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बांकेबिहारी मंदिर: जगमोहन से दर्शन देंगे ठाकुरजी, ऑर्टिफिशियल सजावट पर रोक; हाईपावर्ड कमेटी के बड़े फैसले

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अरुन पाराशर Updated Tue, 17 Feb 2026 11:03 PM IST
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सार

बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमेटी के अध्यक्ष व हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के हित में काम किए जा रहे हैं। मंदिर में लगाई गई रेलिंग से लोगों को राहत मिल रही है।

Thakurji will give darshan from Jagmohan in Banke Bihari temple
हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में कई फैसले लिए गए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

विश्वप्रसिद्ध ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाईपावर्ड कमेटी सर्वसम्मति से फैसले ले रही है। मंगलवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि बुधवार से ठाकुरजी जगमोहन से श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। वहीं मंदिर के लिए पूर्व में लागू समय सारिणी का पालन करने के लिए सेवाधिकारी से कहा गया है। चूंकि सेवाधिकारी इस कमेटी के सदस्य हैं, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि वह नए नियमों को पालन करेंगे। वहीं ठाकुर जी को अर्पित फूलमालाओं से बनी धूपबत्ती लोगों के घरों को महकाने का काम करेंगी। इस दिशा में कमेटी काम करेगी। वहीं आर्टिफिशियल सजावट पर रोक लगाई गई है।
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मंगलवार को हाईपावर्ड कमेटी की बैठक लक्ष्मण शहीद सभागार में हुई है। जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चाएं की गईं। कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी तो कुछ को 12 मार्च को होने वाली अगली बैठक के लिए विचाराधीन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमेटी के अध्यक्ष व हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के हित में काम किए जा रहे हैं। मंदिर में लगाई गई रेलिंग से लोगों को राहत मिल रही है। वहीं ठाकुरजी को अब गर्भगृह से बाहर जगमोहन में विराजने के लिए सेवाधिकारी से कहा गया। बुधवार को सेवाधिकारी कमेटी के राजभोग सदस्य श्रीवर्धन गोस्वामी है।
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सर्वसम्मति से निर्णय लिया श्रद्धालुओं के द्वारा ठाकुरजी को अर्पित की जाने वाली मालाओं को सेवायत मंदिर में हवा में फेंकते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एक संस्था के जरिए उन मालाओं से धूपबत्ती तैयार करने की बात की जा रही है। वहीं मंदिर के प्रांगण को अब गुब्बारों से नहीं सजाया जाएगा। कमेटी ने यह निर्णय लिया गया है कि अब मंदिर प्राकृतिक रुप से सजेगा, जिसमें फूल, पत्ती का ही प्रयोग किया जाएगा। वहीं सफाई व्यवस्था का काम देख रही संस्था पीएलएन-9 सिक्योरिटी सर्विस प्रालि को जीएसटी न जमा करने पर हटाने के लिए सहमति बनी है। वहीं मोहनबाग में रखी गई अनुउपयोगी वस्तुओं की नीलामी करने का निर्णय लिया गया है। 
 

मंदिर में एक एकाउंटेंट की भी नियुक्ति की गई है। वहीं यह भी निर्णय लिया गया है कि मंदिर की बहुमूल्य वस्तुओं को पंजाब नेशनल बैंक के लॉकर में रखा जाएगा और भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक व एचडीएफसी बैंक के खातों में ही लेनदेन होगा। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्रा एवं आईसीआईसीआई बैंक में पूर्व से जमा धनराशि को आहरित किया जाएगा। इसके अलावा सात बैनामों का अनुमोदन हुआ और अन्य पर चर्चाएं की गईं। उनको दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चाएं हुईं।

अध्यक्ष बोले, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि पूर्व में समय को लेकर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। वहां एक पीटिएशन दाखिल की गई थी। इसमें गोस्वामी बंधुओं द्वारा कई प्रकार के आरोप लगाए गए थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी पीटिएशन को खारिज कर दिया है। अब कमेटी के निर्धारित समय का पालन करना चाहिए।

 

बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में कमेटी के सदस्य रिटायर्ड जिला जज मुकेश मिश्रा, जिला जज विकास कुमार, सचिव डीएम चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त जग प्रवेश, एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, राजभोग समूह से शैलेंद्र गोस्वामी एवं श्रीवर्धन गोस्वामी, शयनभोग समूह से दिनेश कुमार गोस्वामी और विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) आदि मौजूद रहे।

मंदिर में सेवाधिकारी के पांच साथी रहेंगे
श्री बांकेबिहारी मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार से परेशानी न हो इस बात पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हाईपावर्ड कमेटी ने यह निर्णय लिया गया है कि अब मंदिर में सेवाधिकारी के साथ पांच सहयोगियों के अलावा अन्य कोई सेवायत मंदिर में खड़ा नहीं रहेगा। सभी लोग बाहर रहेंगे। अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में कई सेवायतों के सहयोगी श्रद्धालुओं के हाथ से माला और प्रसाद लेकर चले जाते हैं। वह माला-प्रसाद मंदिर में बिना चढ़ाए ही प्रसाद दे देते हैं। कभी कभी तो मालाएं नीचे पैरों में आती हैं। ऐसे में यह बदलाव किया गया है। अब मंदिर के अंदर सेवाधिकारी के पांच सहयोगी ही जाएंगे और वह ही श्रद्धालुओं के प्रसाद को सेवाधिकारी तक पहुंचाएंगे और हर कोई सहयोगी बन जाए यह अब नहीं चलेगा।

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