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UP: आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग कर फंसे रालोद राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज

Sat, 27 Jun 2026 01:10 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 27 Jun 2026 01:10 PM IST
सार

रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी के खिलाफ मथुरा के थाना हाईवे में एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर एक सार्वजनिक बैठक में आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर दलित समाज का अपमान करने का आरोप है, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

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RLD National General Secretary Trilok Tyagi Booked Under SC/ST Act Over Use of the Term Harijan
रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एक साल पहले रालोद की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक व कार्यकर्ता सम्मेलन में राज्य अनुसूचित जाति आयोग के लिए अपमानजनक और असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल करने पर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी के खिलाफ हाईवे में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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हरियाणा के गुरुग्राम सरस्वती विहार चक्करपुर कॉलोनी निवासी ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन इं. राजिंदर प्रसाद की लिखित शिकायत और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई हुई है। प्राथमिकी में बताया कि पिछले साल मई में सौंख रोड स्थित एक होटल में रालोद की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक व कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ था। इसमें राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी समेत प्रदेश भर के पदाधिकारी व कार्यक्रम सभा में एकजुट हुए थे। आरोप है कि राष्ट्रीय महासचिव ने जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य अनुसूचित जाति आयोग के लिए अपमानजनक और असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल किया था। 

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यह अनुच्छेद 338 के तहत संवैधानिक गरिमा और अनुसूचित जातियों की गरिमा का उल्लंघन है। संसद, गृह मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा इस शब्द के प्रयोग को बहुत पहले ही प्रतिबंधित व हतोत्साहित करने वाला माना गया था। डॉ. बीआर आंबेडकर ने भी इसे अपमानजनक माना था। सार्वजनिक रूप से ऐसे शब्दों का प्रयोग अनुसूचित जाति समाज की संवैधानिक पहचान और गरिमा को ठेस पहुंचाता है। 

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उन्होंने इस संबंध में पहले की संबंधित पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को हाईवे थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ प्रवीण तिवारी ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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