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Mirzapur News: बरसात से पहले 1.99 लाख क्विंटल भूसे के लिए बनेगा बफर स्टॉक
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- जिले के 49 पशु आश्रय स्थल में संरक्षित हैं 14365 पशु
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। पशु आश्रय स्थल में संरक्षित पशुओं के लिए भूसे की समस्या न हो। बरसात से पहले 1.99 लाख क्विंटल भूसे के लिए बफर स्टॉक बनेगा। बरसात में भूसा बहुत महंगा हो जाता है। प्राय: उपलब्ध भी नहीं होती। इस समस्या के निदान के लिए पशु पालन विभाग ने पहले से ही भूसे के बफर स्टॉक के लिए तैयारी कर ली है। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के छोटे-बड़े 49 पशुआश्रय स्थलाें में 14365 संरक्षित पशु हैं। इतनी संख्या में पशुओं के लिए भूसा और चारा की व्यवस्था करना भी एक कठिन काम है, विशेषकर उस समय जबकि एक संरक्षित पशु की प्रतिदिन की खुराक के लिए 50 रुपये ही निर्धारित हैं। ऐसे में पशु पालन विभाग भूसा खरीदकर या दान में प्राप्त कर भूसा एकत्रीकरण अभियान चला रहा है ताकि बरसात से पहले बनाया गया बफर स्टॉक बारिश में काम आएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि अभियान शुरू हो गया है। अब तक 15376 क्विंटल भूसा एकत्र किया जा चुका है। इसमें दान में मिले 165 क्विंटल भूसा शामिल है।
इनसेट
हर ब्लॉक में बनेगा भूसा बैंक
जिले के सभी 12 ब्लॉकों में भूसा बैंक बनाया जाएगा। इसके लिए गोआश्रय स्थल की खाली जगह का उपयोग किया जाएगा। जहांं पर भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां पर आसपास में या पास के अन्य गोआश्रय स्थल में भूसा एकत्रीकरण किया जाएगा।
कोन और सीखड़ में मात्र एक-एक पशु आश्रय स्थल
जिले में 49 पशु आश्रय स्थल हैं। इनमें सबसे अधिक हलिया में नौ हैं जबकि सबसे कम कोन व सीखड़ ब्लॉक मेंं एक-एक हैं। इसी प्रकार सिटी व पटेहरा में इनकी संख्या छह है। जबकि राजगढ़, छानबे मेंं पांच, पहाड़ी और जमालपुर में तीन और नरायनपुर व मझवां में दो-दो की संख्या में पशु आश्रय स्थल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। पशु आश्रय स्थल में संरक्षित पशुओं के लिए भूसे की समस्या न हो। बरसात से पहले 1.99 लाख क्विंटल भूसे के लिए बफर स्टॉक बनेगा। बरसात में भूसा बहुत महंगा हो जाता है। प्राय: उपलब्ध भी नहीं होती। इस समस्या के निदान के लिए पशु पालन विभाग ने पहले से ही भूसे के बफर स्टॉक के लिए तैयारी कर ली है। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के छोटे-बड़े 49 पशुआश्रय स्थलाें में 14365 संरक्षित पशु हैं। इतनी संख्या में पशुओं के लिए भूसा और चारा की व्यवस्था करना भी एक कठिन काम है, विशेषकर उस समय जबकि एक संरक्षित पशु की प्रतिदिन की खुराक के लिए 50 रुपये ही निर्धारित हैं। ऐसे में पशु पालन विभाग भूसा खरीदकर या दान में प्राप्त कर भूसा एकत्रीकरण अभियान चला रहा है ताकि बरसात से पहले बनाया गया बफर स्टॉक बारिश में काम आएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि अभियान शुरू हो गया है। अब तक 15376 क्विंटल भूसा एकत्र किया जा चुका है। इसमें दान में मिले 165 क्विंटल भूसा शामिल है।
इनसेट
हर ब्लॉक में बनेगा भूसा बैंक
जिले के सभी 12 ब्लॉकों में भूसा बैंक बनाया जाएगा। इसके लिए गोआश्रय स्थल की खाली जगह का उपयोग किया जाएगा। जहांं पर भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां पर आसपास में या पास के अन्य गोआश्रय स्थल में भूसा एकत्रीकरण किया जाएगा।
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कोन और सीखड़ में मात्र एक-एक पशु आश्रय स्थल
जिले में 49 पशु आश्रय स्थल हैं। इनमें सबसे अधिक हलिया में नौ हैं जबकि सबसे कम कोन व सीखड़ ब्लॉक मेंं एक-एक हैं। इसी प्रकार सिटी व पटेहरा में इनकी संख्या छह है। जबकि राजगढ़, छानबे मेंं पांच, पहाड़ी और जमालपुर में तीन और नरायनपुर व मझवां में दो-दो की संख्या में पशु आश्रय स्थल हैं।
