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मथुरा में खेतों में लगी आग: 100 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, नुकसान देख किसानों के छलके आंसू
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 10 Apr 2026 06:48 PM IST
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सार
नौहझील के रायपुर खादर में हाईटेंशन तार टूटने से लगी भीषण आग में करीब सौ से 110 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आक्रोशित किसानों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि तहसीलदार ने सर्वे कराकर मुआवजे का आश्वासन दिया।
फसल में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा के नौहझील थाना क्षेत्र के रायपुर खादर इलाके में शुक्रवार सुबह बिजली के तार टूटने से भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में लगभग तीन दर्जन किसानों की करीब सौ से एक सौ दस बीघा पकी हुई गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक पक्षी के तार से टकराने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और तार टूट गया।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब किसान खेतों में फसल काटने की तैयारी में थे, तभी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर खेत में गिरा। तार टूटते ही निकली चिंगारियों ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर गांव वालों को सूचना दी और सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। संसाधनों के अभाव में किसानों ने ट्रैक्टरों में हैरो लगाकर आग के चारों ओर जुताई शुरू की, जिससे लपटों को आगे बढ़ने से रोका जा सका।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पीड़ित किसान अपनी बर्बाद फसल को देख बिलखते नजर आए। सूचना मिलने पर तहसीलदार बृजेश कुमार और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को घेर लिया और जर्जर तारों व लापरवाही को लेकर खरी-खोटी सुनाई। तहसीलदार ने हस्तक्षेप कर एक महीने के भीतर सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
किसानों का भारी नुकसान
इस भीषण अग्निकांड ने कई किसानों की साल भर की मेहनत को राख में बदल दिया। बेदी और बाबू की साढ़े सात-सात बीघा फसल जल गई, वहीं बालकिशन शर्मा, रामवीर शर्मा, ओमप्रकाश और रामकुमार की पांच-पांच बीघा गेहूं की फसल नष्ट हुई। ओमवीर सिंह, संजीव सिंह, राजीव, दामोदर, देवपाल, वीरवती देवी, शकुंतला, ऋषिपाल शर्मा, नाहर सिंह, रविंद्र और ममता देवी को अपनी चार-चार बीघा फसल से हाथ धोना पड़ा। वेदराम की साढ़े तीन बीघा, सुरेश सिंह, रमेश सिंह, पार्वती देवी, रिंकू, अजय, राजवीर की तीन-तीन बीघा और भूरी व कमल की दो-दो बीघा फसल भी जल गई। प्रशासन प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर रहा है।
दमकल की देरी पर आक्रोश, स्थायी तैनाती की मांग
अग्निकांड की इस घटना ने सरकारी तंत्र की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगते ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन दमकल की गाड़ी घटना के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही आग पर काबू पा चुके थे। दमकल की इस देरी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गेहूं की कटाई के सीजन तक नौहझील थाने पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी स्थायी रूप से तैनात की जाए।
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सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब किसान खेतों में फसल काटने की तैयारी में थे, तभी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर खेत में गिरा। तार टूटते ही निकली चिंगारियों ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग तेजी से फैल गई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर गांव वालों को सूचना दी और सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। संसाधनों के अभाव में किसानों ने ट्रैक्टरों में हैरो लगाकर आग के चारों ओर जुताई शुरू की, जिससे लपटों को आगे बढ़ने से रोका जा सका।
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करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पीड़ित किसान अपनी बर्बाद फसल को देख बिलखते नजर आए। सूचना मिलने पर तहसीलदार बृजेश कुमार और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को घेर लिया और जर्जर तारों व लापरवाही को लेकर खरी-खोटी सुनाई। तहसीलदार ने हस्तक्षेप कर एक महीने के भीतर सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
किसानों का भारी नुकसान
इस भीषण अग्निकांड ने कई किसानों की साल भर की मेहनत को राख में बदल दिया। बेदी और बाबू की साढ़े सात-सात बीघा फसल जल गई, वहीं बालकिशन शर्मा, रामवीर शर्मा, ओमप्रकाश और रामकुमार की पांच-पांच बीघा गेहूं की फसल नष्ट हुई। ओमवीर सिंह, संजीव सिंह, राजीव, दामोदर, देवपाल, वीरवती देवी, शकुंतला, ऋषिपाल शर्मा, नाहर सिंह, रविंद्र और ममता देवी को अपनी चार-चार बीघा फसल से हाथ धोना पड़ा। वेदराम की साढ़े तीन बीघा, सुरेश सिंह, रमेश सिंह, पार्वती देवी, रिंकू, अजय, राजवीर की तीन-तीन बीघा और भूरी व कमल की दो-दो बीघा फसल भी जल गई। प्रशासन प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर रहा है।
दमकल की देरी पर आक्रोश, स्थायी तैनाती की मांग
अग्निकांड की इस घटना ने सरकारी तंत्र की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगते ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन दमकल की गाड़ी घटना के करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। तब तक किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही आग पर काबू पा चुके थे। दमकल की इस देरी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गेहूं की कटाई के सीजन तक नौहझील थाने पर एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी स्थायी रूप से तैनात की जाए।