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Mahoba News: आईवीआरएस व मोबाइल ऐप से गैस बुकिंग की चल रही माथापच्ची
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 14 Mar 2026 11:50 PM IST
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महोबा। गैस उपभोक्ताओं को ऑनलाइन गैस बुकिंग का अंतिम विकल्प देना और कार्यालयों को बंद करना उपभोक्ताओं को अभी राहत नहीं दे रहा है। उपभोक्ता सिलिंडर के लिए आईवीआरएस प्रक्रिया, अन्य विशेष व थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप्स के जरिए गैस बुकिंग के लिए सुबह से शाम तक माथापच्ची कर रहे हैं। इसमें पढ़े-लिखे लोग तो सफल हो जा रहे हैं लेकिन अन्य लोगों के लिए अभी भी यह सिरदर्द बना हुआ है। फिलहाल गैस सिलिंडर की समस्या बनी हुई है।
गैस उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या आईवीआरएस (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम) प्रणाली है। अभी तक उपभोक्ता इसी प्रक्रिया से गैस बुक कर रहे थे लेकिन अब इसका नंबर आसानी से नहीं लग रहा है। लगता है तो ओटीपी मोबाइल पर नहीं आ रही है। प्रशासन की अपील पर लोगों ने गैस बुकिंग के लिए विशेष और थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप, फोन पे, पेटीएम, गूगल पे से भी गैस बुकिंग प्रक्रिया शुरू की है।
दीनदयाल, प्रकाश, महेंद्र, नरेंद्र आदि का कहना है कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस कॉल करने पर ही गैस बुक हो जाती थी। अब इसमें भी समस्या है। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग करने पर सिलिंडरों की होम डिलीवरी कराई जा रही है।
सोशल मीडिया पर बन रहा मजाक, याद किए जा रहे पुराने दिन
महोबा। गैस किल्लत के बाद से घरों व ढाबों में लकड़ी, कोयला के सहारे खाना पकाने की तैयारी भी होने लगी है। ऐसे में सोशल मीडिया इस किल्लत को मजाक के रूप में ले रहा है। इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने वाले क्रिएटर, भरा हुआ गैस सिलिंडर का फोटो लगाकर तरह-तरह के गानों से सिलिंडर का स्वागत कर रहे हैं जबकि कुछ लोग गोबर से बनने वाले उपलों को सोना बताकर उसका प्रयोग करने की बात कह रहे हैं। गैस और दूसरे ईंधन विकल्पों पर गजब-गजब के तथ्य निकालकर इसका प्रयोग सोशल मीडिया में किया जा रहा है।
रसोई में शुरू हुई कटौती
अब गृहिणियों की ओर से रसोई में कटौती भी शुरू कर दी गई है। लोगों ने बताया कि उनके घरों में दिनभर में चार-पांच बार चाय बनाई जाती थी। अब चाय केवल एक और बहुत जरूरी हुआ तो दो बार बन रही है। इसी तरह से खाने के लिए घरों में बनाए जाने वाले फास्ट फूड्स को भी पकाने में कई बार सोचना पड़ रहा है।
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गैस उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ी समस्या आईवीआरएस (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम) प्रणाली है। अभी तक उपभोक्ता इसी प्रक्रिया से गैस बुक कर रहे थे लेकिन अब इसका नंबर आसानी से नहीं लग रहा है। लगता है तो ओटीपी मोबाइल पर नहीं आ रही है। प्रशासन की अपील पर लोगों ने गैस बुकिंग के लिए विशेष और थर्ड पार्टी मोबाइल ऐप, फोन पे, पेटीएम, गूगल पे से भी गैस बुकिंग प्रक्रिया शुरू की है।
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दीनदयाल, प्रकाश, महेंद्र, नरेंद्र आदि का कहना है कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस कॉल करने पर ही गैस बुक हो जाती थी। अब इसमें भी समस्या है। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग करने पर सिलिंडरों की होम डिलीवरी कराई जा रही है।
सोशल मीडिया पर बन रहा मजाक, याद किए जा रहे पुराने दिन
महोबा। गैस किल्लत के बाद से घरों व ढाबों में लकड़ी, कोयला के सहारे खाना पकाने की तैयारी भी होने लगी है। ऐसे में सोशल मीडिया इस किल्लत को मजाक के रूप में ले रहा है। इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाने वाले क्रिएटर, भरा हुआ गैस सिलिंडर का फोटो लगाकर तरह-तरह के गानों से सिलिंडर का स्वागत कर रहे हैं जबकि कुछ लोग गोबर से बनने वाले उपलों को सोना बताकर उसका प्रयोग करने की बात कह रहे हैं। गैस और दूसरे ईंधन विकल्पों पर गजब-गजब के तथ्य निकालकर इसका प्रयोग सोशल मीडिया में किया जा रहा है।
रसोई में शुरू हुई कटौती
अब गृहिणियों की ओर से रसोई में कटौती भी शुरू कर दी गई है। लोगों ने बताया कि उनके घरों में दिनभर में चार-पांच बार चाय बनाई जाती थी। अब चाय केवल एक और बहुत जरूरी हुआ तो दो बार बन रही है। इसी तरह से खाने के लिए घरों में बनाए जाने वाले फास्ट फूड्स को भी पकाने में कई बार सोचना पड़ रहा है।