नहीं लगा है।
-बैजनाथ यादव, लुठहवा
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वर्जन
ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से हर संभव प्रयास जारी है। जहां काम अधूरा है, वहां तेजी से पूरा करने के लिए निर्देश दिया गया है। एक माह के अंदर सभी काम पूरे हो जाएंगे।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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जिम्मेदारों की उदासीनता से लोगों को नहीं मिल योजना का लाभ
महराजगंज। जल जीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की योजना धराशाई हो चुकी है। फाइल में काम पूरा दिखा जा रहा है जबकि मौके पर काम अधूरा है। गांव के लोगों को शुद्ध जल के लिए आज भी हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। शनिवार को पड़ताल के दौरान हैरान करने वाली तस्वीरें दिखीं। कहीं फाउंडेशन बनाकर पिलर खड़ा किया गया है तो कहीं पंप लगाकर छोड़ दिया गया है। कुछ जगहों पर तो पाइप डालकर मिट्टी की भराई तक नहीं की गई है।
सदर तहसील क्षेत्र के मिठौरा ब्लॉक के मोरवन, भगवानपुर उर्फ भूलना, बसवार और सोनबरसा गांव में शुद्ध जल लोगों को फाइलों में ही मिल रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि कनेक्शन किसी को नहीं मिला है। इन गांवों के लोग जिम्मेदारों की उदासीनता से आक्रोशित हैं।
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नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत तरैनी टोला सवनहवा में जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। नवंबर 2024 से काम अधर में लटका है। ग्रामीण अजय, मोहन, पप्पू, अनमोल सहित लोगों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत चहारदीवारी का कार्य हुआ है। टंकी के लिए आधा पिलर लगा हुआ है। पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन कनेशक्न नहीं हुआ है। पिछले कई महीनों से कार्य बंद है। ग्राम पंचायत लुठहवा में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी के लिए चहारदीवारी का निर्माण कार्य कराया गया है। अंदर बोरिंग कराया गया है लेकिन टंकी के लिए पिलर नहीं लगाया गया है। ग्रामीण बैजनाथ यादव, दीपक, विनोद ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का चहारदीवारी बना दिया गया है लेकिन ओवरहेड टैंक अधूरा है। टैंक का निर्माण कार्य एक साल पहले पूरा होना था लेकिन समय सीमा पूरा होने के बाद भी काम पूरा नहीं कराया गया।
एक साल से काम ठप, पूरा बताते हैं जिम्मेदार
भगवानपुर उर्फ भूलना में पेयजल योजना के तहत 2023 में ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ था लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ है। जिम्मेदार इसे पूरा बताते हैं। टैंक का निर्माण 184.87 लाख रुपये की लागत से शुरू कराया गया था। 27 जुलाई 2024 को कार्य पूर्ण होने की तिथि तय थी लेकिन आज भी काम अधूरा है। योजना के तहत 2,252 लोगों को कनेक्शन देना है। भगवानपुर उर्फ भूलना और सोनबरसा दो ग्राम सभाओं के लोगों को पानी की आपूर्ति की जानी है। गांव के नरेंद्र ने बताया कि एक वर्ष से कार्य ठप है। इसके बारे में कोई सटीक जानकारी भी नहीं मिल पाती है। महेंद्र का कहना है कि अब तो हर घर को शुद्ध जल मिलना सपना बनकर रह गया है।
टंकी के लिए चार फिट पिलर खड़ा कर छोड़ दिया गया
बसवार गांव में पेयजल योजना के तहत 2023 में ओवरहेड टैंक का निर्माण 182.15 लाख रुपये की लागत से शुरू कराया गया था। 25 अगस्त 2024 को कार्य पूर्ण होने की तिथि तय थी लेकिन जिम्मेदारों ने फाइलों में काम को पूरा कर दायित्व की इतिश्री कर दी। हकीकत में लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। पूछने पर सटीक जानकारी भी नहीं दी जाती है। योजना से 1,000 लोगों को लाभ दिया जाना है। कार्यदायी संस्था रिथविक कोया है। आधा अधूरा बाउंड्री वॉल खड़ा किया गया है। गांव के दिनेश ने बताया कि कई स्थानों पर गड्ढा खोदकर छोड़ा गया है। मौके पर टंकी के लिए चार फिट पिलर खड़ा कर छोड़ दिया गया है।
तय समय के दो साल बाद भी काम अधूरा
मोरवन गांव में योजना के तहत 2022 में ओवरहेड टैंक बनना शुरू हुआ था लेकिन यह पूरा नहीं हो सका है। इसकी लागत 184.17 लाख रुपये है। 29 अगस्त 2024 को काम पूरा करना था। ग्रामीण सर्वेश ने बताया कि तय समय के बाद भी कार्य अधूरा है। पेय जल योजना से कुल 500 आबादी को लाभ मिलना है। पता नहीं कब हर घर में शुद्ध जल मिलेगा। कार्यदायी संस्था रिथविक कोया है। तय समय के दो साल बीतने के बाद भी निर्माण अधूरा है। कई बार शिकायत की गई लेकिन फिर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।
पोर्टल पर दर्ज प्रगति एक नजर में
जल जीवन मिशन के पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक तीन कार्यदायी संस्थाएं काम कर रहीं हैं। इनके काम की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज है। यूपी जल निगम 110 गांवों को कवर कर रहा है। 61,714 घरों को कनेक्शन दिया गया है। जेएमसी लक्ष्मी 451 गांव को कवर करते हुए 1,84,375 घर को कनेक्शन दिया है। जबकि रिथविक कोया कार्यदायी संस्था ने 641 गांवों को कवर करते हुए 1,84,726 घर को कनेक्शन दिया है। इन तीनों कार्यदायी संस्थाओं में जल निगम की प्रति 100 प्रतिशत दर्ज है। जेएमसी की 95 और कोया की 92 प्रतिशत कार्य पूरा है।
कोट
एक वर्ष से अधिक समय हो गया है। कार्यदायी संस्था जल निगम की ओर से काम अब तक पूरा नहीं कराया गया। चारों तरफ बाउंड्री वाल का निर्माण किया गया है। ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पानी की टंकी नहीं बनने के कारण ग्राम सभा के लोग शुद्ध पेय जल नहीं मिल रहा है।
-इंद्रजीत यादव, मोरवन
ग्राम सभा में कार्यदायी संस्था के द्वारा न तो बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया है और न ही पानी की टंकी बनाई गई है। आधा अधूरा पिलर खड़ा कर ठेकेदार दो वर्ष से लापता है। शुद्ध जल गांव के लोगों को फाइलों में ही दिया जा रहा है। जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है।
-राम किशुन मौर्य, बसवार
ग्राम सभा में पानी की टंकी का पिलर अधूरा बना है। छह में जंग लग रहा है। चहारदीवारी का निर्माण कराया गया है। बिजली की आपूर्ति भी नहीं की गई है। पाइप लाइन भी पूरे गांव में नहीं बिछाई गई है।
- केवल प्रसाद, भगवानपुर उर्फ भूलना
शुद्ध जल के लिए ओवरहेड टैंक दो साल पहले बनना शुरू हुआ था लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। जिम्मेदार भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। कनेक्शन मिलना तो दूर की बात, टैंक के लिए पिलर भी नहीं लगा है।
-बैजनाथ यादव, लुठहवा
वर्जन
ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से हर संभव प्रयास जारी है। जहां काम अधूरा है, वहां तेजी से पूरा करने के लिए निर्देश दिया गया है। एक माह के अंदर सभी काम पूरे हो जाएंगे।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम
