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Meerut News: भागवत कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंग सुनाए
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मेरठ..कंवलजीत..माधवपुरम खाटूश्याम मंदिर से निकली निशान यात्रा में शामिल श्रद्धालु.......संवाद
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प्रभात नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान डॉ. राम प्रकाश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव स्वयं कन्हैया के दर्शन के लिए गोकुल आए। तब यशोदा मैया उन्हें भौतिक वस्तुएं देना चाहती थीं। शिव ने स्पष्ट किया कि उन्हें कान्हा के ही दर्शन चाहिए। यशोदा मैया ने जब कन्हैया का दर्शन कराया तो शिव प्रेमानंद में डूब गए।
डॉ. राम प्रकाश शास्त्री ने पूतना उद्धार की कथा भी सुनाई। इसमें पूतना को अज्ञान और अविद्या का प्रतीक बताया गया। पूतना कंस के आदेश पर अनेक शिशुओं का वध करके आई थी। भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना को देखते ही अपने नेत्र बंद कर लिए। इससे यह शिक्षा मिलती है कि दुर्जन से कभी नेत्र नहीं मिलाने चाहिए। कथा व्यास ने समझाया कि बिच्छू और सर्प के विष की तुलना में दुर्जनता कहीं अधिक घातक होती है।
कथा में शुक्रवार को वृंदावन की रासलीला, होली की लीला और गोवर्धन प्रसंग का वर्णन होगा। इसके उपरांत भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा। कथा में निर्मला बंसल, शुभम, प्रतिभा, काजल, अभिनव, दिनेश, ईला, उमेश रहे।
राधा कृष्ण मंदिर में तिथि पत्र का विमोचन बुढ़ाना गेट सिद्धपीठ स्थित भूतेश्वरनाथ महादेव एवं दुर्गा मंदिर में श्रीराधा कृष्ण का प्राण प्रतिष्ठा उत्सव आयोजित किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में स्नान आदि के बाद तिथि पत्र का विमोचन किया गया। मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि 30 जनवरी को हवन, भोग और भंडारा हुआ।
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डॉ. राम प्रकाश शास्त्री ने पूतना उद्धार की कथा भी सुनाई। इसमें पूतना को अज्ञान और अविद्या का प्रतीक बताया गया। पूतना कंस के आदेश पर अनेक शिशुओं का वध करके आई थी। भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना को देखते ही अपने नेत्र बंद कर लिए। इससे यह शिक्षा मिलती है कि दुर्जन से कभी नेत्र नहीं मिलाने चाहिए। कथा व्यास ने समझाया कि बिच्छू और सर्प के विष की तुलना में दुर्जनता कहीं अधिक घातक होती है।
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कथा में शुक्रवार को वृंदावन की रासलीला, होली की लीला और गोवर्धन प्रसंग का वर्णन होगा। इसके उपरांत भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा। कथा में निर्मला बंसल, शुभम, प्रतिभा, काजल, अभिनव, दिनेश, ईला, उमेश रहे।
राधा कृष्ण मंदिर में तिथि पत्र का विमोचन बुढ़ाना गेट सिद्धपीठ स्थित भूतेश्वरनाथ महादेव एवं दुर्गा मंदिर में श्रीराधा कृष्ण का प्राण प्रतिष्ठा उत्सव आयोजित किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में स्नान आदि के बाद तिथि पत्र का विमोचन किया गया। मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि 30 जनवरी को हवन, भोग और भंडारा हुआ।
