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सीसीएसयू बना देश का पहला एआई-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय : जयंत
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 30 Jan 2026 02:54 AM IST
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सीसीएसयू बना भारत का पहला एआई-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय, जयंत चौधरी ने की घोषणा। स्रोत स्वयं
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कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, गूगल क्लाउड और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के बीच एक साझेदारी हुई। जिसके तहत सीसीएसयू भारत का पहला एआई-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय पायलट बन गया है। बुधवार को दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम के दौरान जयंत चौधरी ने यह घोषणा की। इस मौके पर सीसीएसयू कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला भी मौजूद थी।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री के विकसित भारत टेक्नोलॉजी से सशक्त सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा रणनीतिक प्रयास है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि लंबे समय से डिग्री और स्किल्स को अलग-अलग रास्ते माना जाता रहा है, लेकिन एआई अब इन्हें जोड़ने का सुनहरा मौका दे रहा है। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा गूगल भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने के सपने को पूरा समर्थन दे रहा है। इस सहयोग से सीसीएसयू गूगल क्लाउड और जेमिनी का उपयोग कर पर्सनलाइज्ड लर्निंग, एआई-संचालित करियर सपोर्ट जैसी समाधान तैयार करेगा।
हम सीसीएसयू को एआई-फर्स्ट संस्थान बनाने में मदद कर रहे हैं, ताकि भारत की शिक्षा और कौशल विकास को आधुनिक बनाया जा सके। यह पायलट प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर मानव क्षमता को अनलॉक करने का फ्रेमवर्क बनेगा। कार्यक्रम के दौरान ओपन डायलॉग में एआई से सीखने के तरीकों को बेहतर बनाने, रोजगार अवसर बढ़ाने तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं के लिए नए द्वार खोलने पर चर्चा हुई। सीसीएसयू अब एआई-फर्स्ट शिक्षा के लिए नेशनल लिविंग लेबोरेटरी के रूप में काम करेगा। जयंत चौधरी ने कहा इससे सीसीएसयू से जुड़े कॉलेजों को तुरंत लाभ मिलेगा। यहां से मिली सीख को देश के 45 हजार से अधिक कॉलेजों और 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा। यह सरकार की 60 हजार करोड़ की मॉडल आईटीआई योजना से भी जुड़ेगा, जिससे वोकेशनल संस्थान अपग्रेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एआई-सक्षम करिकुलम अपनाएंगे।
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कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री के विकसित भारत टेक्नोलॉजी से सशक्त सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा रणनीतिक प्रयास है। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि लंबे समय से डिग्री और स्किल्स को अलग-अलग रास्ते माना जाता रहा है, लेकिन एआई अब इन्हें जोड़ने का सुनहरा मौका दे रहा है। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा गूगल भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने के सपने को पूरा समर्थन दे रहा है। इस सहयोग से सीसीएसयू गूगल क्लाउड और जेमिनी का उपयोग कर पर्सनलाइज्ड लर्निंग, एआई-संचालित करियर सपोर्ट जैसी समाधान तैयार करेगा।
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हम सीसीएसयू को एआई-फर्स्ट संस्थान बनाने में मदद कर रहे हैं, ताकि भारत की शिक्षा और कौशल विकास को आधुनिक बनाया जा सके। यह पायलट प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर मानव क्षमता को अनलॉक करने का फ्रेमवर्क बनेगा। कार्यक्रम के दौरान ओपन डायलॉग में एआई से सीखने के तरीकों को बेहतर बनाने, रोजगार अवसर बढ़ाने तथा टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं के लिए नए द्वार खोलने पर चर्चा हुई। सीसीएसयू अब एआई-फर्स्ट शिक्षा के लिए नेशनल लिविंग लेबोरेटरी के रूप में काम करेगा। जयंत चौधरी ने कहा इससे सीसीएसयू से जुड़े कॉलेजों को तुरंत लाभ मिलेगा। यहां से मिली सीख को देश के 45 हजार से अधिक कॉलेजों और 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा। यह सरकार की 60 हजार करोड़ की मॉडल आईटीआई योजना से भी जुड़ेगा, जिससे वोकेशनल संस्थान अपग्रेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एआई-सक्षम करिकुलम अपनाएंगे।
