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UP: मथुरा में प्राचीन बौद्ध प्रतिमाओं की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय गिरोह की है नजर; पुलिस-एएसआई ने बढ़ाई चौकसी
Wed, 12 Aug 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:14 AM IST
सार
मथुरा की प्राचीन बौद्ध प्रतिमाओं और पुरातात्विक अवशेषों पर अंतरराष्ट्रीय तस्करों की नजर को लेकर खुफिया अलर्ट जारी हुआ है। बारिश में प्राचीन टीलों से अवशेष बाहर आने की आशंका के बीच पुलिस और पुरातत्व सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है।
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भगवान बुद्ध की पहली प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा प्राचीन कुषाण और गुप्त कालीन स्थापत्य कला का गढ़ है। यहां प्राचीन मूर्तियों और अवशेषों की तस्करी करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। मथुरा कला शैली के नाम पर इसी माह बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से अंतरराष्ट्रीय तस्करी का मामला सामने आने पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। खुफिया विभाग की गोपनीय रिपोर्ट के बाद स्थानीय पुलिस और पुरातत्व सुरक्षा एजेंसियों को उच्च सतर्कता पर रखा गया है।
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दरअसल 2 अगस्त 2026 को मथुरा कला शैली के नाम पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। इसमें उत्तर प्रदेश के बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से पुलिस ने सात तस्करों को गिरफ्तार किया। ये लोग 8 इंच ऊंची और करीब 5 किलो वजन की एक नकली बौद्ध मूर्ति को असली प्राचीन अष्टधातु अवशेष बताकर नेपाल में करोड़ों रुपये में बेचने की फिराक में थे। इस गिरोह को मथुरा से कनेक्टिड माना जा रहा है और खुफिया विभाग इस पर अलर्ट है।
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बताया जा रहा है कि यह गिरोह मानसून और बारिश के दिनों का फायदा उठाता है। बारिश से मिट्टी का कटाव होता है, जिससे मथुरा, गोवर्धन, महावन के प्राचीन टीलों से अवशेष सतह पर आ जाते हैं। तस्कर इन स्थानों को चिह्नित कर अवैध खुदाई कर सकते हैं। वे पुरातात्विक संपदा को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करोड़ों रुपये में बेचने की ताक में रहते हैं।
ऐतिहासिक रूप से मथुरा ईसा पूर्व पहली से छठी शताब्दी तक बौद्ध मूर्तिकला का विश्व प्रसिद्ध केंद्र रहा है। मथुरा की लाल बलुआ पत्थर से बनी बौद्ध और बोधिसत्व की प्रतिमाएं अंतरराष्ट्रीय कला बाजार में बेहद दुर्लभ और कीमती मानी जाती हैं। इतिहासकारों के अनुसार, मथुरा और उसके आसपास दर्जनों प्राचीन टीलों के नीचे हजारों साल पुराने अवशेष और प्रतिमाएं दबी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय काले बाजार (लंदन, न्यूयॉर्क, हांगकांग जैसे आर्ट हब) में मथुरा शैली की एक प्राचीन बौद्ध प्रतिमा की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जाती है। पुलिस और अपराध शाखा ने 2018-2020 में अंतरराज्यीय गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से कुषाण कालीन बौद्ध मूर्तियां और गुप्त कालीन सिक्के बरामद हुए थे।
तस्करों का पुराना नेटवर्क
तस्करों का पुराना नेटवर्क मथुरा में अंतरराष्ट्रीय तस्करों की नजर कोई नई बात नहीं है। पुरातात्विक अवशेषों की चोरी व तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। कुख्यात तस्कर सुभाष कपूर भारत की प्राचीन कलाकृतियों को विदेशों में बेचता है। उसके नेटवर्क के तार पूर्व में उत्तर प्रदेश और मथुरा-आगरा क्षेत्र के स्थानीय अवैध खोदने वालों से जुड़े पाए गए थे। प्रशासन की सख्त तैयारी खुफिया सतर्कता मिलने के बाद मथुरा पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। महावन, गोवर्धन और मथुरा के आसपास मौजूद ऐतिहासिक टीलों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ तालमेल बिठाकर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
तस्करों का पुराना नेटवर्क मथुरा में अंतरराष्ट्रीय तस्करों की नजर कोई नई बात नहीं है। पुरातात्विक अवशेषों की चोरी व तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। कुख्यात तस्कर सुभाष कपूर भारत की प्राचीन कलाकृतियों को विदेशों में बेचता है। उसके नेटवर्क के तार पूर्व में उत्तर प्रदेश और मथुरा-आगरा क्षेत्र के स्थानीय अवैध खोदने वालों से जुड़े पाए गए थे। प्रशासन की सख्त तैयारी खुफिया सतर्कता मिलने के बाद मथुरा पुलिस प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। महावन, गोवर्धन और मथुरा के आसपास मौजूद ऐतिहासिक टीलों पर पुलिस की नजर बनी हुई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ तालमेल बिठाकर संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
हाईवे पर 5 करोड़ की बुद्ध मूर्ति का सौदा
11 फरवरी 2016 को मथुरा पुलिस ने हाईवे पर एक बड़े सौदे के दौरान दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को रंगे हाथ दबोचा था। इनके पास से 1.400 किलोग्राम वजन की प्राचीन अष्टधातु की भगवान बौद्ध की मूर्ति बरामद हुई थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
हाईवे पर 5 करोड़ की बुद्ध मूर्ति का सौदा
11 फरवरी 2016 को मथुरा पुलिस ने हाईवे पर एक बड़े सौदे के दौरान दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को रंगे हाथ दबोचा था। इनके पास से 1.400 किलोग्राम वजन की प्राचीन अष्टधातु की भगवान बौद्ध की मूर्ति बरामद हुई थी। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
मूर्ति तस्कर किशन पैट्रो की हत्या
कुख्यात मूर्ति तस्कर किशन पैट्रो मथुरा और राजस्थान के बॉर्डर क्षेत्र के टीलों से अवैध खुदाई करवाकर प्राचीन मूर्तियां विदेशों में सप्लाई करता था। 28 अक्तूबर 1994 को जमानत मिलते ही मथुरा जिला जेल के मुख्य गेट पर शाम करीब 4 बजे गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड को गैंगस्टर राजेंद्र चौधरी ने अंजाम दिया था।
कुख्यात मूर्ति तस्कर किशन पैट्रो मथुरा और राजस्थान के बॉर्डर क्षेत्र के टीलों से अवैध खुदाई करवाकर प्राचीन मूर्तियां विदेशों में सप्लाई करता था। 28 अक्तूबर 1994 को जमानत मिलते ही मथुरा जिला जेल के मुख्य गेट पर शाम करीब 4 बजे गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्याकांड को गैंगस्टर राजेंद्र चौधरी ने अंजाम दिया था।
प्राचीन राधा-माधव मंदिर में अष्टधातु मूर्तियों की चोरी
23 जनवरी 2022 को मथुरा के कोतवाली क्षेत्र में स्थित 400 साल पुराने बिल्व मंगल राधा माधव मंदिर से चोरों ने भगवान राधाकृष्ण की बहुमूल्य अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ली थीं। हालांकि, पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही चोरों को गिरफ्तार कर मूर्तियां बरामद कर ली थीं।
23 जनवरी 2022 को मथुरा के कोतवाली क्षेत्र में स्थित 400 साल पुराने बिल्व मंगल राधा माधव मंदिर से चोरों ने भगवान राधाकृष्ण की बहुमूल्य अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ली थीं। हालांकि, पुलिस ने चंद घंटों के भीतर ही चोरों को गिरफ्तार कर मूर्तियां बरामद कर ली थीं।
कोसीकलां जैन मंदिर से मूर्तियों की चोरी
4 जुलाई 2026 को कोसीकलां क्षेत्र के एक जैन मंदिर से प्राचीन मूर्तियां चोरी होने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के 3 चोरों को गिरफ्तार कर चुराई गई मूर्तियां बरामद कीं।
4 जुलाई 2026 को कोसीकलां क्षेत्र के एक जैन मंदिर से प्राचीन मूर्तियां चोरी होने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने राजस्थान के 3 चोरों को गिरफ्तार कर चुराई गई मूर्तियां बरामद कीं।