{"_id":"68be80d084556edb580defe1","slug":"rawal-village-which-hema-malini-had-adopted-condition-during-floods-villagers-were-starving-for-food-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: हेमा मालिनी ने जिस रावल गांव को लिया था गोद...बाढ़ में हुआ वहां का ऐसा हाल, खाने तक के लिए तरसे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: हेमा मालिनी ने जिस रावल गांव को लिया था गोद...बाढ़ में हुआ वहां का ऐसा हाल, खाने तक के लिए तरसे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:38 PM IST
विज्ञापन
सार
मथुरा-वृंदावन में यमुन का कहर जारी है। महावन तहसील के गांव रावल में भी हाल बेहद बुरा है। ये गांव सांसद हेमा मालिनी ने गोद लिया था। बाढ़ आने से यहां के लोग खाने तक के लिए तरस गए हैं।
हेमा मालिनी और रावल गांव
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
मथुरा के महावन तहसील क्षेत्र के अंतर्गत राधा रानी की प्राकट्य स्थली रावल जहां राधा रानी का प्राकट्य हुआ था, उस गांव का हाल बेहद बुरा है। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी द्वारा गोद लिया गया ये गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है।
रावल गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ के चलते खाने तक के लिए तरस गए हैं। पशुओं को ऊपरी स्थानों पर ले जा रहे हैं। मकानों के अन्दर पानी भर चुका है। राधा रानी मन्दिर जाने वाले रास्ते पर लगभग चार फीट पानी भरा है। वहां जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर ट्राली से श्रद्धालुओं दर्शन करने आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 से भी ज्यादा पानी आया है, जिसमें अनाज और पशुओं के लिए रखा चारा पानी में डूब गया है। पिछले तीन दिनों से मेहनत मजदूरी करने वाले लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में खाने पीने का संकट भी परिवारों के सामने खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से न तो कोई व्यक्ति आया है और न कोई मदद मिली है।
Trending Videos
रावल गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ के चलते खाने तक के लिए तरस गए हैं। पशुओं को ऊपरी स्थानों पर ले जा रहे हैं। मकानों के अन्दर पानी भर चुका है। राधा रानी मन्दिर जाने वाले रास्ते पर लगभग चार फीट पानी भरा है। वहां जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर ट्राली से श्रद्धालुओं दर्शन करने आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 से भी ज्यादा पानी आया है, जिसमें अनाज और पशुओं के लिए रखा चारा पानी में डूब गया है। पिछले तीन दिनों से मेहनत मजदूरी करने वाले लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में खाने पीने का संकट भी परिवारों के सामने खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से न तो कोई व्यक्ति आया है और न कोई मदद मिली है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X