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Vrindanan: बांके बिहारी मंदिर में टूटी ये वर्षों पुरानी परंपरा, इस वजह से नहीं सजा फूल बंगला; भक्तों में निराश
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:25 PM IST
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सार
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में परंपरागत फूल बंगला कई बार नहीं सज पाने से भक्तों में निराशा है। बढ़ी फीस और पूजन पर रोक के कारण श्रद्धालु पीछे हट रहे हैं, जिससे वर्षों पुरानी परंपरा प्रभावित हो रही है।
जगमोहन में फूल बैठक में विराजमान आराध्य श्रीबांकेबिहारी।
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विस्तार
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में बुधवार सुबह एक बार फिर फूल बंगला नहीं सज सका। सेवायतों ने आराध्य को जगमोहन में फूलों से बनी बैठक में विराजमान किया। ऐसा पहली बार हुआ कि गर्मियों में मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम के समय सजने वाले फूल बंगलों में इस बार व्यवधान आ रहा है। इसका बड़ा कारण श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के नियम बताए जा रहे हैं। इसमें बंगला पूजन न करने देने और शुल्क में दस गुना वृद्धि करना है। इन कारणों से भक्त फूलबंगले की सेवा से पीछे हट रहे हैं।
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गर्मी आते ही आराध्य श्रीबांकेबिहारी को शीतलता प्रदान करने के लिए मंदिर में नियमित रूप से सुबह और शाम के समय सुगंधित पुष्पों से बंगला सजाने की प्राचीन परंपरा है। इस बार मंदिर में 29 मार्च से बुधवार तक सात बार फूल बंगला नहीं सज सका। बुधवार सुबह फूल बंगला न सजने पर सेवायत गोस्वामी ने पंरपरा का निर्वाह करते हुए आराध्य को जगमोहन में फूल बैठक में विराजमान किया। इसमें ठाकुरजी के विराजमान होने के स्थान को चारों ओर पुष्पों से सजाया गया। इससे पहले भी छह बार मंदिर में फूल बंगले नहीं सज सके हैं।
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आराध्य के फूलबंगले न सजने पर भक्तजन भी मायूस हो रहे हैं जबकि कमेटी का लागू नियम से पहले मंदिर में लाखों रुपये के पुष्पों के बंगले की सेवा करने के लिए श्रद्धालु तत्पर रहते थे। भक्तों में बंगला सेवा को बुक कराने के लिए होड़ लगी रहती थी। एक वर्ष पहले ही इसकी बुकिंग कर ली जाती थी। इस बार मंदिर के चबूतरे और चौक में फूल बंगला की रंगत नहीं दिख रही है।
मंदिर के सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि फूल बंगला का शुल्क दस दस गुना कर दिया गया है। जब श्रद्धालु लाखों रुपये खर्च कर अपने आराध्य का बंगला सजवाने के लिए आएगा तो वह चाहेगा कि जिस स्थान पर आराध्य का बंगला सजे उसका पूजन वह कर सके। पूजन न होने देने के कारण श्रद्धालु खिन्न हैं। इसलिए वह सिर्फ बंगला सेवा के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दस गुना शुल्क किस कारण बढ़ाया गया। सवाल उठाया कि प्रबंध समिति बढ़ाए गए शुल्क से क्या सेवा कर रही है।
मंदिर सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि इस बार गर्मियों में मंदिर में फूल बंगला नियमित रूप से न सज पाने के दो प्रमुख कारण हैं। मंदिर हाईपावर्ड कमेटी ने बंगले का शुल्क डेढ़ लाख रुपये करने के साथ बंगला पूजन का अधिकार भी छीन लिया। उन्होंने कमेटी द्वारा बढ़ाए गए शुल्क को जजिया कर बताया। श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि फूल बंगला न सजने की बात को नौ अप्रैल को होने वाली कमेटी की बैठक के समक्ष रकी जाएगा ताकि ठाकुरजी का नित्य बंगला सज सके।