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Maharajganj News: सतत आकलन से बनाए रख सकते हैं निपुणता का दर्जा
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डायट सभागार में सात ब्लाक के एआरपी की बैठक
डायट प्राचार्य अभिजीत सिंह ने किया संबोधित
महराजगंज। निपुण भारत मिशन की बैठक शनिवार डायट प्राचार्य अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में निपुण घोषित होने के बाद क्या करना और क्या नहीं करना है, इस विषय में एआरपी व शिक्षकों को जानकारी दे गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य ने कहा कि सतत मूल्यांकन व अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से जोड़कर निपुण आकलन को मजबूत किया जा सकता है। शिक्षक व अभिभावक बैठक की अनिवार्यता विभाग ने लागू कर रखा है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए शिक्षक-अभिभावक संवाद काफी कारगर है इसलिए जरूरी है कि इसकी निरंतरता बनाए रखें। प्रधानाध्यापकों को इस पर ध्यान देकर नियमित बैठकों को न सिर्फ आयोजित करना होगा बल्कि सभी बच्चों के अभिभावक पहुंचे यह भी सुनिश्चित करना होगा। डायट के निपुण नोडल वरिष्ठ प्रवक्ता सुनील कुमार भारती ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का निरंतर मूल्यांकन प्रभावी रखने की जरूरत है। इससे यह पता चलता है कि बच्चे ने कितना सीखा और कितना सीखना शेष है। आकलन से मिले परिणाम के मुताबिक शिक्षक कार्य करने से स्कूल की निपुणता बनी रहेगी। बैठक में लक्ष्मीपुर, पनियरा, परतावल,बृजमनगंज, नौतनवां, निचलौल व सिसवां ब्लॉक के एआरपी व संकुल शिक्षक मौजूद रहे।
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डायट प्राचार्य अभिजीत सिंह ने किया संबोधित
महराजगंज। निपुण भारत मिशन की बैठक शनिवार डायट प्राचार्य अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में निपुण घोषित होने के बाद क्या करना और क्या नहीं करना है, इस विषय में एआरपी व शिक्षकों को जानकारी दे गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य ने कहा कि सतत मूल्यांकन व अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा से जोड़कर निपुण आकलन को मजबूत किया जा सकता है। शिक्षक व अभिभावक बैठक की अनिवार्यता विभाग ने लागू कर रखा है लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए शिक्षक-अभिभावक संवाद काफी कारगर है इसलिए जरूरी है कि इसकी निरंतरता बनाए रखें। प्रधानाध्यापकों को इस पर ध्यान देकर नियमित बैठकों को न सिर्फ आयोजित करना होगा बल्कि सभी बच्चों के अभिभावक पहुंचे यह भी सुनिश्चित करना होगा। डायट के निपुण नोडल वरिष्ठ प्रवक्ता सुनील कुमार भारती ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का निरंतर मूल्यांकन प्रभावी रखने की जरूरत है। इससे यह पता चलता है कि बच्चे ने कितना सीखा और कितना सीखना शेष है। आकलन से मिले परिणाम के मुताबिक शिक्षक कार्य करने से स्कूल की निपुणता बनी रहेगी। बैठक में लक्ष्मीपुर, पनियरा, परतावल,बृजमनगंज, नौतनवां, निचलौल व सिसवां ब्लॉक के एआरपी व संकुल शिक्षक मौजूद रहे।
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