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NEET UG 2026: फिजिक्स ने फंसाया तो बायो ने बचाया, जानें क्या बोले नीट देने के बाद छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 02:25 PM IST
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सार
मथुरा के 6 केंद्रों पर रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरों पर कहीं राहत तो कहीं उलझन के भाव दिखे। भौतिक विज्ञान के सवालों ने उन्हें खूब छकाया जबकि जीव विज्ञान के प्रश्न तुलनात्मक रूप से आसान रहे।
परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी।
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विस्तार
परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र संतुलित था लेकिन समय प्रबंधन बड़ी चुनौती रही। भौतिक विज्ञान में गणना वाले सवाल काफी लंबे थे, जिन्होंने काफी समय लिया। वहीं रसायन विज्ञान में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से सीधे सवाल पूछे गए थे, जो औसत स्तर के रहे। जीव विज्ञान में बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न स्कोरिंग रहे। पिछले कई महीनों से तैयारी में जुटे छात्रों ने परीक्षा खत्म होने के बाद सुकून महसूस किया। अब परीक्षार्थियों को एनटीए की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक आंसर की का इंतजार है।जनपद में नीट का आयोजन सुरक्षा घेरे और चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच किया गया। जिले के 6 केंद्रों पर कुल 3329 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने थे, जबकि इनमें से 3229 परीक्षार्थी शामिल हुए। 100 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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कलावा और धागे भी उतरवाए
सुबह 11 बजे से ही केंद्रों पर चेकिंग का दौर शुरू हो गया था। परीक्षार्थियों को गहन तलाशी के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान परीक्षार्थियों की कलाई से कलावा और धागे भी उतरवा लिए। दोपहर 1:30 बजे प्रवेश का समय समाप्त होते ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। केंद्रों के भीतर धातु के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल और घड़ी प्रतिबंधित रही। किताबें, पेपर चिट, व्हाइटनर और खाद्य पदार्थ ले जाने पर रोक थी। परीक्षार्थियों को अपना पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं थी। कलम की व्यवस्था भी एजेंसी की ओर से केंद्र के भीतर ही की गई थी। सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा हुई।
सुबह 11 बजे से ही केंद्रों पर चेकिंग का दौर शुरू हो गया था। परीक्षार्थियों को गहन तलाशी के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी गई। इस दौरान परीक्षार्थियों की कलाई से कलावा और धागे भी उतरवा लिए। दोपहर 1:30 बजे प्रवेश का समय समाप्त होते ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। केंद्रों के भीतर धातु के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल और घड़ी प्रतिबंधित रही। किताबें, पेपर चिट, व्हाइटनर और खाद्य पदार्थ ले जाने पर रोक थी। परीक्षार्थियों को अपना पेन तक ले जाने की अनुमति नहीं थी। कलम की व्यवस्था भी एजेंसी की ओर से केंद्र के भीतर ही की गई थी। सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा हुई।
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परीक्षा के छूटने के बाद लगा जाम
दोपहर 2 बजे से परीक्षा शुरू होते ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के अभिभावकों की भीड़ जमा रही। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद अभिभावक बच्चों की परीक्षा खत्म होने का इंतजार करते नजर आए। वहीं शाम 5 बजे के बाद केंद्रों से परीक्षार्थियों की रवानगी शुरू हुई। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और परीक्षा केंद्रों के बाहर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति देखने को मिली, जिसे ट्रैफिक पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुचारू कराया। बीएसए कॉलेज के बाहर नया बस स्टैंड रोड पर काफी देर तक लोगों को जाम में फंसना पड़ा।
दोपहर 2 बजे से परीक्षा शुरू होते ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के अभिभावकों की भीड़ जमा रही। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद अभिभावक बच्चों की परीक्षा खत्म होने का इंतजार करते नजर आए। वहीं शाम 5 बजे के बाद केंद्रों से परीक्षार्थियों की रवानगी शुरू हुई। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों और परीक्षा केंद्रों के बाहर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति देखने को मिली, जिसे ट्रैफिक पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुचारू कराया। बीएसए कॉलेज के बाहर नया बस स्टैंड रोड पर काफी देर तक लोगों को जाम में फंसना पड़ा।
