{"_id":"69b99f1dcb0fa6a7ac018cba","slug":"half-the-village-has-no-pipeline-villagers-are-waiting-for-water-mahoba-news-c-225-1-mah1001-123416-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: आधे गांव में पाइपलाइन नहीं ग्रामीणों को पानी का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: आधे गांव में पाइपलाइन नहीं ग्रामीणों को पानी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बेलाताल (महोबा)। जैतपुर ब्लॉक के ग्राम मवइया में जल जीवन मिशन की स्थिति बेहद खराब है। योजना के तहत पूरे गांव में पाइपलाइन बिछाने का दावा किया गया लेकिन हकीकत यह है कि केवल एक मोहल्ले में ही पाइपलाइन डाली गई जबकि शेष गांव में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई। ऐसे में ग्रामीणों को अभी भी पानी का इंतजार है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ेगा।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1,100 करोड़ की पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। गांवों में पाइपलाइन डालने के लिए सीसी सड़कें खोदी गई थीं लेकिन इसके बाद सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया। अधिकांश गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। इसको लेकर जलशक्ति मंत्री और चरखारी विधायक के बीच कहासुनी हुई थी। विधायक ने पेयजल योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया था। मंत्री ने एक माह के अंदर परियोजनाओं को पूरा करने और पेयजल आपूर्ति बहाल करने के आदेश दिए थे।
डेढ़ माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश गांवों में योजना अधूरी पड़ी है। तो कहीं सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर योजना के कार्यों की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है। मवइया गांव में जल जीवन मिशन योजना का हाल बेहाल है। जहां-जहां नल कनेक्शन दिए गए हैं। वहां घरों में न तो टोटी लगी है और न ही स्टैंड लगाया गया है। इन कनेक्शनों से आज तक एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा। मुख्य पाइपलाइन गांव के बाहर नाले तक तो डाल दी गई लेकिन उसे गांव की आंतरिक पाइपलाइन से जोड़ा ही नहीं गया। प्राथमिक विद्यालय के पीछे बनाई जा रही पानी की टंकी भी अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन साल से इसका निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
ऐसे में जलापूर्ति की उम्मीद भी अधूरी है। गर्मी के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। गांव के लोग आज भी हैंडपंप के सहारे हैं, जिनमें से कुछ ही हैंडपंप पीने योग्य पानी दे रहे हैं। कई परिवारों ने मजबूरी में अपने घरों में सबमर्सिबल लगवाए हैं लेकिन बिजली न रहने पर पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। जिस मोहल्ले में पाइपलाइन डाली गई, वहां की सीसी सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया और उसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। इससे राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द कार्य पूरा कराकर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।
Trending Videos
जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 1,100 करोड़ की पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। गांवों में पाइपलाइन डालने के लिए सीसी सड़कें खोदी गई थीं लेकिन इसके बाद सड़कों को दुरुस्त नहीं कराया गया। अधिकांश गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा। इसको लेकर जलशक्ति मंत्री और चरखारी विधायक के बीच कहासुनी हुई थी। विधायक ने पेयजल योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाया था। मंत्री ने एक माह के अंदर परियोजनाओं को पूरा करने और पेयजल आपूर्ति बहाल करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेढ़ माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश गांवों में योजना अधूरी पड़ी है। तो कहीं सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर योजना के कार्यों की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है। मवइया गांव में जल जीवन मिशन योजना का हाल बेहाल है। जहां-जहां नल कनेक्शन दिए गए हैं। वहां घरों में न तो टोटी लगी है और न ही स्टैंड लगाया गया है। इन कनेक्शनों से आज तक एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा। मुख्य पाइपलाइन गांव के बाहर नाले तक तो डाल दी गई लेकिन उसे गांव की आंतरिक पाइपलाइन से जोड़ा ही नहीं गया। प्राथमिक विद्यालय के पीछे बनाई जा रही पानी की टंकी भी अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन साल से इसका निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
ऐसे में जलापूर्ति की उम्मीद भी अधूरी है। गर्मी के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। गांव के लोग आज भी हैंडपंप के सहारे हैं, जिनमें से कुछ ही हैंडपंप पीने योग्य पानी दे रहे हैं। कई परिवारों ने मजबूरी में अपने घरों में सबमर्सिबल लगवाए हैं लेकिन बिजली न रहने पर पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। जिस मोहल्ले में पाइपलाइन डाली गई, वहां की सीसी सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया और उसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई। इससे राहगीरों और ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने जल्द कार्य पूरा कराकर जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।