{"_id":"6aa98f36604922dc310385bd","slug":"havoc-caused-by-infectious-diseases-two-dead-including-a-female-student-mahoba-news-c-225-1-sknp1045-128814-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: संक्रामक बीमारियों का कहर, छात्रा समेत दो की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: संक्रामक बीमारियों का कहर, छात्रा समेत दो की मौत
विज्ञापन
फोटो 15 एमएएचपी 03 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देखते डॉ. राजेश कुमार भट्ट। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा/श्रीनगर। जिले में संक्रामक बीमारियों का कहर जारी है। सोमवार की रात छात्रा समेत दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। जिला अस्पताल के अलावा निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, बुखार, खांसी, जुकाम, पेटदर्द आदि के मरीजों की भरमार है। चिकित्सक इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। इस दौरान पर्चा कटवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 1,180 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनमें 256 मरीजों की खून की जांचें की गई जिसमें से दो मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई। वहीं, पिछले 24 घंटे में बुखार, पेटदर्द आदि से ग्रसित शिवांश, नंदनी, डॉली, रिचा, दीक्षा, सोनी और उर्मिला की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया।
कोतवाली क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव निवासी रणधीर यादव ने बताया कि उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी अर्पिता को दो दिन से सर्दी-जुकाम व बुखार था। कई जगह इलाज कराने के बाद उसे आराम नहीं मिला। छतरपुर में इलाज कराने पर डॉक्टर ने उसे बांदा अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
श्रीनगर संवाद के अनुसार कस्बे के मोहल्ला भैरवगंज निवासी राजाराम साहू की बेटी खुशबू (20) शहर के रामश्री कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। तेज बुखार होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में खान-पान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले व बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढकें।
-ताजा, ढका व अच्छी तरह पका भोजन खाएं।
-साफ या उबला पानी पिएं।
-आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।
विज्ञापन
मंगलवार को जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। इस दौरान पर्चा कटवाने से लेकर काउंटर से दवाएं लेने के लिए मरीजों को घंटों बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान ओपीडी में 1,180 मरीज उपचार कराने पहुंचे। इनमें 256 मरीजों की खून की जांचें की गई जिसमें से दो मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हुई। वहीं, पिछले 24 घंटे में बुखार, पेटदर्द आदि से ग्रसित शिवांश, नंदनी, डॉली, रिचा, दीक्षा, सोनी और उर्मिला की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव निवासी रणधीर यादव ने बताया कि उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी अर्पिता को दो दिन से सर्दी-जुकाम व बुखार था। कई जगह इलाज कराने के बाद उसे आराम नहीं मिला। छतरपुर में इलाज कराने पर डॉक्टर ने उसे बांदा अस्पताल रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
श्रीनगर संवाद के अनुसार कस्बे के मोहल्ला भैरवगंज निवासी राजाराम साहू की बेटी खुशबू (20) शहर के रामश्री कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। तेज बुखार होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि मौसम में बदलाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में खान-पान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ऐसे करें बचाव
-भोजन से पहले व बाहर से आने पर हाथों को अच्छी तरह धोएं।
-खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढकें।
-ताजा, ढका व अच्छी तरह पका भोजन खाएं।
-साफ या उबला पानी पिएं।
-आसपास पानी न जमा होने दें।
-संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं।