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Mainpuri News: बंदी बोला- जमानत तो हो गई लेकिन नहीं हैं जमानतगीर
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फोटो 18 जेल का निरीक्षण करती प्राधिकरण सचिव प्रीती गिरि। संवाद
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मैनपुरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रीती गिरि ने शुक्रवार को जेल का निरीक्षण किया। बैरकों में पहुंचकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। एक बंदी प्रभुदयाल ने बताया कि उसकी जमानत हो चुकी है। लेकिन जमानतगीर नहीं होने से उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। प्राधिकरण सचिव ने जेल अधीक्षक को बंदी का प्रार्थनापत्र प्राधिकरण कार्यालय में कार्रवाई के लिए भेजने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को प्राधिकरण सचिव ने जेल अधीक्षक शशांक पांडेय, जेलर जितेंद्र कश्यप, डिप्टी जेलर रतन प्रिया बौद्ध के साथ जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक संख्या एक, दो पांच, छह, सात ए-बी, आठ ए-बी, नौ ए-बी, 10-ए, 11 ए-बी सहित महिला बैरक में जाकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। बंदियों को दी जाने वाली विधिक सहायता की समीक्षा की।
पाकशाला में पहुंचकर बंदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को देखा। प्राधिकरण सचिव ने जेल अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक बंदी की अलग से फाइल तैयार कर उसमें विधिक सहायता से जुड़े आदेश, एफआइआर, जमानत आदेश सहित अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। बैरक वार रजिस्टर तैयार कर बंदियों के स्थानांतरण का विवरण दर्ज कराया जाए।
प्राधिकरण सचिव को निरीक्षण में जेल अस्पताल में सात बीमार बंदी भर्ती मिले। बंदियों को उनके अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस मौके पर चीफ डिफेंस काउंसिल ह्दय कुमार चतुर्वेदी, सहायक डिफेंस काउंसिल अनुज दीक्षित, विनोद कुमार, जेल विजिटर सुनील कुमार, प्राधिकरण कार्यालय प्रभारी देवेंद्र सिंह मौजूद रहे। संवाद
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शुक्रवार को प्राधिकरण सचिव ने जेल अधीक्षक शशांक पांडेय, जेलर जितेंद्र कश्यप, डिप्टी जेलर रतन प्रिया बौद्ध के साथ जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बैरक संख्या एक, दो पांच, छह, सात ए-बी, आठ ए-बी, नौ ए-बी, 10-ए, 11 ए-बी सहित महिला बैरक में जाकर बंदियों की समस्याएं सुनीं। बंदियों को दी जाने वाली विधिक सहायता की समीक्षा की।
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पाकशाला में पहुंचकर बंदियों के लिए बनाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को देखा। प्राधिकरण सचिव ने जेल अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक बंदी की अलग से फाइल तैयार कर उसमें विधिक सहायता से जुड़े आदेश, एफआइआर, जमानत आदेश सहित अन्य दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएं। बैरक वार रजिस्टर तैयार कर बंदियों के स्थानांतरण का विवरण दर्ज कराया जाए।
प्राधिकरण सचिव को निरीक्षण में जेल अस्पताल में सात बीमार बंदी भर्ती मिले। बंदियों को उनके अधिकारों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। इस मौके पर चीफ डिफेंस काउंसिल ह्दय कुमार चतुर्वेदी, सहायक डिफेंस काउंसिल अनुज दीक्षित, विनोद कुमार, जेल विजिटर सुनील कुमार, प्राधिकरण कार्यालय प्रभारी देवेंद्र सिंह मौजूद रहे। संवाद
