{"_id":"69b1bbad8d627d57a00575b9","slug":"fire-safety-system-failed-to-installed-in-two-years-mathura-news-c-161-1-vrn1004-101933-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: 2 साल में नहीं लग पाया फायर सेफ्टी सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: 2 साल में नहीं लग पाया फायर सेफ्टी सिस्टम
विज्ञापन
विज्ञापन
वृंदावन। जिला संयुक्त चिकित्सालय में दो साल पहले फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का शुरू हुआ कार्य पिछले छह माह से बंद है। लखनऊ से निर्धारित की गई कार्यदायी संस्था निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं कर पायी है। इससे अस्पताल में आग लगने की स्थिति में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। अस्पताल ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा कार्यदायी संस्था के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में ओटी, दवा खाना और स्टोर में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। घटनाओं पर नियंत्रण के लिए शासन ने फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए लखनऊ स्तर पर दो साल पहले कार्यदायी संस्था यूपी सीएनडीएफ को सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी दी गई। यह कार्य दो करोड़ रुपये में प्रस्तावित है। कार्य एक वर्ष में संस्था को पूरा करना था।
उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद एजेंसी ने कछुआ चाल से कुछ महीने ही काम किया, कार्य शुरू हुए दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा है। पिछले छह माह से कार्यदायी संस्था ने फायर सेफ्टी सिस्टम का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया। इसका कारण संस्था ने स्पष्ट नहीं किया। इससे अस्पताल में आग लगने पर मरीजों के साथ डॉक्टर और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में हैं।
अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम का कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा पिछले छह माह से बंद कर रखा है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कार्य कब तक पूरा होगा बताना संभव नहीं है।
Trending Videos
जिला संयुक्त चिकित्सालय में ओटी, दवा खाना और स्टोर में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। घटनाओं पर नियंत्रण के लिए शासन ने फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए लखनऊ स्तर पर दो साल पहले कार्यदायी संस्था यूपी सीएनडीएफ को सिस्टम लगाने की जिम्मेदारी दी गई। यह कार्य दो करोड़ रुपये में प्रस्तावित है। कार्य एक वर्ष में संस्था को पूरा करना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद एजेंसी ने कछुआ चाल से कुछ महीने ही काम किया, कार्य शुरू हुए दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा है। पिछले छह माह से कार्यदायी संस्था ने फायर सेफ्टी सिस्टम का कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया। इसका कारण संस्था ने स्पष्ट नहीं किया। इससे अस्पताल में आग लगने पर मरीजों के साथ डॉक्टर और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में हैं।
अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम का कार्य कार्यदायी संस्था द्वारा पिछले छह माह से बंद कर रखा है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कार्य कब तक पूरा होगा बताना संभव नहीं है।