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Mahoba News: किसानों के साथ ही स्कूल की जमीन पर भी करा लिया फर्जी फसल बीमा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 24 Jan 2026 12:51 AM IST
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महोबा। जिले के चरखारी ब्लॉक के पहरेथा गांव में किसानों के साथ ही एक निजी विद्यालय की जमीन पर भी फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया। रबी-2024 सीजन में इस गांव के 43 किसानों की जमीन पर 83 पॉलिसियां ली गईं और क्लेम निकाल लिया गया। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी-2024 में अब चरखारी तहसील के पहरेथा गांव में भी घोटाला किए जाने की आशंका है। क्षेत्र के कुआं, पड़ोरा गांव की तरह पहरेथा गांव में यह गड़बड़ी सामने आ रही है।
जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस गांव के किसान केशव प्रसाद, संगीता, गीता, अखिलेश, मोहन सिंह, देवीदीन, रामअवतार, सत्येंद्र, वासुदेव, प्रभुदयाल, सुशील कुमार, मोहनलाल, संपत, टेकचंद्र, श्यामलाल, अवनींद्र सिंह, रामकृपाल आदि 43 किसानों की 887 बीघा जमीन पर 83 बीमा पॉलिसियां अलग-अलग नामों से ली गईं। इन पॉलिसी में दर्ज नाम, मूल किसान के नाम से भिन्न होने से इन सभी पॉलिसी के फर्जी होने की आशंका है।
सभी 83 पॉलिसी के रिकाॅर्ड के अनुसार रबी-2024 सीजन में चना की फसल बोई गई और प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाकर क्लेम लिया गया।
घोटालेबाजों ने किसानों की जमीनों के साथ ही गांव में स्थित भारत जूनियर हाईस्कूल के नाम (खसरा नंबर 2410 व 1428) की 5.5 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर दो फसल बीमा पॉलिसी लीं और इसका क्लेम भी निकाल लिया।
स्कूल के लिपिक केशव प्रसाद का कहना है उनके विद्यालय की जमीन को ठेके पर कृषि कार्य के लिए दिया जाता है लेकिन न तो ठेके पर लेने वाले व्यक्ति ने फसल बीमा कराया और न ही विद्यालय प्रबंधन की ओर से बीमा कराया गया। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि इस तरह के मामलों की एसआईटी से जांच होनी चाहिए। इसमें खरीफ-2024 की तरह से रबी-2024 सीजन में भी करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी-2024 में अब चरखारी तहसील के पहरेथा गांव में भी घोटाला किए जाने की आशंका है। क्षेत्र के कुआं, पड़ोरा गांव की तरह पहरेथा गांव में यह गड़बड़ी सामने आ रही है।
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जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस गांव के किसान केशव प्रसाद, संगीता, गीता, अखिलेश, मोहन सिंह, देवीदीन, रामअवतार, सत्येंद्र, वासुदेव, प्रभुदयाल, सुशील कुमार, मोहनलाल, संपत, टेकचंद्र, श्यामलाल, अवनींद्र सिंह, रामकृपाल आदि 43 किसानों की 887 बीघा जमीन पर 83 बीमा पॉलिसियां अलग-अलग नामों से ली गईं। इन पॉलिसी में दर्ज नाम, मूल किसान के नाम से भिन्न होने से इन सभी पॉलिसी के फर्जी होने की आशंका है।
सभी 83 पॉलिसी के रिकाॅर्ड के अनुसार रबी-2024 सीजन में चना की फसल बोई गई और प्राकृतिक आपदा से नुकसान दिखाकर क्लेम लिया गया।
घोटालेबाजों ने किसानों की जमीनों के साथ ही गांव में स्थित भारत जूनियर हाईस्कूल के नाम (खसरा नंबर 2410 व 1428) की 5.5 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर दो फसल बीमा पॉलिसी लीं और इसका क्लेम भी निकाल लिया।
स्कूल के लिपिक केशव प्रसाद का कहना है उनके विद्यालय की जमीन को ठेके पर कृषि कार्य के लिए दिया जाता है लेकिन न तो ठेके पर लेने वाले व्यक्ति ने फसल बीमा कराया और न ही विद्यालय प्रबंधन की ओर से बीमा कराया गया। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि इस तरह के मामलों की एसआईटी से जांच होनी चाहिए। इसमें खरीफ-2024 की तरह से रबी-2024 सीजन में भी करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा।
