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दर्शानंद की तहरीर पर चार नामजद और एक अज्ञात पर केस दर्ज
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वृंदावन। मोतीझील स्थित श्री भूरी वाला आश्रम पर कब्जे को लेकर शुक्रवार को हुए हमले के बाद क्षेत्र के लोग, आश्रम के संत व विद्यार्थी डरे हुए हैं। आश्रम में पुलिस बल तैनात होने के बाद भी यहां रहने वाले खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। रात लोगों ने जागकर गुजारी हमले के मामले में दर्शानंद की ओर से चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।
शुक्रवार दोपहर भूरी वाला आश्रम का मुख्य दरवाजा तोड़कर वहां के मौजूदा महंत स्वामी दर्शनानंद और उनके अनुयायियों पर हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इस घटना में नौ लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में दर्शानंद शिष्य भूमानंद ने स्वामी प्रकाशानंद निवासी राम मंदिर, मक्खोपुर, अमृतसर ग्रामीण पंजाब, स्वामी कृष्णानंद निवासी वीनेवाल बरनाला पंजाब, स्वामी रमानंद और सुखदेव के खिलाफ गिरोह बनाकर गाली गलौज करते हुए हमला कर मारपीट कर घायल करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस संबंध में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हमले में घायल दर्शानंद सहित अन्य लोगों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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मुंह ढककर हमला करने आए थे कई
श्रीभूरी वाला आश्रम में आए हमलावरों में कुछ वृंदावन के लोग भी बताए जा रहे हैं। आश्रम के नारायणानंद ने बताया कि शुक्रवार को जिन लोगों ने हमला किया था, उनमें से कुछ युवा थे। उन्हें अपनी पहचान का डर था, इसलिए सभी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़ों से मुंह को ढक रखा था।
आश्रमों की भूमि पर भूमाफिया की नजर
वृंदावन। वृंदावन में भूमाफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उनके हाथ धर्म की रक्षा करने वाले साधु संतों की गिरेवां तक जा पहुंचे हैं। उन्हें अपने रास्ते से हटाकर मठ, मंदिरों और आश्रमों पर जबरन कब्जा जमाने के लिए जान लेवा हमले करने लगे हैं। इसके पीछे माफिया का हाथ माना जा रहा है। पिछले दिनों चार संप्रदाय आश्रम के महंत बृजबिहारीदास ने आश्रम की जमीन पर कब्जा करने के लिए उन्हें धमकाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष पूर्व आश्रम पर कब्जा करने के लिए उन पर जान लेवा हमला भी किया गया था। भूमाफिया आश्रम की जमीन पर पहले विवाद करवाते हैं, फिर उस जमीन पर कब्जे का काम करते हैं।
विगत वर्षों में वृंदावन में हुईं साधुओं की हत्याएं
२००१-गौरा नगर, रामानुज नगर कॉलोनी निवासी रामलखन दास की हत्या
२००२-गुरुकुल मार्ग के समीप निवासी मनमोहन दास की हत्या
२००५-गौड़िया मठ में एक साधु की निर्मम हत्या
२००६-गौशानगर निवासी रामदास त्यागी की गला दबाकर हत्या
2020 वृंदावन के अटल्ला चुंगी स्थित आश्रम के बालमुकुंद शास्त्री की हत्या
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संपत्ति को लेकर संतों और महंतों पर हुए हमले
०४ अगस्त २००७-गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर जनलेवा हमला, कई साधु घायल
२९ अक्टूबर २००७ गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर कचहरी जाते समय हमला
०७ मार्च २००९ रमणरेती स्थित भागवत निवास पर कब्जे को लेकर संतों पर हमला, तीन साधु घायल
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साधु के हत्यारोपियों के घरों पर दी दबिश, एक साधु पकड़ा
बरसाना। एक साल पूर्व आश्रम कब्जाने के लिए साधु की हत्या करने के आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस ने दबिश दी। ग्राम प्रधान पति व ससुर फरार, एक साधु पकड़ा गया। पकड़े गए साधु का पुलिस ने चालान कर दिया।
पांच सितंबर को यादवानन्द उर्फ बनारसी दास का आश्रम कब्जाने के लिए तीन साधुओं श्याम सुंदर दास ,सितानन्द दास , सहदेव दास ग्राम प्रधान पति व ससुर ने प्रियाकुंड स्थित आश्रम से अपहरण कर लिया। बाद में यादवानन्द का शव 12 सितंबर को ऊंचागांव स्थित कुएं में मिला। जिसकी पहचान उसके पुत्र कृपालु शरण सिंह ने की। जांच चली तो ये लोग दोषी पाए गए। इस आधार पर बरसाना पुलिस ने हत्या के आरोपियों के यहां धरपकड़ को दबिश दी। दविश के दौरान एक साधु सहदेव को पुलिस ने पकड़ लिया। हत्यारोपी का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पवार ने बताया कि दबिश के दौरान पकड़े गए साधु सहदेव दास ने साधु की हत्या करना स्वीकारा। भागे आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश जारी है। बिहार के साधुओं को पकड़ने के लिए बिहार में दबिश दी जाएगी।
गोवर्धन में भी भूमाफिया कर चुके हैं आश्रमों पर कब्जा
गोवर्धन। वृदांवन ही नहीं गोवर्धन में भी बेशकीमती मठ, मंदिर, आश्रमों पर भूमाफिया की नजर है। भूमाफिया 2012 में राधाकुंड परिक्रमा मार्ग स्थित खडेश्वरी आश्रम उसके बाद मोटा बाबा आश्रम को खुर्दबुर्द कर कब्जा कर चुके हैं। इसके बाद भूमाफिया गैंग ने 2015 में माधव गोस्वामी गौड़ीय मठ के महंत का अपहरण कर करोड़ों रुपये की संपत्ति के पब्लिक नोटरी स्टांप पर हस्ताक्षर ले लिए थे। अब पलसों में श्रीधर दास खडेश्वरी बाबा के आश्रम पर कब्जे के प्रयास का मामला चल रहा है। श्रीधर दास की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है।
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शुक्रवार दोपहर भूरी वाला आश्रम का मुख्य दरवाजा तोड़कर वहां के मौजूदा महंत स्वामी दर्शनानंद और उनके अनुयायियों पर हमला कर लहूलुहान कर दिया था। इस घटना में नौ लोग घायल हो गए थे। इस संबंध में दर्शानंद शिष्य भूमानंद ने स्वामी प्रकाशानंद निवासी राम मंदिर, मक्खोपुर, अमृतसर ग्रामीण पंजाब, स्वामी कृष्णानंद निवासी वीनेवाल बरनाला पंजाब, स्वामी रमानंद और सुखदेव के खिलाफ गिरोह बनाकर गाली गलौज करते हुए हमला कर मारपीट कर घायल करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस संबंध में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हमले में घायल दर्शानंद सहित अन्य लोगों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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मुंह ढककर हमला करने आए थे कई
श्रीभूरी वाला आश्रम में आए हमलावरों में कुछ वृंदावन के लोग भी बताए जा रहे हैं। आश्रम के नारायणानंद ने बताया कि शुक्रवार को जिन लोगों ने हमला किया था, उनमें से कुछ युवा थे। उन्हें अपनी पहचान का डर था, इसलिए सभी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए कपड़ों से मुंह को ढक रखा था।
आश्रमों की भूमि पर भूमाफिया की नजर
वृंदावन। वृंदावन में भूमाफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उनके हाथ धर्म की रक्षा करने वाले साधु संतों की गिरेवां तक जा पहुंचे हैं। उन्हें अपने रास्ते से हटाकर मठ, मंदिरों और आश्रमों पर जबरन कब्जा जमाने के लिए जान लेवा हमले करने लगे हैं। इसके पीछे माफिया का हाथ माना जा रहा है। पिछले दिनों चार संप्रदाय आश्रम के महंत बृजबिहारीदास ने आश्रम की जमीन पर कब्जा करने के लिए उन्हें धमकाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष पूर्व आश्रम पर कब्जा करने के लिए उन पर जान लेवा हमला भी किया गया था। भूमाफिया आश्रम की जमीन पर पहले विवाद करवाते हैं, फिर उस जमीन पर कब्जे का काम करते हैं।
विगत वर्षों में वृंदावन में हुईं साधुओं की हत्याएं
२००१-गौरा नगर, रामानुज नगर कॉलोनी निवासी रामलखन दास की हत्या
२००२-गुरुकुल मार्ग के समीप निवासी मनमोहन दास की हत्या
२००५-गौड़िया मठ में एक साधु की निर्मम हत्या
२००६-गौशानगर निवासी रामदास त्यागी की गला दबाकर हत्या
2020 वृंदावन के अटल्ला चुंगी स्थित आश्रम के बालमुकुंद शास्त्री की हत्या
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संपत्ति को लेकर संतों और महंतों पर हुए हमले
०४ अगस्त २००७-गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर जनलेवा हमला, कई साधु घायल
२९ अक्टूबर २००७ गणेश आश्रम के महंत रामजीवनदास पर कचहरी जाते समय हमला
०७ मार्च २००९ रमणरेती स्थित भागवत निवास पर कब्जे को लेकर संतों पर हमला, तीन साधु घायल
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साधु के हत्यारोपियों के घरों पर दी दबिश, एक साधु पकड़ा
बरसाना। एक साल पूर्व आश्रम कब्जाने के लिए साधु की हत्या करने के आरोपियों की धरपकड़ को पुलिस ने दबिश दी। ग्राम प्रधान पति व ससुर फरार, एक साधु पकड़ा गया। पकड़े गए साधु का पुलिस ने चालान कर दिया।
पांच सितंबर को यादवानन्द उर्फ बनारसी दास का आश्रम कब्जाने के लिए तीन साधुओं श्याम सुंदर दास ,सितानन्द दास , सहदेव दास ग्राम प्रधान पति व ससुर ने प्रियाकुंड स्थित आश्रम से अपहरण कर लिया। बाद में यादवानन्द का शव 12 सितंबर को ऊंचागांव स्थित कुएं में मिला। जिसकी पहचान उसके पुत्र कृपालु शरण सिंह ने की। जांच चली तो ये लोग दोषी पाए गए। इस आधार पर बरसाना पुलिस ने हत्या के आरोपियों के यहां धरपकड़ को दबिश दी। दविश के दौरान एक साधु सहदेव को पुलिस ने पकड़ लिया। हत्यारोपी का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पवार ने बताया कि दबिश के दौरान पकड़े गए साधु सहदेव दास ने साधु की हत्या करना स्वीकारा। भागे आरोपियों की धरपकड़ के लिए तलाश जारी है। बिहार के साधुओं को पकड़ने के लिए बिहार में दबिश दी जाएगी।
गोवर्धन में भी भूमाफिया कर चुके हैं आश्रमों पर कब्जा
गोवर्धन। वृदांवन ही नहीं गोवर्धन में भी बेशकीमती मठ, मंदिर, आश्रमों पर भूमाफिया की नजर है। भूमाफिया 2012 में राधाकुंड परिक्रमा मार्ग स्थित खडेश्वरी आश्रम उसके बाद मोटा बाबा आश्रम को खुर्दबुर्द कर कब्जा कर चुके हैं। इसके बाद भूमाफिया गैंग ने 2015 में माधव गोस्वामी गौड़ीय मठ के महंत का अपहरण कर करोड़ों रुपये की संपत्ति के पब्लिक नोटरी स्टांप पर हस्ताक्षर ले लिए थे। अब पलसों में श्रीधर दास खडेश्वरी बाबा के आश्रम पर कब्जे के प्रयास का मामला चल रहा है। श्रीधर दास की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करने में जुटी है।

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