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Vrindavan: बांकेबिहारी के दर पर आई महिला श्रद्धालु को मौत, सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते हो गईं बेहोश; फिर न उठ सकीं वो
Wed, 19 Aug 2026 02:21 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:21 PM IST
सार
वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद सीढ़ियां चढ़ते समय 60 वर्षीय महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई। मंदिर के बाहर अचेत होकर गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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महिला श्रद्धालु का फाइल फोटो और पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में बुधवार को दर्शन करने के बाद मंदिर के द्वार के बाहर निकलते ही एक श्रद्धालु महिला की भीड़ के बीच तबीयत बिगड़ गई। उन्हें एंबुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बुधवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली के मधुबन निवासी 60 वर्षीय शालिनी सिक्का अपनी केयर टेकर रेखा सिंह, कर्मचारी अनीता अवस्थी और कार चालक लक्ष्मी प्रसाद अवस्थी के साथ दर्शन करने के लिए आईं थीं। दर्शन के बाद मंदिर से बाहर निकलते समय जैसे ही वह निकास द्वार चार की ओर जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ने लगीं तभी उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनके साथ चल रहे तीन लोगों और मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उन्हें भीड़ से निकालकर बाहर चबूतरे पर बैठाया। चबूतरे पर बैठकर शालिनी ने प्रसाद खाया और पानी पिया।
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बुधवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे दिल्ली के मधुबन निवासी 60 वर्षीय शालिनी सिक्का अपनी केयर टेकर रेखा सिंह, कर्मचारी अनीता अवस्थी और कार चालक लक्ष्मी प्रसाद अवस्थी के साथ दर्शन करने के लिए आईं थीं। दर्शन के बाद मंदिर से बाहर निकलते समय जैसे ही वह निकास द्वार चार की ओर जाने के लिए सीढ़ियां चढ़ने लगीं तभी उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनके साथ चल रहे तीन लोगों और मौजूद सुरक्षा गार्ड ने उन्हें भीड़ से निकालकर बाहर चबूतरे पर बैठाया। चबूतरे पर बैठकर शालिनी ने प्रसाद खाया और पानी पिया।
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इसके बाद फिर से उनकी तबीयत बिगड़ी गई और वह अचेत हो गईं। सुरक्षा गार्डों की मदद से उन्हें एंबुलेंस से जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। यहां डॉक्टर पवन शर्मा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला श्रद्धालु के साथ आए केयर टेकर, कर्मचारी और चालक उनके शव को बिना पोस्टमार्टम कराए दिल्ली ले गए। बांकेबिहारी पुलिस चौकी के अधिकारियों ने पुणे में रह रहे शालिनी के भाइयों को सूचित कर दिया है। बताया कि वह पुणे से दिल्ली के लिए चल दिए हैं।
सर्किल अधिकारी सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि मंदिर में लगे सीसीटीवी के फुटेज देखने से ज्ञात हुआ कि महिला मंदिर के अंदर रेलिंग पकड़कर चल रहीं थीं। दर्शन करने के बाद वह मंदिर के गेट के बाहर सीढ़ी पर बैठीं और अचेत हो गईं। संभवत: हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है।
सर्किल अधिकारी सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि मंदिर में लगे सीसीटीवी के फुटेज देखने से ज्ञात हुआ कि महिला मंदिर के अंदर रेलिंग पकड़कर चल रहीं थीं। दर्शन करने के बाद वह मंदिर के गेट के बाहर सीढ़ी पर बैठीं और अचेत हो गईं। संभवत: हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई है।
महिला के पिता आयकर विभाग में उच्च अधिकारी रहे
महिला शालिनी सिक्का के साथ आए कार चालक लक्ष्मी प्रसाद अवस्थी ने बताया कि मृतका के पिता मूलरा सिक्का आयकर विभाग में उच्च पदस्थ अधिकारी थे। तीन भाई-बहनों में वह सबसे छोटी थीं। महिला के बड़े भाई अरुण सिक्का रिलायंस कंपनी व दूसरे भाई राजीव सिक्का अमेरिका में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत थे। दोनों सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ पुणे में रह रहे हैं। दिल्ली में शालिनी पति से अलग अकेली रहती थीं। उनकी देखरेख रेखा सिंह, घर के कामकाज अनीता अवस्थी करती हैं।
रघुवीर धाम आश्रम में महिला ने आखिरी बार खिंचवाया फोटो
महिला श्रद्धालु की केयर टेकर रेखा सिंह ने बताया कि शालिनी सिक्का पहली बार श्रीबांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए आईं थीं। वह पिछले चार दिनों से वृंदावन आने के लिए कह रही थीं। बुधवार को वह वृंदावन आने पर पहले श्रीबांकेबिहारी कॉलोनी स्थित रघुवीर धाम आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने आश्रम के महंत के साथ फोटो खिंचवाया था। यह उनके जीवन का आखिरी फोटो बनकर रह गया।
महिला शालिनी सिक्का के साथ आए कार चालक लक्ष्मी प्रसाद अवस्थी ने बताया कि मृतका के पिता मूलरा सिक्का आयकर विभाग में उच्च पदस्थ अधिकारी थे। तीन भाई-बहनों में वह सबसे छोटी थीं। महिला के बड़े भाई अरुण सिक्का रिलायंस कंपनी व दूसरे भाई राजीव सिक्का अमेरिका में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत थे। दोनों सेवानिवृत्ति के बाद परिवार के साथ पुणे में रह रहे हैं। दिल्ली में शालिनी पति से अलग अकेली रहती थीं। उनकी देखरेख रेखा सिंह, घर के कामकाज अनीता अवस्थी करती हैं।
रघुवीर धाम आश्रम में महिला ने आखिरी बार खिंचवाया फोटो
महिला श्रद्धालु की केयर टेकर रेखा सिंह ने बताया कि शालिनी सिक्का पहली बार श्रीबांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए आईं थीं। वह पिछले चार दिनों से वृंदावन आने के लिए कह रही थीं। बुधवार को वह वृंदावन आने पर पहले श्रीबांकेबिहारी कॉलोनी स्थित रघुवीर धाम आश्रम पहुंचीं। यहां उन्होंने आश्रम के महंत के साथ फोटो खिंचवाया था। यह उनके जीवन का आखिरी फोटो बनकर रह गया।
नहीं उठाए जा रहे ठोस कदम
श्रीबांकेबिहारी मंदिर और उसकी गलियों में भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं की जान का रही हैं, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मंदिर की गलियों, बाजारों में न अतिक्रमण हटाया न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। अतिक्रमण एवं अव्यवस्थाओं से जूझते हुए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मंदिर तक आराध्य के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां तक की श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल उतारने की व्यवस्था भी नहीं है। यही कारण है कि श्रद्धालु मंदिर की सीढ़ियों तक जूते-चप्पल पहनकर जा रहे हैं। इससे चबूतरे के सामने जूते-चप्पलों का ढेर लग जाता है।
अब तक इनकी जा चुकीं हैं जान
अगस्त 2022: जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान दम घुटने से नोएडा निवासी निर्मला देवी और वृंदावन के रुक्मिणी बिहार निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा की मौत हो गई थी और छह श्रद्धालु घायल हो गए थे।
दिसंबर 2023: मंदिर से लौट रहीं हरि निकुंज तिराहे की बीना और महोली निवासी शिवानी की भीड़ के दबाव में मौत हो गई थी।
अक्तूबर 2025: मंदिर परिसर के गेट नंबर 4 के पास भीड़ के दबाव में मेरठ निवासी कृपाल की जान चली गई थी।
नवंबर 2025: दर्शन के लिए जाते समय भीड़ में घुटन से दिल्ली के अखिलेश की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
जून 2026: मंदिर के गेट तीन के समीप मध्य प्रदेश निवासी भारत सिंह उर्फ भरत सिंह लोधा की मौत हो गई थी।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर और उसकी गलियों में भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं की जान का रही हैं, बावजूद इसके प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मंदिर की गलियों, बाजारों में न अतिक्रमण हटाया न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। अतिक्रमण एवं अव्यवस्थाओं से जूझते हुए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मंदिर तक आराध्य के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां तक की श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल उतारने की व्यवस्था भी नहीं है। यही कारण है कि श्रद्धालु मंदिर की सीढ़ियों तक जूते-चप्पल पहनकर जा रहे हैं। इससे चबूतरे के सामने जूते-चप्पलों का ढेर लग जाता है।
अब तक इनकी जा चुकीं हैं जान
अगस्त 2022: जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान दम घुटने से नोएडा निवासी निर्मला देवी और वृंदावन के रुक्मिणी बिहार निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा की मौत हो गई थी और छह श्रद्धालु घायल हो गए थे।
दिसंबर 2023: मंदिर से लौट रहीं हरि निकुंज तिराहे की बीना और महोली निवासी शिवानी की भीड़ के दबाव में मौत हो गई थी।
अक्तूबर 2025: मंदिर परिसर के गेट नंबर 4 के पास भीड़ के दबाव में मेरठ निवासी कृपाल की जान चली गई थी।
नवंबर 2025: दर्शन के लिए जाते समय भीड़ में घुटन से दिल्ली के अखिलेश की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
जून 2026: मंदिर के गेट तीन के समीप मध्य प्रदेश निवासी भारत सिंह उर्फ भरत सिंह लोधा की मौत हो गई थी।