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मेरठ: चार श्रद्धालुओं की मौत पर फूटा गुस्सा, मुआवजे के लिए कांवड़ पटरी जाम; एनएच-58 पर भी आंदोलन की चेतावनी

Mon, 12 Oct 2026 02:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 12 Oct 2026 02:04 PM IST
सार

देवबंद हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत के बाद कुशावली के ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर कांवड़ पटरी पर जाम लगाया। मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख और घायलों को 10-10 लाख रुपये देने की मांग की गई। आधे घंटे में अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने एनएच-58 जाम करने की चेतावनी दी।

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Villagers Block Kanwar Track in Meerut Demanding Compensation After Four Devotees Die in Accident
जाम लगाते परिजन व ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में सड़क हादसे में कुशावली गांव के चार श्रद्धालुओं की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। घायल युवकों को साथ लेकर ग्रामीणों ने चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर अटेरना गंगनहर पुल के पास जाम लगा दिया।

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उन्होंने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख और घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने आधे घंटे के भीतर वार्ता नहीं होने पर एनएच-58 जाम करने का अल्टीमेटम दिया।
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कांवड़ पटरी पर वाहनों की आवाजाही बाधित
जाम के कारण कांवड़ पटरी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि हादसे में चार लोगों की मौत से कई परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। किसी परिवार ने बेटा खोया है तो किसी ने आजीविका चलाने वाला सदस्य। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा कराने की मांग की।

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ज्योत लेकर लौटने की उम्मीद थी, गांव पहुंचीं चार अर्थियां
कुशावली गांव के अमन पुत्र चंदन, पंकज पुत्र ओमप्रकाश, बिल्लू उर्फ रमेश पुत्र सूरज बली और सागर सोम पुत्र राजेंद्र सात अक्तूबर को मां शाकुंभरी देवी की ज्योत लेने गए थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली से लौटते समय शुक्रवार रात देवबंद क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में चारों की मौत हो गई थी। दुर्घटना में गांव के कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। शनिवार को चारों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार चिताएं जलने से पूरे गांव में शोक छा गया था।

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किसी ने मजदूरी तो किसी ने नौकरी से संभाला था परिवार
मृतकों में करीब 45 वर्षीय पंकज मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। 26 वर्षीय अमन कैपरी फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। 24 वर्षीय सागर सहारनपुर की एक कंपनी में कार्यरत था, जबकि करीब 55 वर्षीय बिल्लू उर्फ रमेश खेतीबाड़ी करके परिवार चलाते थे।

मुआवजे की मांग पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है। अब आर्थिक सहायता की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अधिकारियों की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर एनएच-58 पर भी जाम लगाया जाएगा।

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