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कोषागार घोटाला: फर्जी पेंशन से करोड़ों का खेल, रिश्तेदारों के खातों में पहुंची रकम; पुलिस ने की इतनी रिकवरी
Fri, 14 Aug 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:28 AM IST
सार
मथुरा कोषागार में छह मृत पेंशनरों के फर्जी जीवित प्रमाणपत्र लगाकर 1.65 करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने पूरी रकम बरामद कर ली है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोषागार में घोटाला करने वाले सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव के परिजन और रिश्तेदारों से सदर बाजार थाने की पुलिस ने कई बार में 1.65 करोड़ रुपये की रिकवरी की है। लगभग 17 बार में कोषागार में यह रकम जमा कराई है। अब गबन की कोई रकम शेष नहीं बची है।
सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव 2020 से छह मृत पेंशनरों के फर्जी जीवित प्रमाण पत्र लगाकर अपने खाते में पेंशन की रकम ट्रांसफर कर रहा था। महालेखाकार (एजी) पेंशन प्रयागराज की टीम की जांच में यह खेल पकड़ में आ गया। अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा महिमा चंद्र की जांच में 1.62 करोड़ का घोटाला सामने आया था।
जांच के बाद कोषागार के अधिकारियों ने उसके खिलाफ सदर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अप्रैल में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने यह रकम अपने रिश्तेदार, परिजन समेत परिचितों के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने अलग-अलग दिनों में 17 बार में आरोपी के परिजन, रिश्तेदार समेत एक दर्जन परिचितों के बैंक खाते से 1.65 करोड़ रुपये की रिकवरी की है।
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यह रकम 17 बार में कोषागार में जमा कराई गई है। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया है कि अब गबन की धनराशि शेष नहीं है। पुलिस मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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सहायक लेखाकार अभिषेक श्रीवास्तव 2020 से छह मृत पेंशनरों के फर्जी जीवित प्रमाण पत्र लगाकर अपने खाते में पेंशन की रकम ट्रांसफर कर रहा था। महालेखाकार (एजी) पेंशन प्रयागराज की टीम की जांच में यह खेल पकड़ में आ गया। अपर निदेशक (एडी) पेंशन, आगरा महिमा चंद्र की जांच में 1.62 करोड़ का घोटाला सामने आया था।
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जांच के बाद कोषागार के अधिकारियों ने उसके खिलाफ सदर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अप्रैल में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने यह रकम अपने रिश्तेदार, परिजन समेत परिचितों के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। पुलिस ने अलग-अलग दिनों में 17 बार में आरोपी के परिजन, रिश्तेदार समेत एक दर्जन परिचितों के बैंक खाते से 1.65 करोड़ रुपये की रिकवरी की है।
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यह रकम 17 बार में कोषागार में जमा कराई गई है। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया है कि अब गबन की धनराशि शेष नहीं है। पुलिस मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।