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Mainpuri News: बोगस फर्म के जरिए 25 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा
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फोटो 1 बोगस फर्म के नाम पर 25 करोड जीएसटी चोरी के आरोपी। संवाद
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मैनपुरी। बोगस फर्म के जरिए करीब 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले दिल्ली के दो ठगों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि जीएसटी अधिकारियों की शिकायत के बाद कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी की जा रही है। कब्जे से लैपटॉप आदि बरामद हुए हैं।
सदर कोतवाली में दो माह पूर्व दो बोगस फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एसपी ने बताया कि जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। इसके अलावा अन्य टीमें भी जांच में लगी थीं। साइबर एक्सपर्ट महिपाल भदौरिया, सरयू कुमार, जोगेंद्र चौधरी, मनोज कुमार, विपिन कुमार की टीम ने जांच के दौरान दिल्ली के दो संदिग्धों की पहचान की।
प्रपत्र आदि के जरिए पता चला कि दोनों संदिग्ध ही बोगस फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराने के बाद ठगी कर रहे हैं। शुक्रवार को टीम ने चंदन मिश्रा निवासी गली नंबर 14 भट्टा रोड स्वरूप नगर, नई दिल्ली और संजीत सिंह निवासी गली नंबर 9 को गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर उनसे पूछताछ की तो बोगस फर्म के रजिस्ट्रेशन व करोड़ों की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ।
पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वह नौकरी के नाम पर भोले-भाले गरीब लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड लेकर उनसे बैंक खाते व जीएसटी फर्म खोल कर फर्जी जीएसटी बिल व ईवे बिल काटते थे। चंदन फर्मों की अकाउंटिंग व जीएसटी का काम देखता और संजीत जीएसटी की फर्म खोलने के लिए स्थानों की व्यवस्था करता था।
भोले-भाले लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके नाम से फर्जी जीएसटी फर्म पंजीकृत कराकर उनके नाम पर फर्जी बिल, ईवे बिल काटकर जीएसटी की चोरी करते थे। कोतवाली में दर्ज दो मामलों में करीब 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। दोनों ही मामलों में चंदन और संजीत की संलिप्तता रही।
पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वह लोग अब तक करीब 150 फर्मों का फर्जी जीएसटी व ईवे बिल बनाने में प्रयोग किया है।
चंदन के खिलाफ ललितपुर में भी साइबर अपराध का मुकदमा दर्ज है, ललितपुर साइबर पुलिस से संपर्क किया गया है, जीएसटी चोरी करने वाले गैंग के बारे में जानकारी की जा रही है, अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल, एक लैपटाॅप, 12 जीएसटी फर्मों से संबंधित प्रपत्र मिले हैं।
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सदर कोतवाली में दो माह पूर्व दो बोगस फर्मों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एसपी ने बताया कि जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। इसके अलावा अन्य टीमें भी जांच में लगी थीं। साइबर एक्सपर्ट महिपाल भदौरिया, सरयू कुमार, जोगेंद्र चौधरी, मनोज कुमार, विपिन कुमार की टीम ने जांच के दौरान दिल्ली के दो संदिग्धों की पहचान की।
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प्रपत्र आदि के जरिए पता चला कि दोनों संदिग्ध ही बोगस फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराने के बाद ठगी कर रहे हैं। शुक्रवार को टीम ने चंदन मिश्रा निवासी गली नंबर 14 भट्टा रोड स्वरूप नगर, नई दिल्ली और संजीत सिंह निवासी गली नंबर 9 को गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर उनसे पूछताछ की तो बोगस फर्म के रजिस्ट्रेशन व करोड़ों की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ।
पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वह नौकरी के नाम पर भोले-भाले गरीब लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड लेकर उनसे बैंक खाते व जीएसटी फर्म खोल कर फर्जी जीएसटी बिल व ईवे बिल काटते थे। चंदन फर्मों की अकाउंटिंग व जीएसटी का काम देखता और संजीत जीएसटी की फर्म खोलने के लिए स्थानों की व्यवस्था करता था।
भोले-भाले लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके नाम से फर्जी जीएसटी फर्म पंजीकृत कराकर उनके नाम पर फर्जी बिल, ईवे बिल काटकर जीएसटी की चोरी करते थे। कोतवाली में दर्ज दो मामलों में करीब 25 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। दोनों ही मामलों में चंदन और संजीत की संलिप्तता रही।
पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि वह लोग अब तक करीब 150 फर्मों का फर्जी जीएसटी व ईवे बिल बनाने में प्रयोग किया है।
चंदन के खिलाफ ललितपुर में भी साइबर अपराध का मुकदमा दर्ज है, ललितपुर साइबर पुलिस से संपर्क किया गया है, जीएसटी चोरी करने वाले गैंग के बारे में जानकारी की जा रही है, अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल, एक लैपटाॅप, 12 जीएसटी फर्मों से संबंधित प्रपत्र मिले हैं।