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Mathura: कोसीकलां में हाईवे पर हर कदम पर खतरा, टूटे स्लैब और जर्जर सड़क से लोग परेशान

Mon, 29 Jun 2026 12:27 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 29 Jun 2026 12:27 PM IST
सार

कोसीकलां में राजमार्ग की सर्विस रोड पर जगह-जगह टूटे स्लैब और खुले नाले मानसून से पहले बड़े हादसों का खतरा बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए बारिश से पहले मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।

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Broken Slabs and Open Drains on Highway Raise Accident Risk Ahead of Monsoon
टूटे स्लैब। संवाद - फोटो : संवाद

विस्तार

मथुरा के कोसीकलां में करीब आता मानसून स्थानीय लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ चिंताएं भी ला आ रहा है। इनका कारण है अधूरे पड़े विकास कार्य और विभागीय लापरवाही। राजमार्ग पर सर्विस रोड पर जगह-जगह स्लैब टूटे पड़े हैं। नाले में जगह-जगह सरिया निकली हुई है। ऐसे में बारिश में पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ना लाजमी है।
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राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही से राजमार्ग पर बाईपास तिराहे से लेकर बठैन गेट तक दोनों ओर बने नाले पर लगे स्लैब जगह-जगह टूटे पड़े है। कई जगह ऐसे हैं जहां से लोगों की आवाजाही बराबर बनी रहती है। इसके चलते लोगों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के आने-जाने में भी खतरा बना रहता है। तांगड़ा निवासी जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि कई जगह स्लैब टूटे हुए हैं। बड़े लोग तो किसी तरह से चले जाते हैं लेकिन बच्चों को नाले में गिरने का डर बना रहता है। सर्विस लाइन पर बठैन गेट फ्लाईओवर, बाईपास पर फुट ओवरब्रिज के नीचे भी सड़क जर्जर है। मामूली सी बारिश में जलभराव हो जाता है।
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ऑफिसर काॅलोनी निवासी सीमा और शालू ने बताया कि मंडी गेट के सामने भी कई स्लैब टूटे हुए है। कई बार बच्चे सर्विस लेन से न जाकर नाले में चढ़ जाते हैं ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर जाता है। योगेश खंडेलवाल, हरप्रसाद का कहना है कि एफसीआई गोदाम के सामने भी नाले के ऊपर कई स्लैब टूटे हैं। मामले की जानकारी होने के बाद राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं।
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नहीं हैं चेतावनी सूचक बोर्ड :
नाला क्षतिग्रस्त और टूटे स्लैबो पर कोई चेतावनी या सूचना बोर्ड नहीं लगा हुआ है। ऐसे में हादसे का खतरा है। जबकि नियम यह है कि संवेदनशील जगहों पर चेतावनी या सूचना बोर्ड जरूर लगाया जाना चाहिए। ताकि राहगीर बोर्ड देखकर सतर्कता के साथ सफर करें और किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को समय रहते रोका जा सके। एसडीएम/ईओ अखिलेश कुमार ने बताया कि राजमार्ग पर टूटे पड़े स्लैब और नाले की सफाई के लिए राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा। जिससे बारिश से पूर्व नाले को ढंकवा दिया जाए। ताकि दुर्घटनाएं न हों।
 
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