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Mathura News: चमकते-दमकते स्वर्ण हिंडोले में विराजमान होंगे ठा. श्रीबांकेबिहारी
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वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी के पांच हजार तोले सोने और एक लाख तोले चांदी से बने हिंडोला का 25 वर्ष बाद नवीनीकरण कराया गया है। लोहे के सींखचे से सुरक्षित किए गए कक्ष में सीसीटीवी और पुलिस की निगरानी में जयपुर के कारीगरों ने 22 दिन में झूले की मरम्मत, सोने का जड़ाव और पॉलिश का कार्य किया। 79 साल पुराने हिंडोले के नवीनीकरण का कार्य पूरा हो गया है। 15 अगस्त हरियाली तीज पर ठाकुरजी इस चमकते-दमकते हिंडोले में विराजमान होकर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
लाल शीशम की ठोस लकड़ी पर वर्ष 1947 में बनारस के कारीगर लल्लन और बाबूलाल द्वारा पांच वर्ष में बनकर तैयार हुए हिंडोला की सफाई, पॉलिश और मरम्मत का कार्य बेरीवाला परिवार की हवेली में जयपुर के 28 कारीगरों ने किया। वर्ष 2000 के बाद हुए नवीनीकरण के बाद हिंडोले को मंदिर में पहुंचा दिया गया है। पहली बार अगस्त 1947 में ठाकुरजी हरियाली तीज पर इसी हिंडोले में विराजमान हुए थे।
श्रीबांकेबिहारी के भक्त लाला हरगुलाल के नाती श्यामसुंदर बेरीवाला ने बताया कि उनके दादाजी द्वारा बनवाया गया हिंडोला लंबा समय बीत जाने के कारण कई जगह से घिस गया और गंदा हो गया था। उसकी सफाई करने के बाद सोने की पॉलिश की गई। झूले में जहां-जहां सोने के कण उतर गए थे, वहां सोना लगाया गया है। बताया कि सीसीटीवी और पुलिसकर्मियों की निगरानी में झूले की सफाई, मरम्मत और पॉलिश का काम किया गया। इस कार्य में लगभग एक हजार ग्राम सोना लगा है। पूरे कार्य में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक धनराशि का व्यय हुआ है।
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लाल शीशम की ठोस लकड़ी पर वर्ष 1947 में बनारस के कारीगर लल्लन और बाबूलाल द्वारा पांच वर्ष में बनकर तैयार हुए हिंडोला की सफाई, पॉलिश और मरम्मत का कार्य बेरीवाला परिवार की हवेली में जयपुर के 28 कारीगरों ने किया। वर्ष 2000 के बाद हुए नवीनीकरण के बाद हिंडोले को मंदिर में पहुंचा दिया गया है। पहली बार अगस्त 1947 में ठाकुरजी हरियाली तीज पर इसी हिंडोले में विराजमान हुए थे।
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श्रीबांकेबिहारी के भक्त लाला हरगुलाल के नाती श्यामसुंदर बेरीवाला ने बताया कि उनके दादाजी द्वारा बनवाया गया हिंडोला लंबा समय बीत जाने के कारण कई जगह से घिस गया और गंदा हो गया था। उसकी सफाई करने के बाद सोने की पॉलिश की गई। झूले में जहां-जहां सोने के कण उतर गए थे, वहां सोना लगाया गया है। बताया कि सीसीटीवी और पुलिसकर्मियों की निगरानी में झूले की सफाई, मरम्मत और पॉलिश का काम किया गया। इस कार्य में लगभग एक हजार ग्राम सोना लगा है। पूरे कार्य में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक धनराशि का व्यय हुआ है।
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