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Mathura Holi 2023: लठामार होली की छाने लगी खुमारी, हो रही अबीर-गुलाल की वर्षा, जानें कब है लड्डू होली
Mon, 20 Feb 2023 08:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Feb 2023 08:09 AM IST
सार
लड्डू होली 27 फरवरी को और लठामार होली 28 फरवरी को खेली जाएगी। नौ मार्च को विश्व प्रसिद्ध दाऊजी का हुरंगा है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
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मथुरा: राधारानी मंदिर में होली की धूम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के बरसाना में राधाकृष्ण के अलौकिक प्रेम से पगी लठामार होली की खुमारी लोगों के सिर छाने लगी है। इसका नजारा लाडली जी मंदिर में देखने को मिल रहा है। मंदिर के सेवायत शाम 5 से 6 बजे तक समाज गायन कर रहे हैं। इसमें रसिकों द्वारा रचित पदों का गायन वाद्य यंत्रों की धुन पर किया जा रहा है। रंग में रंग दई बांह पकर के लाजन मर गई होरी में... इसको सुनकर श्रद्धालु मस्ती के सागर में गोता लगाने लगे।
रविवार शाम को राधारानी मंदिर के पट खुलते ही देश-विदेश के श्रद्धालु राधारानी के दर्शन करने उमड़ पड़े। मंदिर में शाम को प्रतिदिन अबीर-गुलाल की वर्षा हो रही है। श्रद्धालुजन शाम को होने वाले समाज गायन में पदों को सुनकर मदमस्त हो रहे हैं। इन पदों में ह्वै के श्याम निशंक अंक भुज भर लई होरी में, गाल गुलाल मल्यो होरी में मोतिन लर तोरी होरी में, लोक लाज खूंटी पै कान्हा धर दइ होरी में, बरजोरी कीन्ही होरी में ऐसी बुरी भई होरी में, घासीराम पीर सब तन की हर लइ होरी में आदि गाए जा रहे हैं। जानकारी के लिए बताते चलें, इस बार लड्डू होली 27 फरवरी को और लठामार होली 28 फरवरी को खेली जाएगी।
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होली महोत्सव पर समाज गायन की अनूठी परंपरा है। विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों से प्रांगण में होली समाज गायन होता है। साक्षात देवलोक का नजारा प्रतिदिन होता है। गुलाल की वर्षा से श्रद्धालु धन्य नजर आते हैं। समाज गायन में दाऊजी महाराज खेले फाग, बलराम कुमार होरी खेले, होरी खेलत कृष्ण-बलराम आनंद भयो आदि समाज गायन में पदों का गायन होता है। मंदिर प्रांगण उच्च स्वर से गूंज उठता है। होली का यौवन धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। समाज गायन में गुलाल की वर्षा हो रही है। नौ मार्च को विश्व प्रसिद्ध दाऊजी का हुरंगा है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।
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रविवार शाम को राधारानी मंदिर के पट खुलते ही देश-विदेश के श्रद्धालु राधारानी के दर्शन करने उमड़ पड़े। मंदिर में शाम को प्रतिदिन अबीर-गुलाल की वर्षा हो रही है। श्रद्धालुजन शाम को होने वाले समाज गायन में पदों को सुनकर मदमस्त हो रहे हैं। इन पदों में ह्वै के श्याम निशंक अंक भुज भर लई होरी में, गाल गुलाल मल्यो होरी में मोतिन लर तोरी होरी में, लोक लाज खूंटी पै कान्हा धर दइ होरी में, बरजोरी कीन्ही होरी में ऐसी बुरी भई होरी में, घासीराम पीर सब तन की हर लइ होरी में आदि गाए जा रहे हैं। जानकारी के लिए बताते चलें, इस बार लड्डू होली 27 फरवरी को और लठामार होली 28 फरवरी को खेली जाएगी।
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होली के रसिया स्वरूप में दाऊजी के दर्शन पाकर धन्य हो रहे श्रद्धालु
दाऊजी की नगरी बलदेव में होली महोत्सव का आनंद एवं उत्साह दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। श्री दाऊजी महाराज का विशेष शृंगार व होली के रसिया स्वरूप को देखकर श्रद्धालु धन्य हो रहे हैं। सुबह-शाम गुलाल की वर्षा एवं समाज गायन से भक्ति व आनंद की वर्षा प्रतिदिन हो रही है।
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होली महोत्सव पर समाज गायन की अनूठी परंपरा है। विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों से प्रांगण में होली समाज गायन होता है। साक्षात देवलोक का नजारा प्रतिदिन होता है। गुलाल की वर्षा से श्रद्धालु धन्य नजर आते हैं। समाज गायन में दाऊजी महाराज खेले फाग, बलराम कुमार होरी खेले, होरी खेलत कृष्ण-बलराम आनंद भयो आदि समाज गायन में पदों का गायन होता है। मंदिर प्रांगण उच्च स्वर से गूंज उठता है। होली का यौवन धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। समाज गायन में गुलाल की वर्षा हो रही है। नौ मार्च को विश्व प्रसिद्ध दाऊजी का हुरंगा है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।