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UP: मथुरा में ट्रैफिक व्यवस्था क्यों हो रही ध्वस्त,ये सबसे बड़ी वजह; हर रोज जााम में फंसकर तिलमिला रहे लोग

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 18 Jun 2026 11:47 AM IST
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सार

मथुरा-वृंदावन में ई-रिक्शा और ऑटो की व्यवस्था सुधारने के लिए जनवरी में तय किए गए रूट और नियम पांच महीने बाद भी लागू नहीं हो सके हैं। स्टैंड और पार्किंग की व्यवस्था न होने से शहरवासी रोज जाम से जूझ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
 

Traffic struggling under the arbitrary behavior of three-wheeler drivers
मथुरा जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

मथुरा की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के दावे फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को अनुशासित करने के लिए जनवरी में रूट तय किए गए थे, लेकिन पांच माह बाद भी व्यवस्थाएं अब तक फाइलों से बाहर नहीं आ सकी हैं। न तो तिपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है न ही कहीं स्टैंड बनाया गया है। शहरवासी हर रोज जाम की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार व्यवस्था लागू करने में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।


यातायात पुलिस और नगर निगम ने दिसंबर 2025 में मथुरा-वृंदावन की यातायात व्यवस्था में सुधार की पहल शुरू की थी। बेलगाम ऑटो और ई-रिक्शा के लिए रूट और रंग तय किए गए। वृंदावन में छह और मथुरा में 10 रूट तिपहिया वाहनों के लिए चिन्हित किए गए थे। तिपहिया वाहनों के पंजीकरण के बाद संचालकों को तय रूटों पर चलाने के निर्देश दिए गए। नगर निगम के जिम्मेदारों ने संचालकों को निर्देश दिए कि तय रूट पर तिपहिया वाहन चलाएं और सवारियां बैठाने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्टैंड व पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि ये दावे फाइलों में दबकर रह गए।
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हर मार्ग पर लग रहा वाहनों पर ब्रेक :
कारण शहर की रफ्तार पर हर रोड ब्रेक लग रहा है। जाम की समस्या न केवल समय की बर्बादी का कारण बन रही है, बल्कि व्यापार और दैनिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है। घंटों तक श्रद्धालु व राहगीर जाम में जूझते रहते हैं, लेकिन तिपहिया वाहन संचालकों से पंजीकरण शुल्क वसूलने के बाद जिम्मेदार व्यवस्थाएं कराना भूल गए।
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एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी :
एसपी ट्रैफिक राजेश तिवारी ने बताया कि तिपहिया वाहनों के लिए स्टैंड व पार्किंग निर्माण के लिए नगर निगम को पत्राचार किया गया है। साथ ही तय रूटों पर चलवाने का भी जोर दिया जा रहा है। वहीं सीटीओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि तिपहिया वाहनों के संचालन की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की है। नगर निगम का कार्य पूरा हो गया है।
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