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UP: पैतृक संपत्ति का नामांतरण हुआ महंगा, वसीयत और दान पत्र पर भी ढीली होगी जेब; पंजीकरण शुल्क 10 गुना बढ़ा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:48 AM IST
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सार
नामांतरण, पंजीकरण और विलंब शुल्क की नई बढ़ी दरें लागू कर दी हैं, जिसके तहत अब 50 रुपये में होने वाला पंजीकरण 500 रुपये में होगा। नगर आयुक्त के आदेश पर लागू नई दरों में वसीयत और उत्तराधिकार के मामलों में भी क्षेत्रफल के आधार पर शुल्क में भारी बढ़ोतरी की गई है।
house rent agreement
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आगरा। नगर निगम में अब अपने ही पूर्वजों की संपत्ति को अपने नाम दर्ज कराना यानी म्यूटेशन (नामांतरण) कराना महंगा हो गया है। नामांतरण, पंजीकरण और विलंब शुल्क की नई बढ़ी हुई दरें भी 7 मार्च से लागू हो गई हैं। अब 50 रुपये में होने वाला पंजीकरण 500 रुपये में होगा। वहीं वसीयत के आधार पर होने वाले नामांतरण में भी क्षेत्रफल के अनुसार भारी बढ़ोतरी की गई है।
नगर निगम सदन ने 29 नवंबर, 2025 को नामांतरण शुल्क संशोधन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। पारदर्शिता के लिए 3 दिसंबर को जनता से आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन 1 जनवरी, 2026 तक एक भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इन नई दरों को सरकारी गजट में प्रकाशित कराकर लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। नए शुल्क के अनुसार नगर निगम ने रजिस्ट्री के आधार पर होने वाले नामांतरण में दो नए स्लैब जोड़े हैं, जबकि वसीयत और उत्तराधिकार के मामलों को पूरी तरह बदल दिया है।
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नगर निगम सदन ने 29 नवंबर, 2025 को नामांतरण शुल्क संशोधन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया था। पारदर्शिता के लिए 3 दिसंबर को जनता से आपत्तियां मांगी गई थीं, लेकिन 1 जनवरी, 2026 तक एक भी आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इन नई दरों को सरकारी गजट में प्रकाशित कराकर लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। नए शुल्क के अनुसार नगर निगम ने रजिस्ट्री के आधार पर होने वाले नामांतरण में दो नए स्लैब जोड़े हैं, जबकि वसीयत और उत्तराधिकार के मामलों को पूरी तरह बदल दिया है।
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उत्तराधिकार/वसीयत/दान (हिब्बा) के आधार पर शुल्क :
| क्षेत्रफल (वर्गफीट) | | नया शुल्क (रुपये) |
| 1000 तक | 1,000 |
| 1001 से 2000 तक | 2,000 |
| 2001 से 3000 तक | 3,000 |
| 3001 से अधिक | 5,000 |
रजिस्ट्री (विक्रय विलेख) के आधार पर शुल्क :
| संपत्ति का मूल्य | नया शुल्क (रुपये |
| 5 लाख रुपये तक | 1,000 (यथावत) |
| 5 लाख से 10 लाख तक | 2,000 |
| 10 लाख से 20 लाख तक | 3,000 |
| 20 लाख से अधिक | 5,000 |
| 50 लाख से अधिक | 10,000 |
अन्य शुल्कों में भी वृद्धि
पंजीकरण शुल्क: पहले मात्र 50 रुपये सालाना था, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
विलंब शुल्क: समय पर नामांतरण न कराने पर पहले 100 रुपये देने होते थे, अब 200 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
पंजीकरण शुल्क: पहले मात्र 50 रुपये सालाना था, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
विलंब शुल्क: समय पर नामांतरण न कराने पर पहले 100 रुपये देने होते थे, अब 200 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
लागू हो गईं नई दरें
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि नगर निगम अधिनियम के तहत नई दरें लागू कर दी गई हैं। जनता से कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई थी, जिसके बाद गजट प्रकाशन कराया गया। अब सभी आवेदन नई दरों के अनुसार ही स्वीकार किए जाएंगे।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि नगर निगम अधिनियम के तहत नई दरें लागू कर दी गई हैं। जनता से कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई थी, जिसके बाद गजट प्रकाशन कराया गया। अब सभी आवेदन नई दरों के अनुसार ही स्वीकार किए जाएंगे।