सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mainpuri News ›   Post mortem report deepens mystery surrounding Branch Postmaster death

हत्या या आत्महत्या: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझी शाखा डाकपाल की मौत की गुत्थी, फंदे पर लटकी मिली थी लाश

संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Published by: Arun Parashar Updated Tue, 16 Jun 2026 07:38 PM IST
विज्ञापन
सार

निखिल की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें कार्यस्थल पर प्रताड़ना का जिक्र करते हुए डाक अधीक्षक एसके शुक्ला और पर्यवेक्षक श्याम तिवारी को खुदकुशी का जिम्मेदार ठहराते हुए सजा दिलाने की मांग की गई थी। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली और डाक अधीक्षक हटा दिए गए।
 

Post mortem report deepens mystery surrounding Branch Postmaster death
शाखा डाकपाल की माैत से परिवार में कोहराम मच गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

मैनपुरी में शाखा डाकपाल सचिन वर्मा की मौत खुदकुशी थी या वह किसी साजिश का शिकार हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट साफ तौर पर आत्महत्या की बात को नकार रही है। रिपोर्ट ने पुलिस की भी उलझन बढ़ा दी है। गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं पर मजबूती के साथ जांच कर रही है। रिपोर्ट को लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।


थाना क्षेत्र के गांव राम नगर बलारपुर निवासी 26 वर्षीय निखिल वर्मा बेवर क्षेत्र की डाकघर मुड़ई में शाखा डाकपाल के पद पर तैनात था। विगत बृहस्पतिवार सुबह उनका शव फंदे पर लटका मिला था, निखिल की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें कार्यस्थल पर प्रताड़ना का जिक्र करते हुए डाक अधीक्षक एसके शुक्ला और पर्यवेक्षक श्याम तिवारी को खुदकुशी का जिम्मेदार ठहराते हुए सजा दिलाने की मांग की गई थी। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली और डाक अधीक्षक हटा दिए गए। पर्यवेक्षक को निलंबित किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

मगर निखिल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तो घटना की अलग ही कहानी बयां कर रही है। रिपोर्ट में मौत की वजह एक्सपेसिया ड्यू टू एंटी मार्टम स्ट्रगुलेशन बताया गया है। मौत सांस घुटने के कारण हुई है जो हत्या या हमले के मकसद से जीवित अवस्था में गला दबाने का परिणाम हो सकती है। हालांकि पुलिस अधिकारी रिपोर्ट को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट तौर पर बोलने को तैयार नहीं है। 

मगर अंदरखाने में घटना का सही खुलासा किए जाने को लेकर गहनता के साथ सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। सुसाइड नोट को भी जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही शायद अधिकारी इस मामले में मजबूती के साथ अपना पक्ष रखने के साथ ही कार्रवाई आगे बढ़ा सकेंगे।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed